'9वें नंबर पर इतना करीब ले आए, 7वें पर तो मैच ही जिता देते', रोहित शर्मा के बैटिंग ऑर्डर पर सवाल
रोहित शर्मा ने जिस तरह से निचले क्रम पर आकर भारत को लगभग मैच जिता दिया था उसके बाद ये सवाल उठ रहे हैं कि जब बैटिंंग के लिए कहीं ना कहीं आने की तैयारी थी ही तो थोड़ा ऊपर भी बैटिंग की जा सकती थी।

भारत और बांग्लादेश के बीच वनडे सीरीज के दो मैचों पर निगाहें डालते समय एक बार यह भूल जाएं कि आप टीम इंडिया के फैन हैं तो पता चलता है कि ये वनडे क्रिकेट के दो बेहतरीन मुकाबले थे जहां पर दम तोड़ती दिख रही एक टीम बार-बार वापसी करने में कामयाब रहती है और अंत में विजेता भी बनती है। भारतीय फैंस होने के नाते हालांकि बुरा लगता है बांग्लादेश से लगातार दो मैचों में ऐसे हार मिली लेकिन दूसरा मुकाबला रोहित शर्मा ने और भी खास बना दिया।

भारत को जीत के करीब लेकर आए
ये मैच कुछ अविश्वसनीय व्यक्तिगत प्रयासों के लिए जाने जाएंगे। मेहदी हसन मिराज तो चमत्कारी सफर पर चल पड़े हैं। वे ही दोनों मैचों के हीरों है लेकिन भारत को भी दूसरे मैच में रोहित शर्मा के रूप में एक हीरों मिल सकता था जो मैच जिताने में थोड़ी ही दूर रह गए। जिस तरह से अंगूठे की गंभीर चोट ने उनको निचले क्रम पर आने पर मजबूर किया, फिर भी उन्होंने अंत डटे रहकर 28 गेंदों पर नाबाद 51 रनों की पारी खेली और भारत को जीत के करीब लेकर आए उसकी तारीफ होनी तय है।

ये बैटिंग ऊपर आकर भी हो सकती थी
बस एक छोटा सा सवाल भी उठेगा कि जब बल्लेबाजी के लिए कही ना कहीं तैयार रहना था तो ये बैटिंग ऊपर आकर भी हो सकती थी। निचले क्रम पर रोहित को क्या मिला? मोहम्मद सिराज जो दूसरे छोर पर गेंद को ठीक से देख भी नहीं पा रहे थे और मेडन ओवर तब खेल गए जब एक-एक रन अपनी कीमत बढ़ा रहे थे। शायद ऊपर रोहित को ये पारी खेलने में और आसानी होती और भारत को भी अपने पक्ष में रिजल्ट मिल जाता लेकिन अब ये बातें कयास ही हैं। जो होना था हो चुका है। रोहित के दो कैच भी छूटने थे और ये बहादुर पारी कल उनके हिस्से आनी थी।

नंबर 7 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए थी
इन सब चीजों के बावजूद हमें कहना होगा कि टीम मैनेजमेंट अपनी सोच में थोड़ा थका सा दिख रहा है। प्लेइंग 11 का सिलेक्शन ऐसा होता है जिस पर हर बार सवाल उठते हैं। ये ठीक है बांग्लादेश को जीतों का क्रेडिट है लेकिन यह भी सच है कि पहले मैच में केएल राहुल का कैच छोड़ना निर्णायक साबित हुआ और दूसरे मैच में रोहित को दूसरे छोर पर भरपूर साथ ना मिला।
गावस्कर ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बात करते हुए कहा, 'इस खिलाड़ी की ( रोहित) गुणवत्ता और लेवल को सभी जानते हैं। और अब जब भारत इतना करीब आ गया है तो वह पहले बल्लेबाजी करने क्यों नहीं आएं। अगर नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करनी थी तो उन्हें नंबर 7 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए थी।'

तब अक्षर पटेल अलग तरह से खेलते
गावस्कर का मानना है कि अगर रोहित थोड़ा पहले आ जाते तो बाकी बल्लेबाजों को थोड़ा और धैर्य से खेलने का मौका मिल जाता, खासकर अक्षर को, जो तेजतर्रार स्ट्रोक खेलकर आउट हो गए। उन्होंने बढ़िया अर्धशतक बनाया था।
गावस्कर ने कहा कि भारत के पास तब बेहतर मौका होता क्योकि अक्षर पटेल अलग तरह से खेलते। अक्षर ने सोचा कि शायद रोहित शर्मा बल्लेबाजी नहीं करेंगे, और इसलिए उन्होंने वह शॉट खेला। उस समय, उस शॉट को खेलने की कोई आवश्यकता नहीं थी। अक्षर बढ़िया बल्लेबाजी कर रहे थे, वह गेंद को अच्छी तरह से पिक कर रहे थे, और अगर वह जारी रहते, तो परिणाम अलग हो सकता था। रोहित ने नंबर 9 पर भारत को एक यादगार जीत लगभग दिला ही दी थी, तो उन्हें 7 पर बल्लेबाजी करने आना था।












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