RCB पर फूटा चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ का ठीकरा, पुलिस को क्लीन चिट, ट्रिब्यूनल की अहम प्रतिक्रिया
Chinnaswamy Stampede: बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ हादसे को लेकर ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक हादसे की ज़िम्मेदारी पूरी तरह से RCB के अनियोजित प्रमोशनल इवेंट पर डाली गई है। ट्रिब्यूनल ने साफ कहा है कि पुलिस से चमत्कार की उम्मीद नहीं की जा सकती, वो कोई 'जादूगर या भगवान' नहीं हैं।
RCB द्वारा किए गए सोशल मीडिया कैंपेन और भीड़ खींचने वाली गतिविधियों ने हालात को बेकाबू बना दिया। जांच में पाया गया कि आयोजन की योजना और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी, जिसकी वजह से ये दुखद हादसा हुआ।

इतना ही नहीं, ट्रिब्यूनल ने कहा कि आयोजकों ने स्थानीय प्रशासन को अंधेरे में रखा और भीड़ प्रबंधन की ज़िम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभाई। यह भी कहा गया कि हजारों की भीड़ लाखों में जमा हो गई और वहां कोई व्यवस्था ही नहीं की गई थी।
पुलिस को लेकर ट्रिब्यूनल की टिप्पणी
पुलिस पर सवाल उठाने वालों के लिए ट्रिब्यूनल ने साफ़ शब्दों में कहा कि हर चीज का ठीकरा पुलिस के सिर पर नहीं फोड़ा जा सकता है। पुलिस से किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
'RCB भगदड़ के लिए है जिम्मेदार'
ट्रिब्यूनल ने माना कि प्रथम दृष्टया यह दिखाई देता है कि लगभग तीन से पांच लाख लोगों के जमा होने की वजह आरसीबी है। सोशल मीडिया पर अचानक जानकारी पोस्ट कर दी गई। पुलिस से किसी तरह की कोई अनुमति या सहमति भी नहीं ली गई थी। न्यायाधिकरण ने इस आयोजन को अव्यवस्था फैलाने वाला कहा, यह भी कहा कि 12 घंटों में पुलिस से व्यवस्था करवा पाने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
गौरतलब है कि आरसीबी ने 3 जून को आईपीएल फाइनल जीता था और उसके अगले दिन यानी 4 जून को चिन्नास्वामी स्टेडियम में सम्मान समारोह रखा था। भारी भीड़ के कारण वहां भगदड़ मच गई और 11 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।












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