मोहम्मद शमी ने दी थी हार्दिक को ये सलाह, धोनी-कोहली और रोहित से की तुलना
नई दिल्ली। गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का मानना है कि कप्तान हार्दिक पांड्या टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद से काफी नरम हो गए हैं। गुजरात टाइटन्स ने पांड्या के नेतृत्व में उम्मीदों से ऊपर उठकर आईपीएल 2022 में प्लेऑफ में जगह बनाने वाली पहली टीम बन गई। टाइटंस अब 12 मैचों में 18 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। अपनी चोट से खेल में वापसी के लंबे इंतजार के बाद पांड्या ने अपनी सामरिक क्षमता और टीम के लिए तीनों विभागों में प्रदर्शन के लिए प्रशंसा प्राप्त की।

शमी को हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से कहा, "हार्दिक कप्तान बनने के बाद और अधिक सामान्य हो गया है। उसके रिएक्शन अब शांत भरे होते हैं। मैंने उन्हें सलाह दी है कि मैदान पर अपनी भावनाओं पर काबू रखें क्योंकि पूरी दुनिया क्रिकेट देखती है। एक कप्तान के रूप में समझदार होना और परिस्थितियों को समझना बहुत अहम है और उन्होंने उस भूमिका को पूर्णता के साथ निभाया है।"
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शमी ने जीटी के लिए सबसे अधिक 16 विकेट लिए हैं। वह राशिद खान और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे अन्य घातक गेंदबाजों के साथ टीम में एक महान बाॅलर है। 31 वर्षीय गेंदबाज शमी ने पांड्या की कप्तानी शैली की तुलना एमएस धोनी और विराट कोहली से की। उन्होंने कहा, ''हर कप्तान का स्वभाव अलग होता है। माही (धोनी) भाई शांत थे, विराट आक्रामक थे, रोहित मैच परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ते हैं, इसलिए हार्दिक की मानसिकता को समझना रॉकेट साइंस नहीं है। उनका स्वभाव भी ऐसा ही है।"
शमी इस समय दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक हैं। वह पावरप्ले में टीम के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में रहे हैं और उन्होंने जीटी को महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाई हैं। वह भारतीय टीम के लिए भी खास रहे हैं और उन्होंने टीम में अनुभवी खिलाड़ी होने की जिम्मेदारियों को निभाना सुनिश्चित किया है। इस साल टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, ''जहां तक मेरे प्रदर्शन का सवाल है, जब भी मुझे सफेद गेंद दी गई, मैंने हमेशा अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश की। सिर्फ इस सीजन में ही नहीं, अगर आप पिछले चार सीजन को देखें तो आप देख सकते हैं कि किसी ने (जिस टीमों में उन्होंने खेला) मुझसे ज्यादा विकेट नहीं लिए। जब भी मुझे कोई जिम्मेदारी सौंपी जाती है, मैंने हमेशा उस पर खरा उतरने की कोशिश की है। मैंने हमेशा अपनी क्षमता के 100 प्रतिशत तक अपनी भूमिका निभाने की कोशिश की है।"












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