Pepsi Sharma Death: 38 की उम्र में फेमस हरियाणवी सिंगर पेप्सी शर्मा की मौत, कैसे गई जान? क्या थी गायक की जाति?
Pepsi Sharma Death: हरियाणवी लोक संगीत और रागिनी की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अपने दमदार स्टेज परफॉर्मेंस और अनूठी गायकी के लिए पहचान रखने वाले लोकप्रिय लोक कलाकार पेप्सी शर्मा का निधन हो गया है। उनके अचानक दुनिया छोड़ जाने की खबर ने न सिर्फ हरियाणवी इंडस्ट्री बल्कि लोक संस्कृति से जुड़े लाखों प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सीने में दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार 38 साल के पेप्सी शर्मा की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस खबर के सामने आते ही उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

कौन हैं पेप्सी शर्मा, जिन्होंने छोटे से गांव से निकलकर बनाई बड़ी पहचान?
-पेप्सी शर्मा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के निवाड़ी क्षेत्र स्थित पतला गांव के रहने वाले थे। साधारण ग्रामीण परिवेश से आने वाले इस कलाकार ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर लोक संगीत की दुनिया में खास मुकाम हासिल किया था। उन्होंने रागिनी गायन और लोक मंचों पर अपनी अलग शैली विकसित की थी, जिसने उन्हें लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था।
-पेप्सी शर्मा की पहचान सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं थी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के कई राज्यों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मेलों और लोक मंचों पर उनकी प्रस्तुति का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते थे। ग्रामीण संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़े उनके कार्यक्रमों को हर उम्र के लोगों का भरपूर प्यार मिला।
लोक मंचों का चमकता सितारा था ये कलाकार
वर्षों तक रागिनी कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले पेप्सी शर्मा को हरियाणवी लोक कला का अहम स्तंभ माना जाता था। उनकी आवाज और मंच संचालन की शैली ने उन्हें लोक कलाकारों की भीड़ में अलग पहचान दिलाई थी। यही वजह है कि उनके निधन को हरियाणवी मनोरंजन और लोक संस्कृति जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
क्या थी पेप्सी शर्मा की जाति और धर्म?
-जानकारी के अनुसार लोकप्रिय हरियाणवी कलाकार और रागिनी गायक पेप्सी शर्मा ब्राह्मण समुदाय से थे। 'शर्मा' मूल रूप से कोई जाति नहीं बल्कि एक हिंदू ब्राह्मण उपनाम (Surname) है। संस्कृत में 'शर्मन्' (Sarman) शब्द का अर्थ आनंद, सुख और कल्याण होता है। प्राचीन काल से ही ब्राह्मण वर्ण के लोग अपने नाम के अंत में इस उपाधि का उपयोग करते आ रहे हैं।
-शर्मा एक प्रतिष्ठित ब्राह्मण उपनाम है। कहा जाता है कि विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम ने राजा जैसन को ये उपनाम दिया था। शर्मा उपनाम उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में विशेष रूप से लोकप्रिय है। ये राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के आदि गौड़ ब्राह्मणों, कान्यकुब्ज ब्राह्मणों और सारस्वत ब्राह्मणों में प्रमुखता से इस्तेमाल किया जाता है। पेप्सी शर्मा हिंदू धर्म का पालन करते थे।
सपना चौधरी के साथ भी बटोरी थी सुर्खियां
पेप्सी शर्मा का नाम हरियाणवी डांस और रागिनी जगत की सुपरस्टार सपना चौधरी के साथ भी कई बार चर्चा में रहा। दोनों कलाकारों ने कई मंचों पर एक साथ प्रदर्शन किए थे। साल 2017 में सपना चौधरी और पेप्सी शर्मा के बीच हुए एक चर्चित रागिनी मुकाबले ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर काफी लोकप्रिय हुआ था और आज भी दर्शकों के बीच पसंद किया जाता है।
सोशल मीडिया पर उमड़ा श्रद्धांजलि का सैलाब
-पेप्सी शर्मा के निधन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस, सह-कलाकार और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लोग उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें हरियाणवी लोक कला का अनमोल कलाकार बता रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि उनकी कमी को भर पाना आसान नहीं होगा।
-पेप्सी शर्मा ने अपने जीवन के जरिए ये साबित किया कि प्रतिभा और समर्पण किसी भी कलाकार को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। उनकी गायकी और स्टेज परफॉर्मेंस आने वाले कई सालों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी। हरियाणवी लोक संगीत जगत ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसकी आवाज और कला को लंबे समय तक याद किया जाएगा।












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