3 ओवर में रन बचे थे 30, मैंने मांग ली बॉलिंग, भज्जी बोले उस वर्ल्ड कप में धोनी कप्तान ही नहीं लगे

नई दिल्ली, 25 सितंबर: भारतीय क्रिकेट टीम को T20 वर्ल्ड कप जीते हुए 15 साल हो गए हैं। 2007 में पहली बार यह वर्ल्ड कप हुआ था और टीम इंडिया को धोनी की कप्तानी में जीत मिली थी। पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने उस कप से जुड़ा हुआ एक किस्सा याद किया है। हरभजन सिंह ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ मुकाबला याद किया है। तब भारतीय टीम ने एक अच्छा स्कोर खड़ा किया था लेकिन मैथ्यू हेडन की वजह से ऑस्ट्रेलिया लगातार रन चेज में बना हुआ था।

ऑस्ट्रेलिया को 3 ओवर में 30 रन की जरूरत थी

ऑस्ट्रेलिया को 3 ओवर में 30 रन की जरूरत थी

ऑस्ट्रेलिया को आखिरी 3 ओवर में जीत के लिए 30 रन चाहिए थे और यहीं महेंद्र सिंह धोनी के सामने एक मुश्किल फैसला था। उनके तीसरे तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा ने अपने 2 ओवर में 31 रन दे दिए थे। ठीक इसी मौके पर हरभजन सिंह ने सामने आकर अपने कप्तान की मदद की और कहा कि वे गेंदबाजी उनको सौंप दे। हरभजन ने स्टार स्पोर्ट्स पर बात करते हुए कहा, मैंने धोनी से कहा कि मुझे गेंद दीजिए। ऑस्ट्रेलिया को 3 ओवर में 30 रन की जरूरत थी। और मैंने वह ओवर किया और माइकल क्लार्क को आउट किया जिसके चलते हमें मदद मिली।

लगा ही नहीं कि महेंद्र सिंह धोनी इस टीम के कप्तान थे

लगा ही नहीं कि महेंद्र सिंह धोनी इस टीम के कप्तान थे

हरभजन सिंह ने उस ओवर में केवल 3 रन दिए थे जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया काफी दबाव में आ गया और अंत में भारत 15 रनों से मुकाबला जीतकर फाइनल में चला गया। सिंह आगे कहते हैं कि यह लगा ही नहीं कि महेंद्र सिंह धोनी इस टीम के कप्तान थे और जब उन्होंने ट्रॉफी उठाई तब सबको वह कप्तान दिखाई दिए। क्योंकि हर कोई टीम के फैसलों में योगदान दे रहा था। धोनी के पास कोई भी जा सकता था वह बहुत खुले हुए थे।

 आईकॉनिक बॉल-आउट को भी याद किया

आईकॉनिक बॉल-आउट को भी याद किया

हरभजन सिंह ने ग्रुप डी के उस आईकॉनिक बॉल-आउट को भी याद किया जो भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था। उस मुकाबले में दोनों ही टीमों ने 141 रन बनाए थे। भज्जी ने कहा कि बॉल आउट में खिलाड़ियों को गेंद फेंकने से केवल तीन से चार कदम ही दूर रहना था। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि वह लंबी दूरी तय करके भागेंगे तो अपना बैलेंस खो सकते हैं।

धोनी के अंदर कप्तान बनकर कोई खास बदलाव नहीं आया

धोनी के अंदर कप्तान बनकर कोई खास बदलाव नहीं आया

इसके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक भी कहते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी के अंदर कप्तान बनकर कोई खास बदलाव नहीं आया। जैसे वे खिलाड़ी थे वैसे ही कप्तान के तौर पर दिखाई दिए।

बता दें फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करने के दौरान 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 157 रन बनाए थे और पाकिस्तान की टीम को 152 रनों पर आउट कर दिया था। यह वही मैच था जब मिस्बाह उल हक ने जोगिंदर शर्मा के अंतिम ओवर में स्कूप लगाया था और वे शॉर्ट फाइन लेग की तरफ श्रीसंत के द्वारा लपके गए थे

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