'टूर्नामेंट तो आते रहते हैं,' पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंध पर एस जयशंकर ने कही दो टूक बात
क्या भारत को पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट खेलना अब शुरू कर देना चाहिए? इस पर बीसीसीआई और पीसीबी के बीच पहले से काफी विवाद चल रहा है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सरकार का रुख क्लियर किया है।

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बीसीसीआई और पीसीबी के बीच में हाल-फिलहाल चीजें बहुत सही नहीं चली हैं। वहां रमीज राजा लगातार भारतीय टीम और बोर्ड को लेकर बयानबाजियां कर रहे हैं और भारत की ओर से लीडर्स ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को लगातार बैक किया है। बीसीसीआई भी सरकार से हटकर नहीं चलना चाहता इसलिए उसने हमेशा कहा है कि पाकिस्तान जाकर खेलना का फैसला सरकार करेगी। सरकार जो भी करेगी बीसीसीआई उसका पालन करेगा।
ये बात तब शुरू हुई थी जब बोर्ड सचिव जय शाह ने साफ किया था कि पाकिस्तान में होने जा रहे एशिया कप के लिए भारतीय टीम शिरकत नहीं करेगी। ये कप अगले साल प्रस्तावित है। इसके बजाए एशिया कप किसी न्यूट्रल जगह पर कराया जाएगा और फिर टीम इंडिया जा सकती है। इस पर पीसीबी ने रुख अपनाया हुआ है कि भारत एशिया कप के लिए पाकिस्तान नहीं आ सकता तो पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप के लिए भारत नहीं जा सकता। अगले साल वनडे वर्ल्ड कप भारत में होने जा रहा है।
अनुराग ठाकुर के बाद जयशंकर का स्पष्ट रुख-
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा सरकार का रुख स्पष्ट करने के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान में अगले साल होने वाले एशिया कप में भारत की भागीदारी को लेकर सीमा पार आतंकवाद पर सरकार के सख्त रुख को क्लियर किया है। जयशंकर ने टूर्नामेंट के लिए भारतीय खिलाड़ियों को पड़ोसी देश की यात्रा नहीं करने देने के बीसीसीआई के फैसले का समर्थन किया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोनों क्रिकेट बोर्डों के बीच चल रहे विवाद के बीच भारत सरकार के रुख को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकी खतरों को खत्म करना शुरू नहीं करता, तब तक भारत पाकिस्तान द्वारा आयोजित किसी भी टूर्नामेंट में भाग नहीं लेगा।
जयशंकर ने आजतक के एजेंडा पर बात करते हुए कहा, "टूर्नामेंट आते रहते हैं और आप सरकार के रुख से अवगत हैं। देखते हैं क्या होता है। क्या आप अपने पड़ोसी से बात करेंगे यदि वह आपके सिर पर बंदूक रखता है? यदि आपका पड़ोसी खुले तौर पर आतंक को बढ़ावा देता है, तो क्या आप उससे बात करेंगे? भारत-पाकिस्तान सीमा पर यह एक असाधारण स्थिति है। लेकिन हमें उम्मीद है कि वे आतंक का रास्ता छोड़ देंगे।
'जब तक आतंकवाद है तब तक क्रिकेट नहीं'
"आप क्रिकेट पर हमारा रुख जानते हैं। हमें कभी भी यह स्वीकार नहीं करना चाहिए कि एक देश को आतंकवाद को प्रायोजित करे। जब तक हम इसे अवैध नहीं करते, यह जारी रहेगा। इसलिए, पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव होना चाहिए। जब तक आतंकवाद के पीड़ित खुद आवाज नहीं उठाते तब तक दबाव नहीं पड़ेगा। ऐसे में भारत को एक तरह से नेतृत्व करना चाहिए, क्योंकि आतंकवाद के चलते हमारा खून बहा है।"
भारत-पाक के बीच 23 अक्टूबर में टी20 विश्व कप मुकाबला बड़ा जबरदस्त साबित हुआ था जहां पर भारत विराट कोहली की आश्चर्यजनक पारी के दम पर नाटकीय अंदाज में जीत हासिल करने में सफल रहा था।












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