IPL Mini Auction Rules 2026: नीलामी में छप्पर फाड़कर बरसेगा पैसा? फिर भी मायूस होंगे कुछ खिलाड़ी, नियम है सख्त
IPL Mini Auction Rules 2026: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2026 (IPL 2026) के लिए मिनी-ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी में होने जा रही है। इस नीलामी में दस फ्रेंचाइज़ियों को 77 खाली स्लॉट भरने के लिए 350 खिलाड़ियों के पूल पर बोली लगानी है। इस पूल में 240 भारतीय और 110 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 224 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों पर बोली लगाई जाएगी।
किस टीम के पास है सबसे अधिक पैसा (IPL Mini Auction Rules 2026)
हर फ्रेंचाइज़ी को 25 खिलाड़ियों का स्क्वॉड बनाने के लिए कुल 125 करोड़ रुपये का सैलरी कैप मिला है। चूंकि यह एक मिनी-ऑक्शन है, इसलिए टीमों के पास खर्च करने के लिए बची हुई राशि अलग-अलग है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के पास सबसे ज्यादा 64.3 करोड़ रुपये हैं, क्योंकि उन्होंने वेंकटेश अय्यर और आंद्रे रसेल जैसे महंगे खिलाड़ियों को रिलीज़ किया है। वहीं मुंबई इंडियंस के पास खर्च करने के लिए सबसे कम 2.75 करोड़ रुपये बचे हैं।

विदेशी खिलाड़ी को नहीं मिलेंगे 18 करोड़ से ज्यादा पैसे
स्क्वॉड की अधिकतम सीमा 25 खिलाड़ी है, लेकिन एक टीम में अधिकतम आठ विदेशी खिलाड़ी ही हो सकते हैं। इस बार मिनी-ऑक्शन में एक बड़ा नियम परिवर्तन हुआ है। अब किसी भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को मिलने वाली अधिकतम फीस 18 करोड़ रुपये तक सीमित होगी। दरअसल, यह कैप दो मूल्यों में से कम होगा। उच्चतम रिटेंशन प्राइस (जो कि 18 करोड़ रुपये है) या पिछली मेगा नीलामी में रिकॉर्ड की गई उच्चतम बोली।
ऋषभ पंत पर लगी थी सबसे बड़ी बोली
पिछली नीलामी में ऋषभ पंत पर 27 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली लगी थी। लेकिन नए नियम के तहत विदेशी खिलाड़ी की अधिकतम सैलरी अब 18 करोड़ रुपये ही होगी। यदि किसी खिलाड़ी पर 18 करोड़ से अधिक की बोली लगती है, तो अतिरिक्त राशि BCCI को चली जाएगी। जिसका उपयोग खिलाड़ी विकास कार्यक्रम के लिए किया जाएगा।
जानिए क्या कहते हैं नियम
आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने विदेशी खिलाड़ियों के लिए सख्त नियम बनाए हैं ताकि वे पैसों के लिए मांग-आपूर्ति का फायदा न उठा सकें। यदि कोई पूरी तरह से फिट विदेशी खिलाड़ी मेगा नीलामी (2025) के लिए पंजीकरण नहीं कराता है, तो उसे एक साल के लिए टूर्नामेंट से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यदि कोई खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद सीजन शुरू होने से पहले टूर्नामेंट से हट जाता है तो उसे अगली दो मिनी-नीलामी से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
खिलाड़ियों को लेकर बीसीसीआई सख्त
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक पर यह नियम लागू हुआ है, और वह इस नीलामी में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। मिनी-नीलामी का एक प्रमुख अंतर यह है कि इसमें राइट टू मैच (RTM) कार्ड का उपयोग नहीं होगा। इसका मतलब है कि टीमें अपने किसी भी रिलीज़ किए गए खिलाड़ी को वापस पाने के लिए बोली में सबसे ऊंची कीमत खुद से मैच नहीं कर पाएंगी। उन्हें उस खिलाड़ी को दोबारा खरीदने के लिए अन्य टीमों के साथ सक्रिय रूप से बोली लगानी होगी।












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