'कहां गया अदब, ऐसे बात करोगे? जब सचिन ने डेब्यू किया तब तुम पालने में थे मार्नस लाबुशेन'

नई दिल्ली, 20 जुलाई: ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज मारनस लाबुशेन स्टीव स्मिथ के स्तर के खिलाड़ी माने जाते हैं। स्टीव स्मिथ आधुनिक क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ टेस्ट प्लेयर है और लाबुशेन उनके नक्शे कदमों पर चल रहे हैं। दूसरी ओर यह भी सच है कि भारत के महान बल्लेबाज रह चुके सचिन तेंदुलकर जिस दौर में खिला करते थे उस समय लाबुशेन एक छोटे से बच्चे ही थे। यहां इन दोनों बातों का कनेक्शन इसीलिए है क्योंकि पीढ़ियों के बीच इस फर्क के चलते ही सोशल मीडिया पर लाबुशेन ट्रोल हो गए हैं।

मार्नस लाबुशेन ने सचिन को रिप्लाई किया और फजीहत आ गई

मार्नस लाबुशेन ने सचिन को रिप्लाई किया और फजीहत आ गई

लाबुशेन को उस समय सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा जब उन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के एक ट्वीट का रिप्लाई किया था। सचिन तेंदुलकर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को गुड लक बोला था क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट 24 साल बाद वापस आ रहा है और भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से था। सचिन ने जो ट्वीट किया था वह इस प्रकार था- कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट को वापस देखना बेहतरीन है। उम्मीद है कि यहां से हमारा खेल नए दर्शकों तक भी पहुंचेगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम को मेरी शुभकामनाएं कि वे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में अपना अभियान अच्छे से जारी रखें।

हां सचिन....

हां सचिन....

इसके जवाब में लाबुशेन ने रिप्लाई किया- हां सचिन, मैं सहमत हूं। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला क्रिकेट में टूर्नामेंट की ओपनिंग के लिए भी शानदार है।

लाबुशेन ने यह ट्वीट किया और फैंस उनसे नाराज हो गए क्योंकि उनका मानना था कि इतनी छोटी उम्र के लाबुशेन को अपने से इतने बड़े वरिष्ठ दिग्गज से बात करते हुए थोड़ा अदब से पेश आना चाहिए था। उनका मानना है कि लाबुशेन को सचिन की जगह सचिन सर कहकर लिखना चाहिए था। आप कुछ ट्वीट यहां पर देख सकते हैं।

 कम से कम उनको कुछ तो इज्जत दो

कम से कम उनको कुछ तो इज्जत दो

यूजर्स कहते हैं कि जब सचिन ने अपना डेब्यू किया तब आप पालने में हुआ करते थे, कम से कम उनको कुछ तो इज्जत दो।

दूसरे यूजर कहते हैं - तमीज से पेश आओ सचिन सर तुम्हारे पिता की तरह से हैं और वे निश्चित तौर पर क्रिकेट के भगवान भी हैं तो इसलिए तुमको उन्हें सचिन सर के साथ सही से पेश आना चाहिए।

एक अन्य यूजर कहते हैं- अच्छा, तुमने उनको सचिन कहा! कोई भी भारतीय खिलाड़ी उनसे ऐसे बात नहीं करता इसलिए थोड़ी इज्जत के साथ बात करो।

खूब खिंचाई हुई

खूब खिंचाई हुई

इस तरह से आप देख सकते हैं कि भारतीय यूजर काफी भावनात्मक तरीके से लाबुशेन को नसीहत दे रहे हैं। वे इस दाएं हाथ के बल्लेबाज को लताड़ भी रहे हैं और शायद लाबुशेन को इतना ज्यादा यह मामला समझ में नहीं आएगा क्योंकि ऑस्ट्रेलिया और भारत में संस्कृतियों का मूलभूत अंतर है। यह सही है कि क्रिकेटरों को सर कहकर भी संबोधित किया जाता है लेकिन विदेशों में अगर ऐसा नहीं किया जाता तो तो भी खिलाड़ियों की बेज्जती के तौर पर इसको नहीं लिया जाता क्योंकि अंग्रेजी में अक्सर हम बड़े लोगों को भी नाम से पुकारते सुनते हैं।

क्या गलती इतनी बड़ी थी?

क्या गलती इतनी बड़ी थी?

जब विदेशों में आप बहुत ही औपचारिक बातचीत करते हैं तब सर शब्द का इस्तेमाल होता है। इंग्लैंड में ऐसे कई क्रिकेटर हैं जिनको वहां की क्वीन द्वारा नाइटहुड की उपाधि दी गई है और उनके उनका उपनाम ही सर हो चुका है, ऐसे में उनको सर कहने के सिवाय कोई चारा ही नहीं है।

फिलहाल सचिन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया और ना ही लाबुशेन ने रिएक्ट किया।

तब दोनों ने एक-दूसरे की बहुत तारीफ की थी

तब दोनों ने एक-दूसरे की बहुत तारीफ की थी

हालांकि सचिन लाबुशेन को काफी पसंद करते हैं। उन्होंने 2020 में कहा भी था कि यह खिलाड़ी उनको अपनी याद दिलाता है। सचिन ने कहा था कि लाबुशेन का फुटवर्क कितना सटीक है। मुझे लगता है कि अगर कोई खिलाड़ी मुझे अपनी याद दिलाता है तो वह यही होगा। सचिन ने ऐसा तब कहा था जब उनसे यह सवाल पूछा गया था कि आधुनिक बल्लेबाजों में कौन सा खिलाड़ी ऐसा है जिसमें उनको अपनी झलक दिखाई देती है।

इसके जवाब में लाबुशेन ने सचिन का धन्यवाद दिया था कि उन्होंने इतने शानदार शब्द कहें और कहा कि निश्चित तौर पर मैं इन शब्दों को याद रखूंगा क्योंकि सचिन जैसी क्षमता के इंसान ने यह बात बोली है और यह बहुत ही बड़ी बात है।

जिस मैच के लिए ये सब शुरू हुआ, वो भारत हार गया

जिस मैच के लिए ये सब शुरू हुआ, वो भारत हार गया

अब उस मैच की बात भी कर लेते हैं जो भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीमों के बीच हुआ। इसमें भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 154 रन बनाए जिसके जवाब में आस्ट्रेलिया ने 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की ओर से शैफाली वर्मा और हरमनप्रीत कौर की पारी बेकार हो गई। ऑस्ट्रेलिया की टीम को वैसे ही बहुत कद्दावर माना जाता है और उन्होंने इस रोमांचक मुकाबले को 3 विकेट से जीतकर साबित कर दिया कि उनको टूर्नामेंट में बीट करके ही आगे बढ़ा जाएगा।

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