'अगर धोनी पहले ही कप्तान होते, तो जडेजा ने कुछ चमत्कार किए होते'

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2022 से पहले महेंद्र सिंह धोनी ने ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा को चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की कमान सौंपी थी। हालांकि, टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है और आठ मैचों में केवल दो जीत हासिल की है। इस खराब प्रदर्शन ने निश्चित रूप से टीम प्रबंधन और जडेजा पर दबाव डाला, जिस कारण जडेजा ने कप्तानी छोड़ फिर से धोनी को कमान वापस सौंप दी है। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटरों वसीम जाफर और दीप दासगुप्ता ने जडेजा के फैसले को लेकर अपनी राय दी।
जाफर को लगता है कि कप्तानी के दबाव के कारण जडेजा खेल के दोनों विभागों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। उन्होंने माना कि उन्होंने संकट के क्षणों में गेंदबाजी में बदलाव के लिए धोनी को देखा और उन्हें खुद ज्यादा कुछ पता नहीं था। जाफर ने कहा कि अगर धोनी पहले ही कप्तान बने रहते तो टीम को इस सीजन में बेहतर परिणाम मिलते।
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जाफर ने कहा, "मुझे लगता है कि जडेजा भूमिका का आनंद नहीं ले रहे थे, और मैं समझ सकता हूं क्योंकि उन्होंने इस टूर्नामेंट से पहले किसी भी टीम की कप्तानी नहीं की थी। बल्ले और गेंद से उनका प्रदर्शन गिरा है। किस गेंदबाज को काैन से समय में लाना है, यह तय करना मुश्किल हो जाता है। खासकर तब जब आपने कभी पहले कप्तानी की ही नहीं हो। अगर धोनी कप्तानी करना पहले से ही जारी रखते तो टीम से बेहतर परिणाम देखने को मिलते। अगर एमएस कप्तान होते, तो जडेजा ने कुछ चमत्कार किए होते।"

दासगुप्ता ने कहा कि यह सामान्य बात है कि धोनी फिर बताैर कप्तान लाैट आए हैं और उन्हें उम्मीद है कि टीम मौजूदा सत्र के आगामी मैचों में अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने इस कप्तानी परिवर्तन से एक महत्वपूर्ण बात यह भी निकाली कि धोनी कम से कम एक और सीजन खेलेंगे। दासगुप्ता ने कहा, "वह फिर से वापस आने के बाद सामान्य जैसा महसूस कर रहे हैं। उम्मीद है कि इससे चेन्नई टीम के प्रदर्शन में भी वापसी होगी। अब आप सीजन के बचे हुए मैचों को लेकर चिंतित नहीं हो सकते। इसके अलावा, इस कप्तानी की बात जो मैंने पढ़ी, उनमें से एक यह है कि एमएस अगले सीजन के लिए भी आस-पास होंगे।"












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