Chahal Dhanashree: इस फैसले के बाद टूट जाएगा चहल और धनश्री का रिश्ता, फैमिली कोर्ट को मिला आदेश
बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी एक्ट्रेस कोरियोग्राफर धनश्री वर्मा के तलाक पर आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीजन के मद्देनजर गुरुवार, 20 मार्च तक फैसला सुनाने का आदेश दिया है। यह आदेश उनके तलाक की याचिका पर फैमिली कोर्ट द्वारा निर्णय लेने के लिए दिया गया है।
युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा पिछले ढाई साल से अलग रह रहे हैं। दोनों ने कोर्ट से यह अनुरोध किया था कि उन्हें बिना किसी कूलिंग ऑफ पीरियड के तलाक लेने की अनुमति दी जाए।

अलगाव के बावजूद तलाक की याचिका
भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा ने कोर्ट से अपील की थी कि उन्हें हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13बी (B) के तहत छह महीने की कूलिंग-ऑफ पीरियड से छूट दी जाए, ताकि वे बिना किसी विलंब के तलाक ले सकें। इस दौरान दोनों ने अपनी शादी को बनाए रखने की संभावनाओं को तलाशने की बजाय, तलाक के कानूनी रास्ते को अपनाने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि वे पिछले ढाई साल से अलग रह रहे हैं और इस स्थिति में कोई भी सुलह संभव नहीं है।
आईपीएल सीजन को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला
इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने विशेष ध्यान दिया कि युजवेंद्र चहल आगामी आईपीएल सीजन में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा होंगे और इस कारण उनकी जिम्मेदारियां बढ़ जाएंगी। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि वे तलाक के मामले पर 20 मार्च तक फैसला लें, ताकि चहल की आईपीएल में भागीदारी प्रभावित न हो। जस्टिस माधव जामदार ने यह आदेश फैमिली कोर्ट को दिया कि इस केस के लंबित रहने के कारण दोनों के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन पर कोई असर न पड़े।
कोर्ट ने इस बात पर भी विचार किया कि दोनों पक्ष पहले ही एक समझौते पर पहुंच चुके हैं, जिसमें गुजारा भत्ता का भुगतान शामिल है। दोनों पक्षों ने पिछले मीडिएशन सेशन में इस मुद्दे पर सहमति जताई थी, और इस कारण अदालत ने इसे एक महत्वपूर्ण पहलू माना। अदालत का मानना था कि उनके बीच जो पहले से ही कुछ पहलुओं पर समझौता हो चुका है, वह तलाक के फैसले को प्रभावित कर सकता है।
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13बी
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13बी(2) के तहत तलाक के लिए आपसी याचिका पर विचार तब ही किया जा सकता है, जब इसे दायर करने के छह महीने बाद अदालत में पेश किया जाए। इस धारा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों पक्ष शादी को बचाने के लिए पर्याप्त समय लें। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में इस धारा के तहत छूट दी जा सकती है, जैसा कि इस मामले में चहल और धनश्री वर्मा ने अनुरोध किया था।
युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक का मामला अब अदालत की ओर से अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहा है। उनके तलाक की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट का निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि अदालत दोनों पक्षों के अनुरोध और उनके बीच हुए समझौते पर क्या फैसला करती है। आईपीएल 2025 के सीजन को देखते हुए यह निर्णय जल्द ही सामने आ सकता है।
चहल को कितनी देनी होगी एलिमनी?
अब यह पुष्टि हो गई है कि युजवेंद्र चहल द्वारा धनश्री को गुजारा भत्ता के तौर पर 4 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इसमें से 2 करोड़ 37 लाख रुपये वह पहले ही अपनी पत्नी को दे चुके हैं।












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