IND vs AUS: 'चार साल से बाहर है ये खिलाड़ी', इयान चैपल ने बताई टेस्ट में भारत का 'संतुलन' खराब होने की वजह
Indian Test All Rounders: भारतीय टीम में टेस्ट ऑलराउंडर की भरमार है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान इयान चैपल ने टीम प्रंबंधन की आलोचना की है कि उन्होंने चार साल से इस खिलाड़ी को लेने पर विचार तक नहीं किया।

इंदौर के होल्कर स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट हारने के बाद टीम इंडिया की बहुत आलोचना हो रही है। भारत दो दिन और एक सेशन के अंदर मैच हार गया जिसके बाद इयान चैपल ने कहा कि वह हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) को टेस्ट से बाहर रखने के भारतीय प्रबंधन के फैसले को नहीं समझते हैं। हार्दिक को शामिल करने से भारत के गेंदबाजी आक्रमण में और अधिक संतुलन आ सकता है।

अप्रत्याशित हार का सामना
पहले दो टेस्ट में हावी होने के बाद, भारत को इंदौर टेस्ट में अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा और इसके लिए फैंस तैयार नहीं थे। हालांकि रोहित शर्मा की बात सुनने के बाद लगता है खिलाड़ियों को फिर भी इस हार से बड़ा झटका नहीं लगा है क्योंकि उनके पक्ष में नतीजा अभी भी 2-1 है। दोनों मैच जीतने के बावजूद भारत ने तीसरे मैच में दो बड़े बदलाव किए, जिसमें मेजबानों ने केएल राहुल और मोहम्मद शमी के स्थान पर शुभमन गिल और उमेश यादव को शामिल किया।

चैपल ने टीम मैनेजमेंट की आलोचना की
टेस्ट क्रिकेट में हार्दिक पांड्या को लाने की चैपल की बात गलत नही है क्योंकि पहले दो टेस्ट में भारत के दबदबे का श्रेय भी ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल को जाता है, जिन्होंने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया। अक्षर पटेल तो इस सीरीज में एक बल्लेबाज के तौर पर ही अधिक बेहतर रहे हैं।चैपल ने कहा कि एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक के होने से टीम को अधिक गहराई मिलती है और पिछले चार वर्षों से उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट से बाहर रखने के लिए उन्होंने टीम मैनेजमेंट की आलोचना की।

हार्दिक पांड्या भारतीय टीम में क्यों नहीं हैं?
चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि हार्दिक पांड्या भारतीय टीम में क्यों नहीं हैं? लोग मुझसे कहते रहते हैं कि वह इतनी गेंदबाजी नहीं कर सकता। अगर पांड्या खेलना चाहते हैं तो उन्हें उस टीम में होना चाहिए। वह बहुत अच्छे बल्लेबाज हैं, वह काफी बढ़िया गेंदबाजी भी करते हैं, वह बहुत अच्छे फील्डर हैं। जैसे सही संतुलन हासिल करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को भारत में कैमरून ग्रीन की जरूरत थी वैसे भारत को हार्दिक पंड्या की जरूरत है।

चार वर्षों में कोई प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला
वैसे हार्दिक शायद खुद नहीं चाहते हैं कि वे टेस्ट वापसी करें क्योंकि हार्दिक ने पिछले चार वर्षों में कोई प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए ग्रीन फिलहाल वह बेलेंस हैं जिसकी तलाश टीम को इस टूर पर थी। स्पिनर की पिच पर हालांकि ग्रीन ने केवल दो ओवर फेंके और 21 रन बनाए लेकिन उनके शामिल होने से ऑस्ट्रेलिया को तीन विशेषज्ञ स्पिनरों को मैदान में उतारने में मदद मिली और इसने खेल में पूरी तरह से बदलाव किया।

ऑलराउंडर बड़े अहम हैं
चैपल ने कहा, कैमरून ग्रीन के वहां होने से आस्ट्रेलिया को तीन स्पिनरों को खेलने का मौका मिलता है। मेरी राय में इसका रिजल्ट भारत को पहली पारी में सस्ते में आउट करने के तौर पर मिला। एक बार जब उन्होंने ऐसा कर लिया, तो उन्हें एक अच्छी बढ़त हासिल करने का मौका मिल गया। यह बहुत बड़ी बढ़त नहीं थी लेकिन इस पिच पर काफी उपयोगी थी। और फिर दूसरी पारी में केवल कम स्कोर का पीछा करना पड़ा।"

आखिरी टेस्ट में ड्रॉ या जीत की दरकार
ऑस्ट्रेलिया ने इंदौर टेस्ट में जीत के साथ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाई और अब वे भारत के लिए अहम हो चुके अहमदाबाद टेस्ट मैच में जीत के लिए उतरने जा रहे हैं। दूसरी और भारत को नौ मार्च से अहमदाबाद में शुरू होने वाले आखिरी टेस्ट में ड्रॉ या जीत की दरकार है। पिचों को देखते हुए ड्रा होने के कोई चांस नहीं निकलने वाले हैं। ऐसे में किसी की हार और किसी की जीत होनी तय है।
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