5 गलतियां जो IPL 2022 में मुंबई इंडियंस पर पड़ी हैं भारी, नहीं खुल पाया है अब तक जीत का खाता
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन में 24 मैचों का खेल हो चुका है लेकिन सिर्फ एक ही टीम है जिसका अभी तक जीत का खाता नहीं खुल सका है। आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा बार खिताब जीतने वाली दो टीमों मुंबई इंडियंस (5 बार) और चेन्नई सुपर किंग्स (4 बार) के लिये यह सीजन अब तक मन मुताबिक नहीं गुजरा है, जहां सीएसके की टीम को लगातार 4 मैचों में हार के बाद पहली जीत मिली है तो वहीं पर मुंबई इंडियंस के लिये 5 मैचों के बावजूद जीत का खाता नहीं खुल सका है।

मुंबई इंडियंस की टीम ने बुधवार को अपना 5वां मुकाबला पंजाब किंग्स के खिलाफ खेला, जहां पर वो रनों का पीछा करते हुए 17वें ओवर तक मैच में जीत हासिल करती हुई नजर आ रही थी, हालांकि आखिरी 3 ओवर्स में मैच पूरी तरह से बदल गया और उसे 12 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस सीजन यह पहली बार नहीं हुआ है जब मुंबई इंडियंस की टीम जीत की दहलीज पर पहुंच कर मैच हारी है, इससे पहले दिल्ली के खिलाफ भी उसने ऐसे ही मैच गंवाया था।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मुंबई की टीम के लिये ऐसा क्या हो रहा है जिसकी वजह से वो जीत का खाता नहीं खोल पा रही है। आइये एक नजर उन 5 कारणों पर डालें जिसकी वजह से उसे लगातार 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि उसकी यह गलती रणनीतिक रूप से हुई है, जिसका खामियाजा उसे सीजन में उठाना पड़ रहा है।

नीलामी में आर्चर पर दांव लगाना पड़ा है महंगा
मुंबई इंडियंस के लिये इस सीजन से पहले आयोजित किया गया मेगा ऑक्शन अच्छा नहीं रहा, जिसमें उसने न सिर्फ ईशान किशन के पीछे करोड़ों खर्च किये बल्कि कुछ ऐसे फैसले भी लिये जो अब उस पर भारी पड़ रहे हैं। मुंबई इंडियंस की टीम ने कोहनी की चोट से जूझ रहे जोफ्रा आर्चर को अपने खेमे में शामिल करने के लिये 8 करोड़ रुपये खर्च किये जिनका इस सीजन नहीं खेलना पहले से तय था। मुंबई ने यह खरीद सिर्फ भरोसे के दम पर लिया जिसके तहत उन्हें आगामी सीजन में बुमराह के साथ एक खतरनाक पेस जोड़ी मिली है। हालांकि मुंबई इंडियंस की टीम की यह खरीद भविष्य के लिये अच्छी साबित हो सकती है लेकिन इसके चक्कर में उसने मौजूदा सीजन की गेंदबाजी पर ध्यान नहीं दिया कि बुमराह के साथ इस सीजन कौन गेंदबाजी की साझेदारी करेगा।
सबसे मुश्किल बात यह है कि मुंबई इंडियंस इस गेंदबाज की जगह इंजरी रिप्लेसमेंट भी नहीं ले सकता है क्योंकि खिलाड़ी ने पहले ही सीजन में अनुपलब्ध रहने की जानकारी दे दी थी, उसके बावजूद मुंबई इंडियंस की टीम ने उन्हें खरीदने का जुंआ खेला। बुमराह के साथ पेस अटैक में दूसरा मुख्य गेंदबाज नहीं होना मुंबई इंडियंस पर काफी भारी पड़ रहा है।

गलत साबित हुआ हार्दिक पांड्या को नहीं रिटेन करने का फैसला
मुंबई इंडियंस के लिये पिछले कुछ सालों में हार्दिक पांड्या ने बेहद अहम भूमिका निभाते हुए कई मैच जिताऊ प्रदर्शन किये थे, जिसके बावजूद मुंबई की टीम ने उन्हें रिटेन नहीं किया। 2015 में मुंबई के लिये डेब्यू करने के बाद से हार्दिक पांड्या ने अटैकिंग बैटर और मीडियम पेस बॉलर की भूमिका निभाई, हालांकि पिछले 2 सीजन में चोट की वजह से वो ज्यादा योगदान नहीं दे सके।
इसी को देखते हुए मुंबई इंडियंस की टीम ने हार्दिक पांड्या को रिलीज कर सूर्यकुमार यादव को रिटेन किया, जो फ्रैंचाइजी के लिये बड़ी भूल साबित हुआ। हार्दिक पांड्या ने इस सीजन शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात की टीम के लिये 5 मैचों 228 रन बनाये हैं तो वहीं पर गेंदबाजी में भी 4 मैचों में 3 विकेट अपने नाम किये। हार्दिक पांड्या के जाने के बाद मुंबई की टीम का लोअर मिडिल ऑर्डर कमजोर नजर आ रहा है जिसकी भरपाई करने के लिये उसने सूर्यकुमार को चौथे पायदान पर भेजना शुरू किया है।
सूर्यकुमार यादव ने इस दौरान खूब रन तो बनाये हैं लेकिन टॉप ऑर्डर के फ्लॉप रहने और लोअर ऑर्डर में साथ नहीं मिलने की वजह से मुंबई की टीम जीत हासिल कर पाने में नाकाम रही है।

टिम डेविड को प्लेइंग 11 में दिये कम मौके
सिंगापुर के क्रिकेटर टिम डेविड के पीछे मुंबई इंडियंस की टीम ने 8.25 करोड़ रुपये खर्च किये और फ्रैंचाइजी के लिये इस सीजन दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए। टिम डेविड को उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और दुनिया के सबसे अच्छे फिनशर्स के रूप में जाना जाता है, जिसको देखते हुए मुंबई की टीम ने पहले दो मैचों में खेलने का मौका दिया। हालांकि मुंबई ने उन्हें दो मैचों में खिलाने के बाद ड्रॉप कर दिया है और युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को खिलाया है। यह मुंबई के लिये रणनीतिक रूप से गलती साबित हो रही है। फिलहाल ब्रेविस अटैकिंग बल्लेबाजी करते हुए भले ही कुछ अच्छी पारियां खेलने में कामयाब रहे हों लेकिन अनुभव के मामले में टिम डेविड काफी आगे खड़े हैं। ऐसे में डेविड लोअर ऑर्डर में खेलकर मजबूती प्रदान कर सकते हैं।

फैबियन एलेन को मौका नहीं देना पड़ रहा है भारी
मेगा ऑक्शन के दौरान मुंबई इंडियंस की टीम ने फैबियन एलेन पर भी दांव लगाया जो कि सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स के लिये आईपीएल खेल चुके हैं। फैबियन एलेन अपने अनुभव के आधार पर भले ही बड़ा नाम रहे हैं लेकिन पिछली दो टीमों ने उन्हें बराबर मौका नहीं दिया है। फैबियन एक बेहतरीन और टैलेंटेड ऑलराउंडर हैं जिनके पास किफायती गेंदबाजी करने के सात ही विकेट निकालने की कला है। इतना ही नहीं एलेन स्लॉग ओवर्स में तोजी से रन बना सकते हैं। हालांकि मुंबई इंडियंस की टीम ने पहले 5 मैचों से एक में भी उन्हें खेलने का मौका नहीं दिया गया है जो कि मुंबई इंडियंस के लिये बड़ी गलती साबित हो सकती है। अगर फैबियन एलेन को मौका दिया जाता है तो वो तेज गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन करने के अलावा लोअर ऑर्डर में कुछ अच्छे रन बनाने का भी योगदान दे सकते हैं।

कमजोर गेंदबाजी से खेल रही है मुंबई
आईपीएल के इतिहास में मुंबई इंडियंस की टीम हमेशा से एक मजबूत गेंदबाजी पक्ष वाली टीम रही है, जिसमें जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, एडम मिल्ने जैसे गेंदबाज पिछले सीजन तक उपलब्ध थे, हालांकि पिछले 5 मैचों में उसके गेंदबाजी यूनिट ने ज्यादा योगदान नहीं लिया है और विकेट चटकाने में नाकाम रहे हैं। मुंबई की टीम ने नीलामी के दौरान गेंदबाजी को मजबूत करने पर ध्यान नहीं दिया और बोल्ट, मिल्ने और राहुल चाहर जैसे दिगग्ज गेंदबाजों को अपने खेमे से नहीं जोड़ा। इसकी वजह से मुंबई इंडियंस की टीम में सिर्फ बुमराह अकेले लड़ते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि बाकी की गेंदबाजी कमजोर नजर आ रही है। मुंबई की टीम को अनुपलब्ध गेंदबाजों के पीछे जाने के बजाय उन गेंदबाजों पर ध्यान देना चाहिये था जो इस सीजन उपलब्ध थे। मौजूदा बॉलिंग लाइन अप इतना कमजोर नजर आ रहा है कि मुंबई की टीम को दोबारा से इसे बनाने पर ध्यान देने की दरकार नजर आ रही है।












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