IND vs AUS: पीढ़ियों में एक बार आता है ऐसा खिलाड़ी, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर के मुरीद हुए अश्विन
अश्विन का कहना है कि ऐसे बड़े खिलाड़ियों की देखभाल करने में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड भारत से आगे हैं। भारत में तो आप प्रदर्शन नहीं कर पाते तो बेकार करार दे दिया जाता है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट श्रृंखला के पिछले तीनों मैचों की तुलना में गेंदबाजों के लिए बहुत कठिन रहा है। अब तक स्पिनरों के अनुकूल हालात थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने अहमदाबाद में चौथे टेस्ट में पहले दो दिनों बल्लेबाजी करते हुए एक विशाल स्कोर 480 रनों का खड़ा किया। भारत ने भी दूसरे दिन की समाप्ति पर बिना विकेट खोए 36 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कैमरन ग्रीन और उस्मान ख्वाजा ने भारत के खिलाफ अपना पहला शतक बनाया। 23 वर्षीय ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन के लिए कुल मिलाकर टेस्ट क्रिकेट में यह पहला शतक था। ग्रीन ने 170 गेंदों में 114 रन बनाए जबकि ख्वाजा 422 गेंदों में 180 रन बनाए।

आईपीएल के इतिहास में सबसे महंगे ऑस्ट्रेलियाई
स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ग्रीन को आउट किया था और 208 रनों के इस स्टैंड को समाप्त किया। उन्होंने कैमरन की तारीफ की और उनको पीढ़ियों में एक बार आने वाला क्रिकेटर कहा। रविचंद्रन ने कहा कि 2023 इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में ऑलराउंडर को मिली बड़ी राशि से पता चलता है कि भारत के क्रिकेट हलकों में उनको कितना ऊंचा आंका जाता है। ग्रीन को मुंबई इंडियंस ने ₹17.5 करोड़ में खरीदा था, इस प्रकार वह आईपीएल के इतिहास में सबसे महंगे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गए।

कैमरन ग्रीन के मुरीद लगे अश्विन
इस पिच पर 6 विकेट लेने वाले अश्विन ने शुक्रवार को दिन का खेल खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार के एक सवाल के जवाब में कहा, "मुझे उम्मीद है कि आपने आईपीएल नीलामी को ध्यान से देखा होगा। यह आपको बताता है कि भारतीय क्रिकेट बिरादरी कैमरन ग्रीन को किस तरह से आंकती करती है। मुझे लगता है कि वह एक शानदार खिलाड़ी है। उनका लंबा कद, शानदार लेवर, अच्छी बल्लेबाजी की समझ, गेंदबाजी करते समय डेक को जोर से हिट कर सकते हैं, मूवमेंट बढ़िया मिलती है। ये एक पीढ़ी में एक बार आने वाले क्रिकेटर हैं जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं।"

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भारत से अलग हैं
अश्विन ने कहा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश ग्रीन जैसे खिलाड़ी की देखभाल करने में बेहतर काम करते हैं। भारत बहुत अलग है। हम ऐसे खिलाड़ियों की अधिक समय तक देखभाल नहीं कर सकते। भारत में या तो आप परफॉर्म करो या बेकार हो जाओ। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों में, इन क्रिकेटरों को बहुत अच्छी तरह से तैयार किया जाता है।"

बेन स्टोक्स बनने के लिए लंबा सफर अभी बाकी है
इसमें कोई शक नहीं कि ग्रीन बेन स्टोक्स के बाद दूसरे टॉप ऑलराउंडर दिख रहे हैं जो टेस्ट क्रिकेट में कुछ खास कर सकते हैं लेकिन जिस तरह से वे तीनों फॉर्मेट खेल रहे हैं उससे इस बात को लेकर आशंका होती है कि वे टेस्ट क्रिकेट में कितने लंबे समय तक गेंदबाजी के जरिए योगदान दे पाएंगे। उनकी बैटिंग आक्रामक है और थोड़ी आसान पिचों पर वे गेंदबाजी को तहस नहस कर सकते हैं लेकिन अभी वो खुद की गेंदबाजी में वह काम करने से बहुत दूर हैं जो पिछले कुछ समय के धाकड़ ऑलराउंडरों में एंड्रूय फ्लिंटॉफ और बेन स्टोक्स ने किया है।












Click it and Unblock the Notifications