5 दिनों में पलट गई जिंदगी, अब ना मां के इलाज की टेंशन, ना टीम इंडिया में नहीं चुने जाने का मलाल

श्रीलंका के खिलाफ चुने गए इस गेंदबाज के पिता अब नहीं रहे और माता हाउस मेकर हैं लेकिन बीमारी से जूझ रही हैं। हालांकि पिछले हफ्तों के घटनाक्रम में जो भी कुछ हुआ है उसके बाद इस खिलाड़ी की जिंदगी पूरी तरह पलट चुकी है।

Mukesh Kumar

भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ 3 जनवरी से होने वाली T20 सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है जिसमें तेज गेंदबाज मुकेश कुमार को पहली बार भारतीय टीम में एंट्री मिली है। मुकेश बिहार के गोपालगंज से ताल्लुक रखते हैं और बंगाल की तरफ से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलते हैं। जिस समय मुकेश का कैरियर अपने शुरुआती दौर में था तब बिहार के पास रणजी टीम नहीं थी जिसके कारण उन्हें पिताजी के पास कोलकाता में जाने का फैसला करना पड़ा जो वहां पर टैक्सी चलाते थे और मुकेश की कड़ी मेहनत अपनी जगह चल रही थी जिसके चलते बाद में उनको बंगाल की टीम में जगह भी मिली।

मुकेश कुमार

मुकेश के अच्छे प्रदर्शन ने उनको इंडिया ए टीम में भी जगह दिलाई और फिर आईपीएल की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स द्वारा 5.5 करोड़ रुपए में खरीद लिए गए। जी हां, यह आईपीएल की 2023 मिनी ऑक्शन थी जिसके 1 हफ्ते के अंदर ही मुकेश कुमार की किस्मत ऐसी पलटी कि वह भारतीय टीम में भी चुन लिए गए हैं। मुकेश ने 23 टी20 मैचों में 23.68 की औसत के साथ 25 विकेट चटकाए हैं और उनका इकोनामी रेट 7.20 रहा है। वह 33 फर्स्ट क्लास मैचों में भी 123 विकेट ले चुके हैं। लिस्ट ए मैचों में अभी उनका अनुभव थोड़ा कम है जहां 24 मैचों में 26 विकेट ही चटकाए हैं।

जिंदगी काफी बदल चुकी है

उनके पिता अब नहीं रहे और माता हाउस मेकर हैं लेकिन बीमारी से जूझ रही हैं। मुकेश की जिंदगी काफी बदल चुकी है। गरीबी जैसी कोई बात नहीं है और अब 29 साल का यह गेंदबाज भारतीय क्रिकेट में किसी तरह टिकना चाहेगा। मुकेश तभी से टीम के रडार में आने लगे थे जब से वह बांग्लादेश दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने 2 मैचों में 9 विकेट चटकाए। मुकेश इससे पहले बंगाल की टीम को 2020 में रणजी ट्रॉफी फाइनल में भी पहुंचा चुके हैं और तब उन्होंने 32 विकेट अपनी टीम के लिए लिए थे।

मां की बीमारी के लिए बैकअप

आईपीएल नीलामी में उन पर पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमें बोली लगाने के लिए तैयार थी। इससे पता चलता है कि इस गेंदबाज की कितनी मांग है। मुकेश ने कुछ दिन पहले ही बताया था कि वह इस रकम को अपनी मां की इलाज के लिए बचा के रखना चाहते हैं। वह कहते हैं कि मैं एक साधारण से परिवार से ही आता हूं और माता फेफड़े की इन्फेक्शन का शिकार है। अभी तो वे ठीक हैं लेकिन अगर हमें तुरंत सर्जरी करानी पड़ती है तो हम इस पैसे का इस्तेमाल कर सकते हैं।

नए साल की शुरुआत से पहले इतना बड़ा बूस्ट

हालांकि इस सर्जरी के लिए भी यह रकम बहुत बड़ी है और मुकेश के जीवन की और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बहुत काम आएगी। बंगाल का तेज गेंदबाज कुशलता के साथ गेंदबाजी करना चाहता है और समय के साथ सुधार करना चाहता है, साथ ही वे सीखने की ललक को खत्म नहीं करना चाहते। अब एक बात तो तय है कि दिल्ली कैपिटल्स में ईशांत शर्मा, एनरिक नॉर्टजे, लूंगी नगिदी, मुस्तफिजुर रहमान और कुलदीप यादव जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करके काफी कुछ गेंदबाजी में सीखने वाले हैं तो वहीं टीम इंडिया में जिस तरह से उनको कॉल मिली है उससे उनका आत्मविश्वास इस समय सातवें आसमान पर होगा और यह मुकेश के लिए नए साल की शुरुआत से पहले इतना बड़ा बूस्ट है जिसको वे साल 2023 में अपने बेहतरीन प्रदर्शन की नींव भी बना सकते हैं।

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