Yashasvi Jaiswal: 10 सालों से फैमिली के साथ नहीं मनाई दीवाली, गरीबी में किया गुजारा फिर बना चमकता सितारा
India vs West Indies, inspirational story of Yashasvi Jaiswal: भारतीय टीम में क्रिकेट के एक नए सितारे की एंट्री हो चुकी है। 21 साल के युवा यशस्वी जायसवाल ने पहले ही मैच में धमाकेदार प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अपने पहले ही मुकाबले में 171 रन जड़कर यशस्वी जायसवाल ने कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की।
जड़ दिए 171 रन: भारत के विस्फोटक ओपनर यशस्वी जायसवाल ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए कई मैच विनिंग पारियां खेली है। साल 2023 का सीजन उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इस सीजन जायसवाल ने राजस्थान के लिए कमाल की बल्लेबाजी की, जिसके बाद भारतीय टीम में उनकी एंट्री हुई और उन्होंने पहले मैच में ही 171 रन जड़ दिए।

गोलगप्पे बेचने का भी किया है काम: यशस्वी जायसवाल के लिए यहां तक पहुंचने का सफर कतई आसान नहीं था। जायसवाल मुंबई के आजाद मैदान के बाहर गोलगप्पे बेचने का काम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के भदोही के रहने वाले यशस्वी ने अपने और घरवालों के सपनों को पूरा करने के लिए लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने काफी समय तक मुंबई में पानीपूरी बेचकर अपना गुजारा किया है।
10 सालों से नहीं मनाई दीवाली: भारत में कोई भी त्यौहार बिना परिवार के पूरा नहीं माना जाता। खासतौर पर दिवाली जैसे त्यौहार के लिए लोग एक हफ्ते पहले से ही घर जाकर उसकी तैयारी में जुट जाते हैं। लेकिन अपनी प्रैक्टिस और मैच के कारण जायसवाल ने 10 सालों तक परिवार के साथ दीवाली नहीं मनाई। कुछ साल पहले एक इंटरव्यू के दौरान जायसवाल ने खुद इस बात का जिक्र किया था।
खाना भी नहीं होता था नसीब: जायसवाल ने बताया था कि कई बार उन्हें रात में खाली पेट सोना पड़ता था। गोलगप्पे बेचने के अलावा यशस्वी ने डेयरी में भी काम किया। वहां एक दिन उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। जिसके बाद कोच ज्वाला सिंह की नजर य़श्स्वी जायसवाल पर पड़ी और उन्होंने जायसवाल को सपोर्ट किया। यशस्वी की तरह ज्वाला भी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने जायसवाल के खेल को निखारने का काम किया।












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