IPL 2023 CSK VS GT: चेन्नई की हार का कारण बना 19वां ओवर
CSK VS GT: आईपीएल 2023 के पहले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स एक समय मैच में वापसी कर चुकी थी गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबला हार गई और इसका बड़ा कारण 19वां ओवर साबित हुआ।

चेन्नई सुपर किंग्स आइपीएल-2023 का पहला मुकाबला क्यों हार गयी ? कमजोर गेंदबाजी उसकी हार का सबसे बड़ा कारण बनी। जिस दीपक चाहर पर धोनी उम्मीद टिकाये बैठे थे वे रंग जमा नहीं सके। उन्होंने 19वें ओवर में 15 रन लुटा दिये जिससे चेन्नई के हाथ से मैच फिसल गया। पावर प्ले के पहले छह ओवरों में गुजरात ने 65 रन ठोक दिये थे। विकेट भी ही गिरा था सिर्फ एक। यानी गुजरात ने तेज शुरुआत की। पावर प्ले और डेथ ओवरों में चेन्नई के गेंदबाज फेल रहे जिससे गुजरात टाइटंस को धुआंधार रन बनाने का मौका मिल गया। ऐसे मौके पर ड्योन ब्रावो की कमी शिद्दत से महसूस हुई। वे डेथ ओवरों में अपनी स्लोअर गेंदों से न केवल रन रोकते थे बल्कि विकेट भी निकालते थे। लेकिन अब वे सीएसके के बॉलिंग कोच बन गये हैं।
दीपक चाहर के 19वें ओवर ने तय कर दी हार
गुजरात को को अंतिम दो ओवरों में 23 रन बनाने थे। मैच चेन्नई की तरफ झुका हुआ था। ऐसे अहम मोड़ पर कसी हुई गेंदबाजी की जरूरत थी। 19वां ओवर दीपक चाहर फेंकने आये। लेकिन वे उम्मीद पर खरे नहीं उतरे। राशिद खान जैसे पुछल्ले बल्लेबाज ने दीपक चाहर की बखिया उधेड़ दी। राशिद खान ने उन पर एक छक्का और एक चौका जड़ दिया। जब एक-एक रन कीमती था तब चाहर ने लेग स्टंप पर गेंद डाल कर लेगबाई के चार रन तोहफे में दे दिये। उनके ओवर में 15 रन बनने के कारण गुजरात के लिए अंतिम ओवर का लक्ष्य (8 रन) आसान हो गया। लगता है दीपक चाहर चोट के बाद लय में नहीं आ पाये हैं। मुख्य तेज गेंदबाज होते हुए भी चाहर पावर प्ले में विकेट नहीं निकाल सके। उन्होंने चार ओवर में 29 रन खर्च किये और कोई विकेट भी नहीं मिला।
16वें से 18वें ओवर तक चेन्नई मैच में बना हुआ था
दीपक चाहर का 19वां ओवर इसलिए हार का कारण बना क्यों कि इसके पहले के तीन ओवरों में गुजरात रनों के लिए संघर्ष कर रहा था। सेंटेनर के 16वें ओवर में 7 रन बने, चाहर के 17वें ओवर में 4 रन बने, राजवर्धन हंगारगेकर के 18वें वर में 7 रन बने थे। अभी तक चेन्नई की गेंदबाजी ठीक चल रही थी। अगर चाहर ने 19वां ओवर भी किफायती फेंका होता तो अंतिम ओवर में गुजरात के सामने जीत के लिए बड़ा टारगेट होता। फिर तो नतीजा कुछ भी हो सकता था।
इम्पैक्ट प्लेयर का फैसला भी सटीक नहीं
इम्पैक्ट प्लेयर का फैसला भी चेन्नई के लिए सही साबित नहीं हुआ। तुषार देशपांडे ने इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में अंबाती रायडू को रिप्लेस किया था। तुषार देशपांडे की तेज गेंदबाजी बिल्कुल नहीं जम पायी। उन्होंने 3.2 ओवर में 51 रन लुटा दिये और एक विकेट लिया। चेन्नई के पास कोई ऐसा गेंदबाज नहीं था जो गुजरात के बल्लेबजों पर अंकुश लगा सके। पता नहीं क्यों धोनी ने मोइन अली का उपयोग नहीं किया। स्पिनर के रूप में रवीन्द्र जडेजा और मिचेल सेंटेनर की गेंदबाजी भी औसत रही। सेंटेनर ने चार ओवरों में 32 रन दिये तो जडेजा ने 28 रन। हालांकि जडेजा ने हार्दिक को सस्ते में जरूर आउट किया था। हार्दिक का विकेट गिरने के बाद चेन्नई, गुजरात पर शिकंजा नहीं कस सका।
कमजोर गेंदबाजी के कारण 178 के स्कोर की रक्षा नहीं
2022 में भी चेन्नई की हार की मुख्य वजह कमजोर गेंदबाजी रही थी। पिछले साल दीपक चाहर चोट के कारण नहीं खेल सके थे। इस साल मुकेश चौधरी चोट के कारण पहला मैच नहीं खेल सके। 2023 के पहले मैच में चेन्नई की गेंदबाजी बिखरी हुई नजर आयी। 178 का स्कोर कोई कम नहीं था। बल्कि कहें तो एक चुनौतीपूर्णस्कोर था। अगर गेंदबाजी धारदार होती तो इस टोटल को डिफेंड किया जा सकता था। अब चेन्नई का अगला मैच 3 अप्रैल को लखनऊ से है। इस मुकाबले के लिए महेन्द्र सिंह धोनी को नये बॉलिंग कम्बिनेशन पर गौर करना होगा।
इम्पैक्ट प्लेयर रूल से किसी को फायदा किसी को नुकसान
इस साल आइपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर का रूल, हार जीत का बड़ा कारण बनेगा। जैसे पहले मैच में ही इस रूल से चेन्नई को जहां नुकसान हुआ वहीं गुजरात को फायदा मिला। गुजरात की तरफ से साई सुदर्शन ने इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में घायल केन विलियमसन को रिप्लेस किया था। गुजरात के लिए यह बदलाव फायदेमंद साबित हुआ। सुदर्शन वन डाउन खेलने आये और शुभमन गिल के साथ 35 गेंदों पर 53 रनों की साझेदारी कर दी। इस साझेदारी से गुजरात ने मैच में स्थिति मजबूत कर ली। गिल और सुदर्शन के बीच 53 रनों की ये पार्टरनरशिप मैच की सबसे बड़ी साझेदारी रही। सुदर्शन ने 17 गेंदों पर 22 रन बनाये।












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