महेंद्र सिंह धोनी का ध्यान जीत की तरफ होता था और वह उत्कृष्ट कप्तान थे, दक्षिण अफ्रीका से आया बयान
महेंद्र सिंह धोनी को भारत के सफलतम कप्तानों में गिना जाता है, टीम इंडिया को उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंटों में अच्छा काम किया।

MS Dhoni: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अलग-अलग कोचों के साथ काम किया है। भारतीय टीम को तीन आईसीसी ट्रॉफी धोनी की कप्तानी में ही मिली थी। उनमें सबसे अहम साल 2011 में जीता वर्ल्ड कप है। सचिन तेंदुलकर, वीरेंदर सहवाग, जहीर खान जैसे दिग्गज भी उस टूर्नामेंट में थे। उसी टूर्नामेंट के दौरान टीम इंडिया के हेड कोच की भूमिका में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी गैरी कर्स्टन भी थे। धोनी की कप्तानी को लेकर अब उन्होंने एक बड़ी बात कही है।
लीडर के तौर पर थे धोनी स्पष्ट
फाइनल वर्ड क्रिकेट पॉडकास्ट के दौरान कर्स्टन ने कहा कि हर कोच ऐसे खिलाड़ी टीम में चाहता है जो अपनी जर्सी के आगे लिखे नाम के लिए खेले, न कि पीछे लिखे हुए नाम के लिए खेलता दिखे। भारत में व्यक्तिगत सुपरस्टार्स की चर्चा होती है और यह मुश्किल जगह है। इस दौरान आप भी कहीं खो जाते हो। धोनी बतौर कप्तान खड़े होकर सिर्फ ट्रॉफी जीतना चाहते थे। एक लीडर के तौर पर वह खुद को फोकस रखते थे। सचिन ने भी क्रिकेट का आनन्द उठाना शुरू कर दिया था।
कप्तान-कोच का बेहतरीन रिश्ता बना
कर्स्टन ने अपने साथ धोनी के रिश्तों को लेकर भी अहम बयान देते हुए तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी और मैंने कप्तान-कोच की एक ऐसी साझेदारी का निर्माण किया था जो आपको शायद इंटरनेशनल क्रिकेट में मुश्किल से ही देखने को मिले। इसके बाद हम दोनों ने ही अपना सफर एक शानदार तरीके से समाप्त किया था।
भारत के सफलतम कप्तानों में से एक हैं धोनी
गौरतलब है कि महेंद्र सिंह धोनी को भारत के सफलतम कप्तानों में से एक माना जाता है। उन्होंने साल 2007 में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही संस्करण में टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। इसके बाद साल 2011 में वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन भारत में हुआ था और टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था। गैरी कर्स्टन उस समय टीम इंडिया के कोच थे। धोनी के नेतृत्व में भारत ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब भी हासिल किया था।












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