भारत-पाकिस्तान समेत 4 देशों का टूर्नामेंट कराने पर ICC ने सुनाया फैसला, रमीज राजा के प्रस्ताव पर हुई मीटिंग
नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के नये चेयरमैन रमीज राजा ने पीसीबी की कमान संभालने के साथ ही अपने देश के भविष्य को सुनहरा बनाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने 1998 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम की घरेलू सरजमीं पर टेस्ट सीरीज के लिये मेजबानी कराई और काफी पैसा कमाया। इस बीच रमीज राजा ने पिछले कुछ महीनों में आईसीसी से एक क्वाडरिलैटरल (चतुर्देशीय) टूर्नामेंट आयोजित कराने की मांग की थी, जिसमें पाकिस्तान समेत ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत को हिस्सा बनाया जाये।

रमीज राजा का मानना है कि अगर आईसीसी इस प्रस्ताव को मान लेती है तो सभी देश के क्रिकेट बोर्ड को कम से कम 500 मिलियन डॉलर की कमाई होगी, खासतौर से भारत बनाम पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले मैचों से, इसी को देखते हुए रविवार (10 अप्रैल, 2021) को आईसीसी ने एक बैठक की, जिसमें इस वैश्विक संस्था ने चेयरमैन ग्रेगर बार्कले को अक्टूबर 2022 तक कार्यकाल पूरा करने के लिये मना लिया है तो वहीं पर जल्द ही नये चेयरमैन के नामांकन की प्रक्रिया का आरंभ भी हो जायेगा।
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इस मीटिंग के दौरान पीसीबी के चेयरमैन रमीज राजा ने एक बार फिर से 4 देशों के बीच टूर्नामेंट आयोजित कराने के प्रस्ताव पर चर्चा करने की बात कही, हालांकि आईसीसी ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को इंकार करते हुए उन सभी संभावनाओं को खत्म कर दिया जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच आईसीसी टूर्नामेंट के अलावा मैच कराये जाने के कयास लगाये जा रहे थे। इसके साथ ही बीसीसीआई सचिव जय शाह को आईसीसी की क्रिकेट समिति में शामिल कर लिया गया है।
दुबई में आयोजित की गई आईसीसी सदस्यों की बैठक रविवार को खत्म हो गई, जिसमें भारतीय क्रिकेट बोर्ड के लिये बार्कले का अक्टूबर तक अपने पद पर बने रहना अच्छा फैसला साबित हुआ। इस फैसले के चलते बीसीसीआई अगले नॉमिनेशन के लिये रणनीति तैयार कर सकती है। गौरतलब है कि पहले माना जा रहा था कि जून के महीने के अंत में नये चेयरमैन के नामांकन की प्रक्रिया पर बात की जा सकती है।
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आपको बता दें कि रमीज राजा ने जब 4 दिवसीय टूर्नामेंट के आयोजन का प्रस्ताव दिया तो उन्हें उम्मीद थी कि कम से कम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से उन्हें समर्थन मिलेगा, लेकिन पीसीबी के इस प्रस्ताव पर न सिर्फ भारत ने बल्कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने भी बिना सुने रिजेक्ट कर दिया।












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