वनडे में फ्लॉप रही आर अश्विन की वापसी, हरभजन ने बताया अब किन 2 स्पिनर्स को मिले मौका

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के लिये पिछले कुछ महीने बहुत ही शानदार तरीके से बीते हैं और लंबे समय से सीमित ओवर्स क्रिकेट से दूर चल रहे इस खिलाड़ी ने भारत के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वापसी की है। आर अश्विन ने टी20 विश्वकप 2021 में करीब 4 साल बाद पहली बार भारत के लिये क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में वापसी की तो वहीं पर हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खत्म हुई वनडे सीरीज में वो 5 साल बाद वापस लौटे थे। जहां टी20 प्रारूप में खेलते हुए अश्विन का प्रदर्शन सम्मानजनक था तो वहीं पर वनडे प्रारूप में उनका प्रदर्शन औसत से भी नीचे रहा। इसी पर बात करते हुए भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने वनडे क्रिकेट में अश्विन की वापसी पर अपना आकलन दिया है।
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हरभजन सिंह का मानना है कि अब समय आ गया है जब भारतीय टीम को वनडे प्रारूप में रविचंद्रन अश्विन से आगे देखना चाहिये। उल्लेखनीय है कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज में भारतीय स्पिनर्स पूरी तरह से नाकाम रहे थे। जहां पर चहल ने 3 मैचों में सिर्फ 2 विकेट चटकाया था तो वहीं पर अश्विन 2 मैचों में सिर्फ एक ही विकेट निकाल पाये थे। वहीं आखिरी मैच में खेलने वाले जयंत यादव के खाते में एक भी विकेट नहीं आ सका था।
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पूरी तरह फ्लॉप रही अश्विन-चहल की जोड़ी
भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने क्रिकेट इतिहास का अब तक का सबसे खराब स्पिन औसत हासिल किया जिसमें अश्विन-चहल की जोड़ी ने 114.33 की औसत से 3 विकेट हासिल किये। स्पोर्टस तक से बात करते हुए भारतीय टीम के प्रदर्शन पर हरभजन ने अपनी बात कही और कहा कि जिस एप्रोच से इस जोड़ी ने गेंदबाजी की उससे विकेट निकालने के काफी कम मौके बनें।
उन्होंने कहा,'अश्विन और चहल ज्यादा मौके बना पाने में नाकाम रहे। वह गेंदबाजी से काफी डिफेंसिव नजर आ रहे थे। मैच के दौरान कई ऐसे मौके थे जब वो एक स्लिप लगाकर अटैक कर सकते थे लेकिन वो ऐसा करते हुए नजर नहीं आये। हम बीच के ओवर्स में विकेट निकालने में नाकाम रहे क्योंकि हम वो ललक मिस कर रहे थे जिसमें हम विकेट निकालने के लिये जाते, बल्कि ऐसा लग रहा था कि हम विकेट मिलने का इंतजार कर रहे थे।'

कुलचा को वापस लाना शानदार विकल्प
हरभजन सिंह ने आगे बात करते हुए बताया कि कैसे भारतीय टीम बीच के ओवर्स में विकेट निकालने में कामयाब हो सकती है और इसके लिये उन्होंने कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जोड़ी को वापस लाने की भी बात कही। कुलदीप यादव ने पिछले 2 सालों में भारत के लिये 9 वनडे मैच खेलकर 8 विकेट चटकाये हैं। वह भारत के लिये आखिरी बार जुलाई 2021 में श्रीलंका दौरे पर नजर आये थे।
उन्होंने कहा,'जब कुलचा (कुलदीप-चहल) की जोड़ी खेलती थी तो हम बीच के ओवर्स में काफी विकेट चटकाते थे और भारतीय टीम को जीत मिलती थी। मुझे नहीं पता कि वो अलग क्यों किये गये और 2019 विश्वकप के बाद क्यों दोनों को उतने मौके नहीं मिले। अब वक्त आ गया है कि इस जोड़ी को साथ लाया जा सके या फिर उन गेंदबाजों को मौका दिया जाये जो बीच के ओवर्स में विकेट हासिल कर सकें क्योंकि हमें बीच के ओवर्स में विकेट की जरूरत है।'

वरुण चक्रवर्ती को भी दिया जा सकता है मौका
हरभजन सिंह ने अपनी बातचीत के दौरान सिर्फ कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जोड़ी को ही वापस लाने पर बात नहीं बल्कि कुछ और विकल्प भी बताये जो वनडे प्रारूप के बीच के ओवर्स में विकेट दिलाने में सफल साबित हो सकते हैं। हरभजन का मानना है कि वरुण चक्रवर्ती को भी मौका दिया जा सकता है, जिन्हें 2021 के टी20 विश्वकप कप के बाद मौका नहीं मिल सका है। वरुण ने भारत के लिये 6 टी20 मैचों में 5.86 की औसत से 2 विकेट लिये हैं और वनडे में अभी भी अपने डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,'आप वरुण चक्रवर्ती जैसे गेंदबाज को भी मौका दे सकते हैं, जिन्हें दोबारा मौका देने में कोई नुकसान नहीं हैं। हां वो टी20 विश्वकप के कुछ मैचों में जरूर खेलते हुए नजर आये और जब सफल नहीं हुए तो उन्हें नाकाफी मान लिया गया। लेकिन आपको याद रखना होगा कि क्रिकेट में मार्वन अटापट्टु जैसे खिलाड़ी भी हुए हैं जिन्होंने करियर की पहली 10 पारियों में कोई रन नहीं बनाया था और बाद में श्रीलंका के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बन गये। आप किसी को 2-3 मैचों के प्रदर्शन पर जज नहीं कर सकते हैं।'

अब भारत को अश्विन से परे देखने की जरूरत
हरभजन सिंह ने इस दौरान अश्विन को लेकर भी बात की और उन्हें सभी प्रारूपों में एक चैम्पियन गेंदबाज बताया, हालांकि इस दिग्गज ऑफ स्पिनर का मानना है कि वनडे क्रिकेट में भारत को ऐसे स्पिनर की जरूरत है जो बल्लेबाज की काबिलियत को चुनौती दे सके।
उन्होंने कहा,' प्रारूप कोई भी रहा हो, अश्विन ने भारतीय टीम के लिये काफी कुछ किया है। अश्विन एक चैम्पियन गेंदबाज रहे हैं लेकिन मुझे लगता है कि वनडे प्रारूप में भारत को अब कुछ नये विकल्प की ओर देखना चाहिये जो गेंद को अंदर और बाहर दोनों ओर घुमा सकें। कुलदीप यादव जैसा गेंदबाज काफी अच्छा विकल्प साबित होगा और कुलचा की जोड़ी को फिर से मौका दिया गया जा सकता है। इस जोड़ी ने भारत के लिये पिछले कुछ सालों में जितने मैचों में जीत दिलाई है उतने मैच शायद ही किसी और जोड़ी को मिले हैं, उन्हें एक साथ खेलते देखना काफी अच्छा साबित हो सकता है।'












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