मां की वजह से बना क्रिकेटर, पहली नजर में ही पूजा पर हारा दिल, दिलचस्प है भारत के इस धुरंधर की कहानी
Cheteshwar Pujara Love Story: 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शुरू होने जा रही है। क्रिकेट के फैंस इस सीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस टूर्नामेंट के लिए टीम इंडिया मैदान पर पसीने बहा रही है तो वहीं बहुत सारे क्रिकेटर ऐसे हैं जो कि पिछली बार तो इस सीरीज का हिस्सा थे लेकिन इस बार वो टीम इंडिया में शामिल नहीं है।
चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्ये रहाणे का नाम इस लिस्ट में प्रमुखता से लिया जा सकता है लेकिन पुजारा के चाहने वालों के लिए एक खुशखबरी है क्योंकि पर्थ टेस्ट में पुजारा की एंट्री हो गई है लेकिन इस बार उनका रोल थोड़ा अलग होगा।

वो इस बार मैदान के अंदर नहीं बल्कि मैदान का आंखों देखा हाल लोगों को बताएंगे, जी हां पूजारा टेस्ट मैच के दौरान कमेंट्री बॉक्स में दिखाई देंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वो हिंदी कमेंट्री का पार्ट होंगे।
फिलहाल पुजारा को नए रोल में देखने के लिए उनके फैंस काफी एक्साइटेड हैं। मालूम हो कि क्रिकेटर राहुल द्रविड़ के बाद 'टीम इंडिया की दीवार' का तमगा इन्हें ही मिला था। 'मिस्टऱ भरोसेमंद' के नाम से विख्यात पुजारा ने कई यादगार पारियां खेली हैं। भारत के लिए 100 से अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले पुजारा 13 साल तक इंडियन नेशनल टीम का हिस्सा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तो उनकी कई महत्वपूर्ण पारियां रही हैं, जो आज भी लोगों की जेहन में जिंदा है।
25 जनवरी 1988 को गुजरात के राजकोट में जन्मे पुजारा को क्रिकेट का हूनर अपने पापा और चाचा से मिला क्योंकि दोनों लोग सौराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी रह चुके हैं लेकिन पुजारा भी बढ़िया क्रिकेटर बन सकता है , इस बात को सबसे पहले उनकी मां रीना ने पहचाना था और वो दिल से चाहती थीं कि एक दिन उनका बेटा टीम इंडिया का हिस्सा बने और देश के लिए खेले। उनके कहने पर ही चेतेश्वर ने अपनी प्रतिभा को निखारने का फैसला किया था।
'मां चाहती थीं कि मैं देश के लिए खेलूं लेकिन...'
अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि 'मां चाहती थीं कि मैं देश के लिए खेलूं लेकिन जब मुझे मौका मिला तो वो इस दुनिया में नहीं रहीं लेकिन मुझे पता है कि आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी मम्मी की दुआओं के बदौलत हूं।' आपको बता दें कि चेतेश्वर जब 17 साल के थे, तब उनकी मां की कैंसर के कारण मृत्यु हो गई थी।
चेतश्वर असल जिंदगी में काफी इमोशनल और रोमांटिक
क्रिकेट के मैदान पर बॉलरों को अपने बैट से जबरस्त कूटने वाले चेतश्वर असल जिंदगी में काफी इमोशनल और रोमांटिक किस्म के इंसान हैं। इनकी लवलाइफ भी काफी रोचक है। आपको बता दें कि 13 फरवरी 2013 को पूजा पाबरी साथ सात फेरे लेने वाले चेतेश्वर की ये शादी अरेंज्ड कम लव है, आमतौर पर उल्टा होता है। दऱअसल अरेंज्ड मैरिज के सिलसिले में अपने एक अंकल के घर पर वो पूजा से मिले थे लेकिन पहली नजर में ही वो पूजा पर दिल हार बैठे।
उस दो घंटे की मुलाकात में चेतेश्वर और पूजा ने जीवन साथ गुजारने का फैसला कर लिया था। आपको बता दें कि देखने में बेहद हसीन पूजा पाबरी एमबीए पास हैं और जामनगर की रहने वाली हैं। क्रिकेट के इस पॉवर कपल को साल 2018 में बेटी अदिति के मम्मी-पापा बनने का सौभाग्य मिला।
'मैं लकी हूं जो मुझे उस जैसी जीवन संगिनी मिली'
अपनी पर्सनल लाइफ को लोगों और मीडिया से दूर रखने वाले पुजारा ने एक इवेंट में अपनी लाइफ पार्टनर पूजा की तारीफ करते हुए कहा था कि 'उसके रहते मुझे कभी भी किसी भी बात की फिक्र नहीं होती है। मैं लकी हूं जो मुझे उस जैसी जीवन संगिनी मिली।'
एक नजर चेतेश्वर पुजारा कि रिकार्डस पर...
- पुजारा ने 2013 में एक कैलेंडर वर्ष में 2,000 रन पूरे किए थे, जो अपने आप में बड़ा रिकॉर्ड है।
- विराट कोहली के साथ उनकी 222 रनों की साझेदारी दक्षिण अफ्रीका में भारत की संयुक्त रूप से सबसे बड़ी पार्टनरशिप है।
- 1,000 टेस्ट रन तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज़ भारतीय खिलाड़ी रहे हैं।
- मार्च 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ अपने दोहरे शतक के बाद पुजारा टेस्ट बल्लेबाज़ों की रैंकिंग में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ नंबर 2 स्थान पर पहुंचे थे।
- वह टेस्ट के सभी पांचों दिन बल्लेबाजी करने वाले भारत के तीसरे और विश्व के नौवें बल्लेबाज रह चुके हैं।












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