ENG vs IND: जो, जेमी, जॉनी से कैसे भिड़ेंगे द्रविड़ के ‘जनार्दन’?
एजबेस्टन टेस्ट के पहले भारत के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। दुर्भाग्य का पहला साया कप्तान रोहित शर्मा पर ही पड़ा है।
नई दिल्ली: एजबेस्टन टेस्ट के पहले भारत के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। दुर्भाग्य का पहला साया कप्तान रोहित शर्मा पर ही पड़ा है। वे कोरोना संक्रिमित हैं और उनके खेलने पर संशय है। वे आइसोलेशन में हैं और डॉक्टर की निगरानी में हैं। क्रिकेट प्रेमी उनके रिकवर होने की दुआ कर रहे हैं। अगर रोहित शर्मा इस टेस्ट में नहीं खेले तो भारत की सलामी बल्लेबाजी बहुत प्रभावित होगी। उनके जोड़ीदार के एल राहुल पहले ही इस टेस्ट मैच से बाहर हो चुके हैं। पिछले साल हुए इस सीरीज के तीन मैचों में दोनों ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। दोनों के बल्ले से शतक भी निकला था। अब रोहित का बीमार होना भारत के लिए बुरी खबर है।

खलेगी रोहित की गैरमौजदगी
नियमित कप्तान के नहीं होने से भारतीय टीम के मनोबल पर असर पड़ेगा। ऐसे में बल्लेबाजी का सारा दारोमदार अनुभवी विराट कोहली पर रहेगा। काउंटी की कामयाबी के बाद चेतेश्वर पुजारा टीम में लौटे तो हैं लेकिन प्रैक्टिस मैच में जीरो पर आउट होने के बाद उनकी फॉर्म पर भरोसा करना मुश्किल है। अगर नियमित सलामी बल्लेबाज और वन डाउन बैटर को लेकर कोई संदेह हो तो टीम के बाकी बल्लेबाजों पर एक अतिरिक्त दबाव आ जाएगा। अब यह भारतीय बल्लेबाजों पर निर्भर करता है कि वे इस दबाव से कैसे उबर पाते हैं।

जो, जेमी, जॉनी से कैसे पार पाएंगे?
एक तरफ भारत की बल्लेबाजी पर संकट के बादल छाये हुए हैं तो दूसरी तरफ इंग्लैंड के बल्लेबाज धुआंधार खेल दिखा रहे हैं। जॉनी बेयरस्टो ने लगातार दो शतक ठोक दिये। वे टेस्ट को भी वनडे के अंदाज में खेल रहे हैं। दूसरे टेस्ट में उन्होंने कप्तान बेन स्टोक्स के साथ मैच जिताउ पारी खेली थी। बेयरेस्टो की यह पारी टेस्ट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी। इंग्लैंड को अंतिम दिन 72 ओवर में 299 रन बनाने थे। टेस्ट मैच की चौथी पारी में 299 रन बनाना आमतौर पर मुश्किल माना जाता है। लेकिन बेयरेस्टो ने 77 गेंदों में शतक ठोक कर तहलका मचा दिया। बेयरेस्टो और बेन स्टोक्स ने इस कठिन लक्ष्य को बिल्कुल आसान बना दिया और सिर्फ 50 ओवर में ही जीत के लिए जरूरी रन बना दिये। बेयरेस्टों ने 92 गेंदों में 136 रन बनाये। स्टोक्स ने 70 गेंदों पर नाबाद 75 रन बनाये।
तीसरे टेस्ट में जब इंग्लैंड 55 रन पर छह विकेट गंवा कर संघर्ष कर रहा था तब जॉनी बेयरस्टो ने डेब्यूडेन्ट जेमी ओवरटन के साथ मिल कर 241 रनों की साझेदारी कर टीम को मुकाबले में फिर खड़ा कर दिया। जेमी ओवरटन अपने पहले टेस्ट में तीन रन से शतक बनाने से चूक गये। लेकिन उन्होंने गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाया। इंग्लैंड को एक नया सितारा मिल गया। जो रूट, ओली पोप भी फॉर्म में हैं।

इंग्लैंड दबाव में बेहतर खेल रहा
जब से ब्रेंडन मैकुलम इंग्लैंड के हेड कोच बने हैं तब से टीम एक फाइटर की तरह खेल रही है। उनके मिजाज के लायक बेन स्टोक्स के रूप में नया कप्तान भी मिल गया। फिर दोनों ने मिल कर टीम की कायापलट कर दी। इंग्लैंड की टीम अब खतरों की खिलाड़ी बन गयी है। दूसरे और तीसरे टेस्ट मैच में जोखिम उठा कर इंग्लैंड ने अपनी स्थिति बेहतर बनायी। इंग्लैंड की टीम अब कितना साहसी हो गयी है यह एक उदाहरण से समझा जा सकता है। पिछले साल लॉर्ड्स टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को चौथी पारी में 75 ओवर में 273 रन बनाने की चुनौती दी थी। लेकिन इंग्लैंड ने जीतने की कोशिश नहीं की थी और यह टेस्ट ड्रॉ हो गया था। उस समय जो रूट इंग्लैंड के कप्तान थे और क्रिस सिल्वरवुड हेड कोच। इंग्लैंड ने तब चौथी पारी में 70 ओवर खेल कर 3 विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाये थे। डोमिनिक सिब्ली 60 रनों पर नाबाद और ओली पोप 20 रनों पर नाबाद लौटे थे। लेकिन जब सिल्वरबुड की जगह मैकुलम आये तो उन्होंने टीम का नजरिया ही बदल दिया। एक साल बाद इसी इंग्लिश टीम ने केवल 50 ओवर में 299 का स्कोर ठोक दिया।

आक्रमण का जवाब आक्रमण से देना होगा
मैकुलम ने टीम को गुरुमंत्र दिया, बचाव के लिए आक्रमण ही सर्वोत्तम नीति है। वे खुद जैसे विस्फोटक बल्लेबाज थे उन्होंने टीम को भी वैसा ही आक्रामक बना दिया। दबाव जितना अधिक होता टीम का खेल उतना ज्यादा निखर जाता है। ऐसी आक्रामक टीम के खिलाफ भारत का खेलना आसान नहीं होगा। वह भी तब जब टीम के प्लेईंग इलेवन को लेकर उहापोह की स्थिति हो। अब भारत को भी ठोस बल्लेबाजी से जवाब देना होगा । वह इसलिए क्यों कि गेंदबाज तभी अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे जब उनको बचाव के लिए एक सम्मानजनक स्कोर दिया जाए।












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