AFG vs NZ: पाकिस्तान नहीं क्रिकेट के सुपर पावर भारत में सुखाया गया पंखे से ग्राउंड, दुनिया भर में बन रहा मज़ाक
AFG vs NZ: वर्ल्ड क्रिकेट में बीसीसीआई की दादागीरी चलती है और भारत को इस खेल का सुपर पावर कहा जाता है। दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड की बात को कोई नहीं टाल सकता और अब तो भारत से आईसीसी में जय शाह भी बतौर चेयरमैन चुने गए हैं। अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच नोएडा टेस्ट से भारत की भद्द पिटी है।
ग्रेटर नोएडा स्थित विजय पथिक क्रिकेट स्टेडियम में अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच एकमात्र टेस्ट में दो दिन तक ग्राउंड तैयार नहीं हो पाया। बारिश के कारण बिगड़े हालातों के बाद मैदान को तैयार करने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन सफलता नहीं मिली। दोनों दिन टॉस नहीं हो पाया।

पंखे से मैदान सुखाया तो उड़ा मज़ाक
गीले आउटफील्ड को सुखाने के लिए हर तरह का प्रयास किया गया। इनमें इलेक्ट्रिक पंखा भी शामिल था। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ा लेकिन मजाक उड़ाने का टॉपिक लोगों को मिल गया। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भारत का मजाक बना और बीसीसीआई को निशाना बनाया गया।
आर्टिफिशियल घास लगाई गई
मैदान के कुछ स्थान गीले हो गए, तो उनको खोदकर फिर से वहां आर्टिफिशियल घास लगाई गई, इससे प्लेयर को चोट लगने का खतरा ज्यादा हो गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अंत में दर्शकों को भी ग्राउंड तैयार करने के लिए बुला लिया गया। स्थिति गली क्रिकेट के किसी मैदान से भी बदतर हो गई थी।
केटरिंग के लिए नहीं थी पानी की व्यवस्था
स्टेडियम खस्ताहाल हर क्षेत्र में था, इसमें केटरिंग के लिए पानी भी अहम मुद्दा था। केटरिंग के लोग खाना बनाने के लिए टॉयलेट में लगे वॉश बेसिन पानी से ले रहे थे। इसके कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इतनी बदइंतजामी भारत में शायद ही पहले कभी हुई होगी।
प्लेयर्स के खाने की मेज तक नहीं
खराब व्यवस्था का आलम यह था कि प्लेयर्स को खाने की मेज तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद नहीं थी कि ग्रेटर नोएडा में उनके साथ यह होने वाला है। उत्तर प्रदेश के साथ ही पूरे देश की घनघोर बेइज्जती हुई है और पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान के लोग बीसीसीआई को ट्रोल कर रहे हैं।
किसे ठहराया जाएगा जिम्मेदार
बीसीसीआई इस मामले पर पूरी तरह चुप है, जो नहीं होना चाहिए। न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीम भारत आई है और उनके जीवन का भी शायद यह पहला खराब अनुभव होगा। अब देखना यह है कि गीले आउटफील्ड या बारिश का बहाना बनाया जाएगा अथवा कोई कार्रवाई की जाएगी। नोएडा स्टेडियम को बीसीसीआई ने खुद ही बैन किया था, तो अब अफगानिस्तानी टीम को बतौर होम ग्राउंड क्यों दिया? यह भी एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब तो आना ही चाहिए।












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