'ब्रेक लें या फिर खेलना जारी रखें विराट', खराब फॉर्म से जूझ रहे कोहली को पूर्व चयनकर्ता ने दी बड़ी सलाह
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन में विराट कोहली की खराब फॉर्म का दौर लगातार जारी है और रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गये मैच में भी देखने को मिली। इस मैच में जगदीश सुचित की पहली ही गेंद पर विराट कोहली हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन को कैच थमा बैठे और सीजन में तीसरी बार गोल्डन डक का शिकार हुए। विराट कोहली अपने पूरे आईपीएल करियर में सिर्फ 6 बार गोल्डन डक पर आउट हुए हैं, जिसमें से पहले 3 आने में उन्हें 14 सीजन लगे तो वहीं इस बार एक ही सीजन में वो 3 बार पहली ही गेंद पर आउट हो चुके हैं। इतना ही नहीं सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गये इस सीजन दोनों मैचों में वो गोल्डन डक पर ही आउट हुए हैं और एक भी रन बना पाने में नाकाम रहे हैं।

विराट कोहली को सनराइजर्स हैदराबाद के लिये जगदीश सुचित से पहले मार्को येंसन ने पहली ही गेंद पर वापस पवेलियन भेजा था। विराट कोहली इस सीजन खेले गये 12 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक के दम पर महज 216 रन बना सके हैं, जबकि 7 पारियों के दौरान वो 10 गेंद भी नहीं खेल सके हैं। कोहली की खराब फॉर्म को लेकर खेल जगत के दिग्गजों की अलग-अलग राय है।
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वेंगसरकर ने बताया कोहली को क्या करना चाहिये
जहां पर टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि लगातार क्रिकेट और थकान भरे शेड्यूल के चलते विराट कोहली की फॉर्म खराब है और उन्हें ब्रेक ले लेना चाहिये तो वहीं पर सुनील गावस्कर का मानना है कि कोहली के ब्रेक का मतलब भारतीय टीम के मैचों से बाहर होना नहीं हो तो उन्हें ब्रेक लेना चाहिये, लेकिन फॉर्म हासिल करने के लिये उन्हें खेलना जारी रखना चाहिये। इस बीच भारतीय चयनसमिति के पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने भी अपनी राय दी है और बताया है कि उन्हें आराम करना चाहिये या फिर खेलना जारी रखना चाहिये।
उन्होंने कहा,'किसी भी खिलाड़ी की खोई हुई लय तभी वापस आ सकती है जब वो क्रीज पर समय बिताये। मुझे लगता है कि उन्हें खेलना जारी रखना चाहिये। अगर आप खेलेंगे नहीं तो फॉर्म के आने का पता ही नहीं चलेगा, क्योंकि जब आप क्रीज पर वक्त बिताते हैं तभी आपकी फॉर्म वापस आती है। जब आपके खाते में रन आते हैं तो तो आप अच्छा महसूस करते हैं। अगर वो आईपीएल के बचे हुए मैचों में रन बनाते हैं तो वो ब्रेक ले सकते हैं।'

कोहली की फॉर्म में कोई खराबी नहीं है
पूर्व चयनकर्ता ने आगे बात करते हुए कहा कि मेरी निजी राय है अगर आप बिना रन बनाये ब्रेक लेते हैं तो आपकी फॉर्म को लेकर दिमाग में बहुत सारे खराब ख्याल आने शुरू हो जाते हैं। मुझे नहीं लगता कि आपको इस तरह से ब्रेक लेना चाहिये।
उन्होंने कहा,'विराट कोहली को लेकर मेरी बस एक ही सलाह है कि उनकी फॉर्म तभी वापस आयेगी जब वो पिच पर समय बितायेंगे। मुझे विराट कोहली की बल्लेबाजी में बहुत ज्यादा गलतियां नजर नहीं आती हैं। टी20 का प्रारूप कुछ इसी प्रकार का है। आप वहां पर टिकने के लिये ज्यादा समय नहीं बिता सकते क्योंकि आप को शुरू से ही शॉट खेलने होते हैं। अगर आप बहुत अच्छी फॉर्म में नहीं हो तो एक बल्लेबाज के तौर पर चीजें आपके लिये मुश्किल हो सकती हैं।'

उम्मीदों के बोझ से दबे हुए हैं कोहली
गौरतलब है कि विराट कोहली के बल्ले से चल रहे लगातार रनों के सूखे की वजह से उनकी टी20 और टेस्ट क्रिकेट की रैंकिंग में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं खराब फॉर्म को लेकर उन्होंने क्रिकेट के हर प्रारूप और हर टीम की कप्तानी भी छोड़ दी है लेकिन इसके बावजूद उनके प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। वेंगसरकर का मानना है कि विराट कोहली उम्मीदों के बोझ से दबे जा रहे हैं। वो पिछले 100 से ज्यादा मैचों के अंदर एक भी शतक नहीं लगा सके हैं लेकिन जल्द ही वो इस सूखे को दूर करते हुए नजर आयेंगे।
उन्होंने कहा,'अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अगर आपने देखा हो तो वो शतक भले नहीं बना पाये हों लेकिन वो रन बना रहे हैं। मुझे लगता है कि भारत में हम रन बनाने का मतलब सिर्फ शतक लगाना समझते हैं। 60 और 70 के बीच के रनों को रन नहीं माना जाता है। यह बहुत ही गलत सोच है, मुझे लगता है कि जरूरी है कि उस पारी का प्रभाव क्या रहा है। वो शतक लगाने से ज्यादा जरूरी है। हम भारत में निजी उपलब्धियों पर ज्यादा जोर देते हैं।'












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