'नहीं चाहता जो मैंने जो झेला वो मेरा बेटा झेले', पूर्व पाक कप्तान ने किया बड़ा खुलासा
नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने 2017 के चैम्पियन्स ट्रॉफी के फाइनल मैच में भारत को बड़ी मात देकर जब खिताब जीता था तो ऐसा लगा कि 2019 विश्वकप में उसे रोक पाना आसान नहीं होगा, हालांकि जब 2019 विश्वकप के सेमीफाइनल में भी पाकिस्तान की टीम जगह बना पाने में नाकाम रही तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैनेजमेंट में कई बड़े बदलाव कर डाले। पीसीबी ने न सिर्फ पाकिस्तान के कोच को बदला बल्कि तत्कालीन कप्तान सरफराज अहमद को उनकी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया।

इतना ही नहीं 2019 विश्वकप के बाद सरफराज अहमद को टीम से भी बाहर कर दिया गया और एक नई शुरुआत की गई, जिसका फायदा 2021 में खेले गये टी20 विश्वकप में देखने को मिला। पाकिस्तान की टीम ने 2021 टी20 विश्वकप के सेमीफाइनल में जगह बनाई और घर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लंबे समय बाद खेली गई वनडे सीरीज में ऐतिहासिक जीत हासिल की।
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पाकिस्तान क्रिकेट मे हो गई है नये युग की शुरुआत
कप्तान बाबर आजम के नेतृत्व में पाकिस्तान क्रिकेट के नये युग की शुरुआत हो चुकी है जिसमें शाहीन शाह अफरीदी, मोहम्मद रिजवान, फखर जमान और इमाम उल हक जैसे बल्लेबाज उभर कर सामने आये हैं लेकिन 2019 विश्वकप में खेल चुके कई बड़े खिलाड़ी अब भविष्य की नीतियों का हिस्सा नहीं रहे हैं। 2019 विश्वकप के थोड़े समय बाद सरफराज अहमद से कप्तानी छीनी गई और कुछ समय बाद उन्हें वनडे और टी20 टीम से भी बाहर कर दिया गया। अब जिस तरह से मोहम्मद रिजवान का प्रदर्शन रहा है उसे देखते हुए सरफराज की वापसी हो पाना नामुमकिन नजर आता है।

इस वजह से बेटे के क्रिकेटर बनने के खिलाफ हैं सरफराज
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद का एक बेटा है जिसका नाम अब्दुल्लाह है, जो कि अपने पिता की ही तरह क्रिकेट के प्रति काफी जुनूनी हैं, हालांकि पाकिस्तान की कप्तानी कर चुका यह खिलाड़ी नहीं चाहता कि उनका बेटा क्रिकेट को बतौर प्रोफेशन अपनाये और इसको लेकर जो वजह बताई है वो काफी चौंकाने वाला है।
एक स्थानीय चैनल को दिये गये इंटरव्यू में सरफराज ने कहा,'अब्दुल्लाह क्रिकेट खेलने को लेकर काफी जुनूनी है लेकिन मैं नहीं चाहता कि वो एक क्रिकेटर बनें। दरअसल एक क्रिकेटर के रूप में मैंने बहुत कुछ सहा है और मैं नहीं चाहता कि मेरा बेटा भी उन चीजों का सामना करे। यह आदमी का स्वाभाव है। एक क्रिकेटर होने के नाते मैं चाहूंगा कि मेरे भाई या बेटे का चयन तुरंत हो जाये और जब ऐसा नहीं होगा तो काफी बुरा लगता है।'

सानिया मिर्जा ने भी की थी टैलेंट की तारीफ
गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज मोइन खान और भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने अब्दुल्लाह के क्रिकेटिंग टैलेंट की जमकर तारीफ की थी। सरफराज अहमद ने साफ किया कि वो अपने बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने के पूरी तरह से खिलाफ नहीं हैं लेकिन अगर वो ऐसा चाहते हैं तो उन्हें टॉप तक पहुंचने के लिये बिना किसी मदद के जगह बनानी होगी।
उन्होंने कहा,'कई सारे लोगों का मानना है कि अब्दुल्लाह में काफी टैलेंट है और मुझे उसे क्रिकेट खेलने देना चाहिये। मोइन भाई ने अब्दुल्लाह की स्किल्स की तारीफ की थी और सानिया मिर्जा ने भी मुझे एक बार कहा था कि उसमें अच्छा क्रिकेटर बनने की काबिलियत है लेकिन मैं चाहता हूं कि अगर वो इसे ही अपना लक्ष्य बनाता है तो उसे हासिल करने के लिये कड़ी मेहनत करे। किसी को भी आसान राह नहीं मिलनी चाहिये फिर चाहे वो मेरा बेटा ही क्यों न हो।'












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