सीरीज में नहीं खिलाने से 'हैरान' पृथ्वी शॉ को हार्दिक ने सौंप दी ट्रॉफी, सब भूलकर मना जश्न- VIDEO
हार्दिक ने ट्रॉफी सीधे पृथ्वी शॉ को दी। उनकी काफी आलोचना भी हुई थी कि उन्होंने शॉ को मौका क्यों नहीं दिया और विफलता के बावजूद ईशान व गिल लगातार ओपनर के तौर पर क्यों बने हुए हैं?

IND vs Nz: हार्दिक पांड्या एक ऑलराउंडर के तौर पर काफी आगे बढ़ चुके हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में फिर से बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द सीरीज अवार्ड जीता। हार्दिक ने जब गुजरात टाइटंस की कप्तानी की थी तब आईपी ल 2022 का फाइनल मुकाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला था और वहां भी गेंदबाजी में 4 विकेट चटकाए थे। भारत 2-1 से सीरीज जीत चुका है और कप्तान के तौर पर हार्दिक के ताज में एक और नग जड़ दिया गया है। उन्होंने अभी तक 4 T20 सीरीज में भारत की टीम की कप्तानी की है और सभी जीतने में कामयाबी हासिल की है।

ट्रॉफी कलेक्ट की और सीधे पृथ्वी शॉ को दी
हार्दिक एक कप्तान के तौर पर भी काफी मैच्योर हो चुके हैं। उन्होंने जैसे ही मैन ऑफ द सीरीज अवार्ड घोषित होते देखा तो थोड़ा सरप्राइस भी हुए और अपनी युवा टीम को यह अवार्ड समर्पित कर दिया जिसने सीरीज में पहला मुकाबला हारने के बाद आगे के दो मैचों में अच्छी वापसी की। हार्दिक ने साफ कहा है कि अगर उनकी कप्तानी में टीम हारती है तो उसके जिम्मेदार भी वही है। वे कप्तान के तौर पर जो फैसले लेते हैं उनकी जिम्मेदारी लेने का दायित्व भी उनके ऊपर है। हार्दिक ने जैसे ही ट्रॉफी कलेक्ट की तो उन्होंने सीधे पृथ्वी शॉ को दी जो इस टूर्नामेंट में एक मुकाबला भी नहीं खेल पाए लेकिन वह बहुत अच्छी फॉर्म में थे।

शॉ की अनदेखी के लिए आलोचना हुई थी
इस दौरान शॉ बहुत ही उत्साह प्रदर्शित करते हुए दिखाई दिए और वे हार्दिक से ट्रॉफी लेते हुए बहुत ही खुश थे। वे खिलाड़ियों के बीच में थे और फोटोग्राफ्स में छा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि हार्दिक पांड्या की काफी आलोचना भी हुई थी कि उन्होंने शॉ को मौका क्यों नहीं दिया और विफलता के बावजूद ईशान व गिल लगातार ओपनर के तौर पर क्यों बने हुए हैं? लेकिन गिल ने अंतिम मुकाबले में जबरदस्त शतक जड़कर साबित कर दिया कि फॉर्म में मौजूद खिलाड़ी को लगातार मौका मिलना कोई गलत बात नहीं है। हां ईशान ने जरूर दोहरे शतक के बाद बैटिंग में कुछ नहीं किया है।

युवाओं को बैक करना काम आया
शॉ हाल ही में रणजी ट्रॉफी में एक रिकॉर्ड पारी खेल कर आ रहे हैं लेकिन भारतीय टीम में युवाओं की भरमार होने के बावजूद गला काट प्रतियोगिता भी है और ईशान किशन विकेटकीपिंग भी कर लेते हैं। भारत ने पिछले कुछ मैचों में युवाओं को जिस तरह से मौके दिए हैं उसने चीजों को बेहतर जरूर किया है। अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक किसी मैच में अगर खराब प्रदर्शन करते हैं तो उनको आगे भी मौका दिया जाता है। जैसे की T20 सीरीज के अंतिम मैच में हुआ जहां इन खिलाड़ियों ने कसी हुई गेंदबाजी की और दो-दो विकेट भी हासिल किए। कुलदीप यादव भी अच्छी वापसी कर चुके हैं और शुभमन गिल ने तो सबसे ज्यादा प्रभाव पैदा किया है।
यहां देखें वीडियो-
हार्दिक के लिए कप्तान के तौर पर अब एक लंबा ब्रेक है क्योंकि भारत T20 सीरीज के समापन के बाद नागपुर में एकजुट होगा जहां रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में टीम के खिलाड़ी 9 फरवरी से शुरू होने वाली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की अगुवाई करेंगी तैयारी करेंगे। हार्दिक टी20 और वनडे में बहुत ही शानदार वापसी कर चुके हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट से वे अभी उतने ही दूर है। शायद हार्दिक टेस्ट क्रिकेट में जल्दी से आना भी नहीं चाहेंगे क्योंकि वहां गेंदबाजी का जो भार है वह सफेद गेंद फॉर्मेट की तुलना में कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है और भारतीय टीम भी समय हार्दिक को सफेद क्रिकेट में ही बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर देख कर काफी खुश होगी।
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