टेस्ट क्रिकेट में कमाल कर रहे हैं भारतीय पुछल्ले बल्लेबाज, 2 साल में 12 बार की है 50+ पार्टनरशिप
भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया की ओर से रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल ने शानदार बल्लेबाजी की थी। दोनों के बीच 98 रनों की साझेदारी हुई थी।

टेस्ट क्रिकेट में भारत के लोअर ऑर्डर ने बैटिंग में धमाल मचा रखा है। घरेलू टेस्ट सीरीज में 2021 के बाद से अब तक भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों ने 12 बार पचास या इससे अधिक रनों की साझेदारी की है। ये रिकॉर्ड सातवें विकेट और उसके बाद की जोड़ियों ने बनाये हैं। नागपुर टेस्ट में भारत ने आठवें और नौवें विकेट के लिए 50 से अधिक रनों की साझेदारी की। दुनिया की कोई टीम अपने होम सीरीज में ये कारनामा नहीं कर पायी है।
जडेजा, अक्षर और शमी का जलवा
नागपुर टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की हार के कई कारण रहे। इनमें से एक बड़ा कारण रवीन्द्र जडेजा और अक्षर पटेल की बल्लेबाजी थी। एक समय भारत का स्कोर 7 विकेट पर 240 रन था। तब भारत का संभावित स्कोर 275 के आसपास लग रहा था। लेकिन जडेजा और अक्षर ने आठवें विकेट के लिए 88 रन जोड़ कर स्कोर 328 पर पहुंचा दिया। जडेजा ने 70 रन बनाये। इसी मोड़ पर ऑस्ट्र्लिया मैच से बाहर हो गया। इसके बाद अक्षर और शमी ने नौंवे विकेट के लिए 52 रन जोड़ दिये। नौंवें नम्बर पर बैटिंग करने उतरे शमी ने दो चौकों और तीन छक्कों के साथ 37 रन बना दिये। और तो और अक्षर और सिराज ने आखिरी विकेट के लिए 20 रनों की साझेदारी कर दी। अक्षर अंतिम विकेट के रूप में 84 रनों पर आउट हुए। इस तरह जो भारत 275 के आसपास सिमटता नजर आ रहा था वह 400 के स्कोर तक जा पहुंचा।
ब्रिस्बेन में सुंदर-शार्दुल ने जोड़े थे 123 रन
2021 के बाद से भारत के अंतिम क्रम के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। न केवल भारत में बल्कि विदेश में भी। ऑस्ट्रेलिया की उन पिचों पर भी कमाल की बैटिंग की है जहां गेंदबाज को उछाल और गति मिलती है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन के चौथे टेस्ट में भारत एक समय 186 रनों पर 6 विकेट गंवा कर संकट मं फंसा हुआ था। लेकिन नाजुक वक्त में पहला टेस्ट खेल रहे वाशिंगटन सुंदर ने लाजवाब बल्लेबाजी की। उन्होंने शार्दुल ठाकुर के साथ मिल कर सातवें विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी की। सुंदर ने अपने डेब्यू में ही अर्धशतक (62) जड़ दिया। शार्दुल ने 67 रन बनाये थे। वाशिंगटन सुंदर ने सिर्फ 4 टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन उन्होंने चार अर्धशतक लगा दिये हैं। इसमें सर्वोच्च स्कोर 96 नाबाद है। जब कि वे ऑफ स्पिनर हैं।
अहमदाबाद में सुंदर और अक्षर ने जोड़े थे 106 रन
2021 में अहमदाबाद टेस्ट में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ आठवें विकेट के लिए 106 रनों की साधेदारी की थी। सुंदर का दुर्भाग्य रहा कि वे 96 रनों पर नॉटआउट रह गये। वर्ना उनके पास सेंचुरी मारने का पूरा मौका था। अक्षर ने 43 रन बनाये थे। उन्होंने दूसरी पारी में 5 विकेट भी लिये थे। मौजूदा भारतीय टीम में अभी रवीन्द्र जडेजा, अक्षर पटेल और आर अश्विन ने अपने हरफनमौला खेल से ऑस्ट्रेलिया को दबाव में ला दिया है। नागपुर टेस्ट में अश्विन वन डाउन खेलने उतरे थे। उन्हें नाइट वाटमैन कहना ठीक नहीं होगा। वे टेस्ट मैचों में 5 सेंचुरी मार चुके हैं। लेकिन खेल के अंतिम क्षणों में जब केएल राहुल आउट हो गये तो उन्हें मैदान पर उतरना पड़ा। उन्होंने लगभग एक घंटे तक बैटिंग की और 23 रन बनाये। एक गेंदबाज अगर ऐसी बल्लेबाजी कर सकता है तो उस टीम का प्रदर्शन तो निखरेगा ही।
मोहाली टेस्ट में लोअर ऑर्डर का कमाल
पिछले साल मोहाली टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ जडेजा ने लोअर ऑर्डर में तीन बल्लेबाजों के साथ शतकीय साझेदारी की थी। छठे विकेट के लिए पंत के साथ 104, सातवें विकेट के लिए अश्विन के साथ 130 और नौंवें विकेट के लिए शमी के साथ 103 रनों की पार्टनरशिप की थी। इस दौरान अश्विन ने 61 और शमी ने 20 रनों की पारी खेली थी। जब कि जडेजा ने नाबाद 175 रन बनाये थे। किसी टेस्ट मैच में नीचले क्रम के बल्लेबाजों का यह यादगार प्रदर्शन था। मोहम्मद शमी ऐसे तेज गेंदबाज है जो छक्का लगाने में माहिर हैं। सुनने में अजीब लगेगा लेकिन यह सच है। टेस्ट मैच में छक्का लगाने के मामले में वे विराट कोहली, राहुल द्रविड़, युवराज सिंह और केएल राहुल से भी आगे हैं। शमी ने 61 टेस्ट मैचों में कुल 25 छक्के लगाये हैं। जब कि कोहली के 24, युवराज के 21 और केएल राहुल के सिर्फ 17 छक्के हैं। यानी भारत के निचले क्रम के बल्लेबाज टेस्ट में धुआंधार बैटिंग भी कर रहे हैं।












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