IND vs WI: सिर्फ 6 महीने में बदली प्रसिद्ध कृष्णा की जिंदगी, अब बंद किये भुवनेश्वर की वापसी के रास्ते

नई दिल्ली। किसी खिलाड़ी का जीवन सिर्फ 6 महीने में कैसे बदल सकता है, इस बात का पता प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन से चलता है, जिन्होंने पिछले साल 26 सितंबर को अपने करियर का सबसे महंगा ओवर फेंका था। आईपीएल 2021 का दूसरा लेग यूएई में खेला जा रहा था, जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स की टीम का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से हो रहा था। केकेआर की टीम के लिये प्रसिद्ध कृष्णा ने पूरे मैच में अच्छी गेंदबाजी की थी और 19वां ओवर फेंकने आये थे। अबुधाबी के शेख जायेद स्टेडियम में खेले गये इस मैच में बल्लेबाजी पर रविंद्र जडेजा मौजूद थे जिन्होंने उनके इस ओवर में जबरदस्त शॉट खेलकर 27 रन बटोर डाले। नतीजन सीएसके की टीम मैच जीत गई।
कर्नाटक का यह तेज गेंदबाज कोलकाता की हार की वजह बना और उन्होंने खुद को इसके लिये जिम्मेदार भी माना। दूसरे लेग में केकेआर की टीम एक भी मैच नहीं हारी थी लेकिन यह पहला मैच था जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से प्रसिद्ध कृष्णा टूर्नामेंट के बचे हुए मैचों में मुश्किल ही नजर आये।
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2019 विश्वकप के बाद पहली बार भारत ने किया यह कारनामा
कृष्णा के लिये भले ही यह मैच किसी बुरे सपने की तरह रहा हो लेकिन भारतीय टीम पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण, पूर्व कप्तान विराट कोहली, पूर्व कोच रवि शास्त्री और मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा सभी इस गेंदबाज को भारतीय टीम का भविष्य मानते हैं और अच्छी बात ही कहते हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज के दूसरे मैच में प्रसिद्ध कृष्णा ने भी यह साबित कर दिया कि वो क्यों इस बात के हकदार हैं। प्रसिद्ध कृष्णा के पास 140 की गति से बॉल फेंकते हुए गेंद को बाउंस और लेंथ से सीम कराने का टैलेंट हो जो कि बहुत कम खिलाड़ियों के पास होता है, इसके साथ उनका बॉलिंग एक्शन भी शानदार है, जो ऊपर से आता है, कद अच्छा होने की वजह से यह इतना प्रभावी होता है कि भारतीय क्रिकेट टीम वो करने में कामयाब हो गई जो बहुत मुश्किल होता है।
वनडे क्रिकेट में बहुत कम बार होता है कि भारतीय टीम 240 से कम का लक्ष्य रखे और उसे सफलता पूर्वक बचा ले लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा के टैलेंट के दम पर बुधवार को यही देखने को मिला। आखिरी बार यह कारनामा भारत के लिये 2019 विश्वकप में साउथैम्पटन के मैदान पर हुआ था जब भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ मोहम्मद शमी की हैट्रिक के दम पर 224 रनों के लक्ष्य को 11 रनों से बचाया था।

लगातार अच्छी बॉलिंग कर रहे हैं प्रसिद्ध कृष्णा
प्रसिद्ध कृष्णा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में खेले गये आखिरी वनडे मैच में भी अच्छी गेंदबाजी की थी और 59 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किये थे। वहीं अहमदाबाद में खेले गये पहले वनडे मैच में भी उन्होंने शानदार बॉलिंग करते हुए 10 ओवर्स में सिर्फ 29 रन दिये और 2 विकेट झटके। साउथ अफ्रीका दौरे पर भारतीय पेसर्स का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था, जहां पर वो स्विंग और परिस्थितियों पर ज्यादा निर्भर नजर आ रहे थे, हालांकि अब ऐसा लग रहा है कि टीम मैनेजमेंट ने उन गेंदबाजों को बैक करने का फैसला कर लिया है जो हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी कर गेंद की सीम करा सकें। पावरप्ले में विकेट चटकाने की जरूरत ने भी प्रसिद्ध कृष्णा में टीम का विश्वास जीता।

कृष्णा ने खत्म किया पावरप्ले में विकेट न मिलने का सूखा
जब भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही थी और उसके खिलाड़ी कैरिबियाई गेंदबाजों के सामने संघर्ष कर रहे तो वहीं पर ड्रेसिंग रूम में बैठे प्रसिद्ध कृष्णा इस बात को समझ रहे थे कि अगर वो वेस्टइंडीज के बॉलर्स की तरह लगातार हार्ड लेंथ पर गेंद फेंके तो वो भी फायदा उठा सकते हैं। पहले 7 ओवर्स में 32 रन लुटा कर विकेटलेस रही कैरिबियाई टीम के सामने कप्तान रोहित शर्मा ने जब प्रसिद्ध कृष्णा को गेंद दी तो उन्होंने शॉर्ट गेंद फेंकर ब्रैंडन किंग को पंत के हाथों कैच कराया। प्रसिद्ध कृष्णा भारत और कर्नाटक के सबसे अच्छे सीम बॉलर्स में से एक हैं, जिन्हें जवागल श्रीनाथ की तरह गेंद को बायें हाथ के बल्लेबाज के पास से निकाल कर कैच कराने में मजा आता है। कृष्णा के इस हुनर ने उन्हें डैरेन ब्रावो का विकेट दिलाया और उनका पहला स्पेल (4 ओवर, 2 मेडेन, 3 रन , 2 विकेट) समाप्त हो गया।

बंद किये भुवनेश्वर की वापसी के रास्ते
कप्तान रोहित शर्मा लगातार विकेट की तलाश कर रहे थे, इसी फेहरिस्त में जब एक बार फिर साझेदारी पनपने लगी तो उन्होंने पहली स्लिप पर खुद को लगाकर एक ओवर के स्पेल के लिये कृष्णा को फिर से बुलाया और उन्होंने विंडीज के कप्तान निकोलस पूरन का विकेट लेकर यह सफलता दिलायी। पूरन को फेंकी गई यह गेंद बिल्कुल रोहित शर्मा को फेंकी गई गेंद की कॉपी थी जिसे न तो कट किया जा सकता था और न ही ड्राइव, इसे स्लाइस करने के चक्कर में पूरन कैच थमा बैठे। इस विकेट के साथ ही वेस्टइंडीज के लिये लगभग मैच समाप्त हो गया और उन्होंने अपने 9 ओवर के स्पेल में 3 मेडेन फेंके, जिसमें 12 रन देकर अपने खाते में 4 विकेट हासिल किये।
प्रसिद्ध कृष्णा के लिये यह कहना गलत नहीं होगा कि अपने इस प्रदर्शन के जरिये उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी के रास्तों पर ताला लगा दिया है और सीमित ओवर्स प्रारूप में बुमराह का बॉलिंग पार्टनर बनने के सबसे बड़े दावेदार बनकर उभरे हैं।












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