'जब धोनी ने गेंदबाजी के लिये बुलाया तो मैं कांपने लगा था', हरभजन ने सुनाया 11 साल पुराना किस्सा
नई दिल्ली। क्रिकेट के इतिहास में जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें एक दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरती हैं तो फैन्स को कभी भी ड्रामे की कमी नजर नहीं आती है। कई बार ऐसे लम्हे नजर आते हैं जिसमें हाई ड्रामा, रोमांचक पल और दबाव देखने को मिलते हैं। पिछले एक दशक में भले ही भारत-पाकिस्तान के बीच ज्यादा मुकाबले देखने को नहीं मिले हैं लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब दोनों टीमों के बीच अक्सर मुकाबले देखने को मिलते थे और इस दुनिया की नंबर 1 राइवलरी माना जाता था।

हालांकि अब भारत-पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले मैच सिर्फ मल्टी नेशन टूर्नामेंट तक ही बंधकर रह गये है। भले ही दोनों टीमों के बीच द्विपक्षीय सीरीज देखने को नहीं मिलती है लेकिन जब भी आईसीसी टूर्नामेंट के दौरान इन दोनों का आमना-सामना होता है, क्रिकेट जगत में दोबारा वो पुराने लम्हे याद आने लग जाते हैं।
और पढ़ें: DC vs LSG: स्पिनर्स की फिरकी में फंसी दिल्ली कैपिटल्स, पंत-शॉ की विस्फोटक पारी ने बचाया

भारत-पाकिस्तान मैचों में थम जाती है सांसे
विश्वकप मैचों में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ काफी शानदार रिकॉर्ड रहा है, जिसमें उसने पाकिस्तानी की टीम के खिलाफ 12 बार जीत हासिल की है, जबकि 2021 के टी20 विश्वकप में पहली बार पाकिस्तान ने भारतीय टीम को मात देने का काम किया। विश्वकप में खेले गये सभी भारत-पाकिस्तान मैचों का अलग ही रोमांच होता है लेकिन 2011 विश्वकप सेमीफाइनल मैच की बात अलग है। मोहाली में खेले गये इस मैच में भारत ने जीत हासिल कर फाइनल का सफर तय किया था और श्रीलंका को हराकर जीत हासिल की थी। जाहिर सी बात है कि 2007 टी20 विश्वकप का फाइनल भी रोमांच के मामले में कम नहीं है लेकिन मोहाली में खेला गया यह मैच किसी भी लिहाज से कम नहीं है।

हरभजन ने याद किया 11 साल पुराना किस्सा
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मैच में 260 रनों का स्कोर खड़ा किया था जिसका पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम ने एक समय सिर्फ 4 विकेट खोकर 161 रन बना लिये थे। लेकिन हरभजन सिंह ने यहां पर आकर उमर अकमल का विकेट चटकाया, जिसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और भारत ने जीत हासिल की। पैडी ऑप्टन के पोडकास्ट 'लेसन्स फ्रॉम द वर्लड्स बेस्ट' में बात करते हुए हरभजन सिंह ने उस सेमीफाइनल मैच को याद किया और बताया कि ड्रिंक्स ब्रेक्स के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें गेंदबाजी के लिये बुलाया था, लेकिन मैच के दबाव में हरभजन घबरा गये थे।

धोनी ने बुलाया तो मैं कांप गया
पोडकास्ट में बात करते हुए हरभजन ने कहा,'मेरे करियर में कुछ ऐसे लम्हे में हुए हैं..जब मैं मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गये सेमीफाइनल में खेल रहा था तो धोनी ने मुझे दूसरे स्पेल में गेंदबाजी के लिये बुलाया। सच्चाई यह है कि उस वक्त मैं कांप रहा था। वो मैच की उस स्टेज पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। ड्रिंक्स ब्रेक्स के बाद धोनी ने मुझे गेंदबाजी करने के लिये। मैं बहुत ज्यादा डरा हुआ था लेकिन मैं लोगों को दिखाना नहीं चाहता था कि मुझ पर कितना दबाव है।'

2007 विश्वकप फाइनल में भी हरभजन को गेंदबाजी के लिये था बुलाया
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं था जब धोनी ने हरभजन को मुश्किल ओवर फेंकने के लिये बुलाया था। रिपोर्ट के अनुसार 2007 के टी20 विश्वकप के जोहान्सबर्ग फाइनल के लिये हरभजन को धोनी ने आखिरी ओवर में गेंदबाजी के लिये बुलाया था लेकिन वो खुद पर ज्यादा विश्वास नहीं जता पाये थे जिसकी वजह से जोंगिंदर शर्मा को गेंदबाजी का जिम्मा दिया गया और फैन्स को ऐतिहासिक जीत देखने को मिली। हालांकि जब पाकिस्तान के खिलाफ धोनी ने उन्हें गेंदबाजी के लिये बुलाया तो उन्होंने अपनी नब्ज पर संयम बनाये रखा और ध्यान से गेंदबाजी की, इसका फायदा टीम को मिला और दूसरे स्पेल की पहली ही गेंद पर उन्हें विकेट मिल गई।

खुद को शांत रखना जरूरी
हरभजन ने आगे बात करेत हुए कहा,'आपको खुद को शांत रखना होता है और यह सोचना होता है कि आप यह पहले भी कर चुके हैं। आप पिछले कई सालों से यही करते आ रहे हैं और इसी लम्हे के लिये कड़ी मेहनत करते आये हैं। खुद पर बने दबावों को अलग रखिये और गहरी सांस लेकर ध्यान लगाइये और वही कीजिये जो आप सबसे बेस्ट करते हैं। मुझे पहली ही गेंद पर विकेट मिल गई और इससे मेरा आत्म-विश्वास भी वापस आ गया। मैं पहले से ज्यादा शांत हो गया और पहली ही गेंद पर विकेट मिलने से हमें ब्रीथिंग स्पेस मिल गई।'












Click it and Unblock the Notifications