'मुझे नहीं लगता कि मेरा नाम उनके साथ होना चाहिये', जाने क्यों लॉर्डस की ऐतिहासिक पारी पर ऐसा बोले मिचेल
नई दिल्ली। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच नॉटिंघम के मैदान पर खेला जा रहा है, जहां पर बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लैंड की टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की हुई है और दूसरे मैच में भी इसे बरकरार रखना चाहती है। इसी को देखते हुए जब इंग्लैंड ने टॉस जीता तो पहले गेंदबाजी का फैसला किया, हालांकि इस मैच में कीवी बल्लेबाजों ने ज्यादा बेहतर बल्लेबाजी करते हुए दूसरे दिन के लंच तक 114 ओवर्स में 5 विकेट खोकर 412 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया है।
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न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान टॉम लैथम (26) और विल यंग (47) ने शानदार तरीके से पारी का आगाज किया तो वहीं पर डेवोन कॉन्वे (46) और हेनरी निकोल्स (30) ने अहम पारियों का योगदान दिया लेकिन न्यूजीलैंड की टीम ने 169 रन के स्कोर पर 4 विकेट खो दिये थे। हालांकि डैरिल मिचेल (नाबाद 128) और टॉम ब्लंडेल (106) ने शतकीय पारियां लगाकर कीवी टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया।

लगातार दो मैचों में शतक लगा चुके हैं मिचेल
डैरिल मिचेल ने इससे पहले लॉर्डस के मैदान पर भी अपनी टीम के लिये शानदार बल्लेबाजी की थी और शतक लगाकर मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला था लेकिन अपनी टीम को हार से बचा नहीं सके थे। हेनरी निकोल्स के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल किये गये डैरिल मिचेल ने अपने शतक से सभी को हैरान कर दिया और पहली पारी में ताश के पत्तों की तरह ढही टीम को इस शर्मनाक कारनामे को दोहराने से बचा लिया। भले ही वो अपनी टीम के लिये मैच बचाने में कामयाब नहीं हो सके लेकिन उन्होंने 203 गेंदों में 108 रनों की पारी खेलकर अपना नाम लॉर्डस के ऑनर्स बोर्ड पर जरूर दर्ज करवा दिया।

लॉर्डस के मैदान पर शतक लगाना सपना था
द टेलिग्राफ से बात करते हुए मिचेल ने कहा कि वो इस उपलब्धि पर पहुंचने के बाद खुद को रोक नहीं पाये थे।
उन्होंने कहा,'मैं पहले खुद को रिलैक्स रखना चाहता था जैसा कि केन विलियमसन और ऐसा लगा कि मैं उनकी तरह ही खेल रहा था। हालांकि मैं खुद पर नियंत्रण नहीं रख सका। यह बहुत ही शानदार अनुभव था। मैंने खुद को बह जाने दिया, यह मेरा व्यक्तित्व है, लॉर्डस के मैदान पर शतक लगाना हमेशा से मेरा सपना रहा था। मैं इसे सारी जिंदगी याद रखना चाहूंगा'

मुझे नहीं लगा था कि वहां पर मेरा नाम आयेगा
अपने शतक पर बात करते हुए मिचेल ने कहा,'मैंने अपने परिवार के साथ एक तस्वीर क्लिक की है जिसे हम फ्रेम कराने वाले हैं। ड्रेसिंग रूम में मेरी जगह ऑनर्स बोर्ड के नीचे ही था जहां पर इस खेल के कुछ महान खिलाड़ियों का नाम लिखा है। मुझे नहीं लगा था कि मेरा नाम उस बोर्ड पर होना चाहिये लेकिन ये कुछ ऐसा है जिसे मैं हमेशा याद रखने वाला हूं।'

हर रोज देखने को नहीं मिलते हैं ये लम्हे
इस बल्लेबाज ने जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंदबाजी का लॉर्डस के मैदान पर सामना करने की खुशी के बारे में बात करते हुए कहा कि यह मेरी जिंदगी का सबसे खुशियों भरा दिन है।
उन्होंने कहा,'लॉर्डस के मैदान पर जिम्मी एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड का सामना करना एक बच्चे के तौर पर आपका सपना होता है। टीम को मुश्किल से बाहर निकालना अपने आप में काफी खुशी की बात है। मैंने इसे काफी एन्जॉय किया। मैंने बीच में रुककर कई बार खुद को याद दिलाया कि मुझे इसका लुत्फ उठाना चाहिये। ये लम्हे हर रोज देखने को नहीं मिलते हैं।'












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