मोहसिन नकवी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की हुई मीटिंग, क्या पाकिस्तान ने लिया वर्ल्ड कप से हटने का फाइनल फैसला
क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन खेल के मैदान से ज्यादा हलचल अब सत्ता के गलियारों में हो रही है। बांग्लादेश के टूर्नामेंट से अचानक हटने के फैसले ने एक ऐसी चिंगारी सुलगा दी है, जो अब पाकिस्तान तक पहुँच चुकी है। पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने एक बेहद सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान इस वर्ल्ड कप का पूरी तरह बहिष्कार कर सकता है।
नकवी का तर्क है कि जब बांग्लादेश जैसे देश को सुरक्षा के नाम पर हाइब्रिड मॉडल की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें बाहर होना पड़ा, तो आईसीसी के नियमों की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े होते हैं। इस पूरे ड्रामे का केंद्र अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का दफ्तर बन गया है।

मोहसिन नकवी ने पीएम के साथ एक गोपनीय बैठक की है, जिसमें पाकिस्तान के टूर्नामेंट में शामिल होने के 'फायदे और नुकसान' पर चर्चा की गई। सोशल मीडिया पर नकवी ने कहा कि पीएम से बात हुई है और पीसीबी का फैसला आने वाले कुछ दिनों में सामने आएगा। 30 जनवरी या एक फरवरी तक कोई फैसला लिया जा सकता है। इस बीच एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान पूरी तरह से टी20 वर्ल्ड कप का बॉयकॉट नहीं करेगा, वह इसमें खेलेगा।
दिलचस्प बात यह है कि आईसीसी ने इस धमकी को हल्के में नहीं लिया है और बैकअप के तौर पर युगांडा जैसी टीमों को स्टैंडबाय पर रखने की योजना शुरू कर दी है। पाकिस्तान के भीतर भी दो फाड़ नजर आ रहे हैं, कुछ पूर्व खिलाड़ी बहिष्कार को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे पाकिस्तान क्रिकेट की आत्महत्या मान रहे हैं।
यदि पाकिस्तान 30 जनवरी तक अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाता, तो आईसीसी उन्हें मिलने वाले फंड्स पर रोक लगा सकती है। अब सारा दारोमदार आने वाले 48 घंटों पर है। क्या पाकिस्तान आईसीसी की धमकियों के आगे झुकेगा या फिर 2026 वर्ल्ड कप इतिहास का पहला ऐसा टूर्नामेंट बनेगा जिसमें एशिया की दो बड़ी टीमें (बांग्लादेश और पाकिस्तान) नदारद रहेंगी?












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