जसप्रीत बुमराह की वापसी का समय: अब होगी फिटनेस की असली परीक्षा, क्या वर्ल्ड कप के लिए होंगे पूरी तरह तैयार?
जसप्रीत बुमराह भारत के लिए आयरलैंड में तीन टी20 मैचों की सीरीज में शुक्रवार को मैदान में उतरेंगे, यह उनके 326 दिनों के इंतजार का अंत होगा। पिछली बार 25 सितंबर, 2022 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 में देश के लिए खेलने वाले बुमराह, सबसे छोटी प्रारूप में वापसी करेंगे और आयरलैंड में टीम का नेतृत्व भी करेंगे।
विश्व कप 5 अक्टूबर से शुरू होगा, और 29 वर्षीय खिलाड़ी के पास अपनी पूरी फिटनेस को साबित करने के लिए आयरलैंड में तीन टी20, एशिया कप में अधिकतम छह वनडे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे हैं।

बुमराह ने हाल के हफ्तों में कुछ अभ्यास मैच खेले हैं और नेट्स में गेंदबाजी की है, लेकिन उनका शरीर इंटरनेशनल क्रिकेट की मांग को कैसे झेलेगा?
भारतीय टीम के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन का मानना है कि बुमराह को दो चीजों पर ध्यान देना होगा- शारीरिक व मानसिक रूप से ढलना और प्रोग्रेस करना। रामजी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा है, "बुमराह को धीरे-धीरे आगे बढ़ना होगा। यह बहुत महत्वपूर्ण है। उसे गेम-दर-गेम लेना होगा। लय को धीरे-धीरे खोजना होगा। अति उत्साही नहीं होना है। धीरे-धीरे विकसित करना होगा। स्ट्रैस फ्रैक्चर के बाद बॉडी में बॉयो मैकेनिक परिवर्तन भी हो सकते हैं।"
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एल बालाजी, जिन्होंने खुद स्ट्रेस फ्रेक्चर के बाद सर्जरी कराई थी और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी, का मानना है कि शुरुआत में गेंदबाज को अपनी बॉडी पर यकीन करने में थोड़ा टाइम लग सकता है।
बालाजी ने भी कहा कि बुमराह को धीरे-धीरे बॉलिंग करनी होगी और बाद में अपना वर्कलोड बढ़ाना होगा। बुमराह के मामले में उनका एक्शन एक दोधारी तलवार है। एक तरफ इसने उन्हें 319 अंतरराष्ट्रीय विकेट दिलाए हैं, और दूसरे तरफ निचली पीठ पर भी बहुत दबाव डाला है।
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बालाजी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए कहा, जसप्रीत बुमराह के फ्रैक्चर के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर, यह तब होता है जब आपका एक्शन मिक्सर होता है (साइड-ऑन और फ्रंट-ऑन का मिक्स)। मुझे लगता है कि बुमराह का एक अनोखा एक्शन है। वह एक्शन पूरी तरह से नहीं बदल सकता क्योंकि वह उसका दूसरा स्वभाव बन चुका है। ये तो बुमराह को सबसे अच्छा पता है। हो सकता है कि उन्होंने एक्शन में मामूली बदलाव किए हों।
जैसे-जैसे हम विश्व कप के के करीब आते हैं, भारतीय टीम प्रबंधन के सामने बुमराह के वर्कलोड को लेकर एक समस्या है। बालाजी चाहते हैं कि बुमराह विश्व कप से पहले हर मैच खेलें। बुमराह को विश्व कप से पहले उपलब्ध मैचों में लगभग 75% मैच फिटनेस प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि वे वर्ल्ड कप में आत्मविश्वास से जा सकें। पिछले एक साल में बुमराह की रिकवरी के रास्ते में कुछ ना कुछ अड़चने आई हैं। अगर भारत को इस साल आईसीसी ट्रॉफी के अपने 10 साल के इंतजार को खत्म करना है, तो वे एक और रुकावट का सामना नहीं कर सकते।












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