IND vs WI: टेस्ट में भी मिलना चाहिए भारत के X-फैक्टर बॉलर को मौका, संजय मांजरेकर ने दिया पाकिस्तान का उदाहरण
IND vs WI Test Series: उमरान मलिक (Umran Malik) भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की एक नई उम्मीद है जो लगातार 90 मील प्रति घंटा की रफ्तार से बॉलिंग करते हैं। इस खिलाड़ी ने काफी कम अनुभव होने के बावजूद अपनी रफ्तार के चलते सफेद गेंद फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर लिया है।
लेकिन भारत के क्रिकेट दिग्गज संजय मांझरेकर ने जोर देकर कहा है कि मलिक को टेस्ट क्रिकेट में आजमाना जरूर चाहिए। टेस्ट फॉर्मेट में उमरान को लेने का मांजरेकर ने ऐसा विचार क्यों दिया है, आइए जानते हैं।

News24 से बात करते हुए भारत के पूर्व बल्लेबाज मांजरेकर कहते हैं, "मुझे लगता है अगर आप मलिक को चुनते हैं तो आप उन्हें टेस्ट मैच में मौका दीजिए, क्योंकि मार्क वुड जैसे तेज गति के गेंदबाज ने पिछले एशेज मैच में क्या किया था, यह सब ने देखा है। 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से मार्क वुड ऐसे बॉलर हैं जो निचले क्रम के बल्लेबाजों का टिकना मुश्किल कर देते हैं।"
संजय मांजरेकर का मानना है कि, उमरान मलिक को टेस्ट क्रिकेट में तीन-चार ओवर का स्पैल देकर जरूर ट्राई करना चाहिए क्योंकि ऐसा करके टीम इंडिया के पास क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में एक X-फैक्टर आ जाएगा।
हालांकि उमरान के लिए आईपीएल 2023 काफी खराब गया था जहां उनके द्वारा काफी रन खर्च करने के लिए सनराइजर्स हैदराबाद ने अधिकतर मैचों में मलिक को नहीं खिलाया था।
पर यह मलिक की रफ्तार है जिसने उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम के मौजूदा दौरे पर सफेद फॉर्मेट में फिर जगह दिलाई है। मलिक टेस्ट मैचों में नहीं है लेकिन तीन मैचों की वनडे और पांच मैचों की सीरीज में उनके पास करने के लिए काफी कुछ है। संजय मांझरेकर मानते हैं कि, जब आपके पास बहुत रफ्तार होती है तो सफेद गेंद फॉर्मेट में सटीकता के साथ गेंदबाजी करने का दबाव रहता है जिससे गलतियां हो सकती हैं।
कप्तान आमतौर पर महंगे गेंदबाजों से बचना चाहता है, लेकिन टेस्ट में स्थिति अलग होती है। 8 टी20 और इतने ही वनडे मैच वनडे मैच खेल चुके मलिक इंटरनेशनल करियर में भी काफी महंगे साबित हुए हैं।
मांजरेकर ने पाकिस्तान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान पहले ऐसे ही सोचा करता था। जब उनके पास युवा तेज गेंदबाज थे और वे 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से बॉलिंग करते थे, तो उन्हें सफेद गेंद क्रिकेट ज्यादा खेले बगैर ही टेस्ट मैचों में उतार दिया जाता था।"
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत विंडसर पार्क में हो चुकी है जहां मलिक टीम का हिस्सा नहीं है। लेकिन मांजरेकर फिर से एक out-of-the-box आइडिया आए हैं, जिस पर टीम इंडिया विचार करती है तो नतीजा जरूर दिलचस्प हो सकता है।












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