ऋषभ पंत और आमरे ने क्रिकेट को किया 'गंदा', पीटरसन ने कहा- ये लोग खुद को समझ क्या रहे हैं?
मुंबई इंडियंस, 23 अप्रैल: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत और सहायक कोच प्रवीण आमरे को बुरी तरह लताड़ लगाई है। आमरे और पंत ने माहौल तब गर्म कर दिया जब राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ दिल्ली के मैच के अंतिम ओवर में एक गेंद को अंपायर द्वारा नो-बॉल करार नहीं दिया गया। यह मुकाबला शुक्रवार को वानखेड़े स्टेडियम में हुआ।
जब यह नो-बॉल अंपायर द्वारा नहीं दी गई तो डग आउट में बैठे अपना आपा खो बैठे और उन्होंने अपने खिलाड़ियों को वापस बुलाने का इशारा किया।

केविन पीटरसन ने इस बात पर गहरी नाराजगी जाहिर की
केविन पीटरसन ने इस बात पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। पंत ने तो बल्लेबाज को वापस बुलाने का इशारा किया तो प्रवीण आमरे मैदान में ही घुस गए थे और अंपायर के फैसले का विरोध करने लगे। यह मैदानी अंपायर नीतिन मेनन और निखिल पटवर्धन थे।
मामला फाइनल ओवर का था जब दिल्ली के बल्लेबाज रॉवमन पॉवेल के सामने अंतिम ओवर में चेज करने के लिए 36 रनों का टारगेट था।

अंपायर ने नो-बॉल नहीं दी थी
राजस्थान के गेंदबाज मैकॉय बॉलिंग कर रहे थे और पॉवेल लगातार तीन छक्के जड़ चुके थे। तीसरा छक्का जिस गेंद पर आया वह कायदे से नो-बॉल होनी चाहिए थी क्योंकि वह रिप्ले में कमर से ऊपर की ऊंचाई पर लग रही थी लेकिन अंपायरों ने ऐसा नहीं किया।
छक्का मारने के बाद पॉवेल ने अंपायर से नो-बॉल चैक करने के लिए कहा। यहां तक डग-आउट में बैठे पंत, डेविड वार्नर और शेन वॉटसन जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी पस्त थे और उन्होंने भी कहा कि यह वाकई में एक नो-बॉल है।

हेड कोच पोंटिंग की गैरमौजूदगी में सीन हो गया-
हालांकि मैदानी अंपायर पूरी तरह अपने फैसले पर टिके रहे और उन्होंने तीसरे अंपायर से बात करना भी उचित नहीं समझा।
इसके बाद पंत ने बल्लेबाजों को बुलाने का इशारा किया। वहीं पर फील्डिंग कर रहे जोस बटलर भी पंत से कुछ बात करने लगे। तभी प्रवीण आमरे मैदान में घुस गए। इस दौरान हेड कोच रिकी पोंटिंग परिवार के एक सदस्य का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आने के चलते आइसोलेशन में थे।

पीटरसन ने बुरी तरह लताड़ा दिल्ली कैपिटल्स को-
पीटरनस ने स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा है कि मेरे लिए अंपायर के फैसले से अधिक चिंता की बात दिल्ली की टीम का बर्ताव है। मुझे नहीं लगता पोंटिंग यहां होते तो ऐसा होता। जोस बटलर को भी पंत से ये पूछने का पूरा अधिकार था कि- भाई, तुम ये सब क्या कर रहे हो? क्या अपने कोच को मैदान पर भेज देना उचित फैसला है?
हम भद्रजनों का खेल खेलते हैं। लोगों से गलतियां होती हैं। कई बार विकेट के पीछे कैच लपकने या पगबाधा में भी ऐसी गलतियां होती हैं। स्वान और मैंने यह महान खेल 20 साल के करीब खेला है। इस तरह की चीजें क्रिकेट के खेल के लिए अच्छी नहीं हैं, ये बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं।

ये उनकी बहुत बड़ी गलती है- केविन पीटरसन
पीटरसन आगे कहते हैं कि मुझे नहीं पता ये लोग खुद को क्या समझ रहे हैं, लेकिन ये उनकी बहुत बड़ी गलती है।
सबसे बड़ी गलती है कोच मैदान में आया और अंपायर को समझाने लगा। एक कोच टीम का सीनियर मेंबर होता है, उसका मैदान में घुसना समझ नहीं आया है। पंत खिलाड़ियों को बुला रहे थे। वे मैच से निकलना चाहते थे। मेरे लिए यह अस्वीकार्य है और मुझे आशा है ऐसा कुछ दोबारा क्रिकेट में नहीं देखूंगा लेकिन हम क्रिकेट को ऐसे नहीं खेलते।
बता दें कि इन सबसे रॉवमन पॉवेल का ध्यान टूट गया और बाद में वे छक्के बरकरार नहीं रख पाए जिसके चलते दिल्ली को मुकाबला हारना पड़ा।












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