कौन हैं RCB की तरफ से डेब्यू करने वाले Saurav Chauhan, ग्राउंड्समैन पिता का पूरा हुआ सपना! संघर्ष भरी है कहानी
IPL 2024 Rajasthan Royals vs Royal Challengers Bengaluru: राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु की टीम ने सौरभ चौहान को डेब्यू करने का मौका दिया है। आरसीबी की टीम में एक बड़ा बदलाव किया गया है। टीम ने अनुज रावत की जगह एक युवा बल्लेबाज सौरभ चौहान पर भरोसा जताया है।
पिता करते थे ग्राउंड्मैसन का काम
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने इस साल मिनी ऑक्शन में सौरभ चौहान को 20 लाख रुपये में खरीदा था। सौरभ चौहान के पिता दिलीप चौहान सरदार पटेल स्टेडियम में ग्राउंड्समैन के रूप में काम किया करते थे। इस दौरान उन्होंने कई खिलाड़ियों को मैदान पर बेहद करीब से क्रिकेट खेलता देखा था। दिलीप चौहान की ख्वाहिश अपने बेटे को क्रिकेट खेलते हुए देखने की थी।

घरेलू टूर्नामेंट में किया है कमाल
जब सौरभ के पिता स्टेडियम में ग्राउंड्समैन का काम करते थे। उस दौरान सौरव अपनी क्रिकेट की ट्रेनिंग किया करते थे। सौरभ ने रणजी ट्रॉफी दिलीप और मुस्ताक अली ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठ घरेलू टूर्नामेंट में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। घरेलू टूर्नामेंट में उनके बल्ले से लगातार रन निकले हैं।
संघर्ष भरी रही है कहानी
सौरभ चौहान के जन्म के साथ ही क्रिकेट का भी उनके परिवार में एंट्री हो गई थी। साल 2000 में सौरभ चौहान के जन्म के बाद उनके पिता को क्रिकेट मैच के लिए एसपी स्टेडियम में ग्राउंड्समैन की ड्यूटी सौंपी गई थी। सौरभ चौहान के पिता अहमदाबाद फायर एंड एमरजैंसी सर्विसेज में फायरमैन के रूप में कार्य कर रहे थे। साल 2015 तक उन्होंने ग्राउंड्समैन का काम किया।
पिता की नौकरी स्टेडियम में होने की वजह से उनका परिवार स्टेडियम परिसर में रहने लगा था। अपने पिता को स्टेडियम में काम करते हुए और खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलते हुए देखकर सौरभ का बचपन गुजरा। 7 साल की उम्र में सौरभ के पिता दिलीप चौहान ने उनका नाम स्थानीय कोच तारक त्रिवेदी की क्रिकेट कोचिंग अकादमी में लिखवा दिया था।












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