IND vs AUS: दिल्ली में बना लगातार टेस्ट जीत का रिकॉर्ड, पोटिंग के बाद चेतेश्वर पुजारा ने किया अनोखा कारनामा
IND vs AUS: भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला चेतेश्वर पुजारा के 100 वें टेस्ट मैच के चलते भी खास बना। पुजारा पहली पारी में शून्य पर ही आउट हो गए लेकिन दूसरी पारी में वो किया जो पंटर ही कर पाए थे।

भारतीय क्रिकेट टीम ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया की टीम को तीसरे दिन 6 विकेट से रौंदकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2-0 से बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। श्रंखला में अभी 2 मुकाबले और होने हैं और जिस तरह का आधिपत्य रोहित शर्मा एंड कंपनी ने दिखाया है उसके हिसाब से भारत इस सीरीज में एक बहुत बड़ी जीत दर्ज करने जा रहा है और अगर कंगारुओं का सूपड़ा साफ होता है तो भी हैरानी नहीं होने वाली है। ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले में भी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 263 रन बनाए जिसके जवाब में भारत ने 262 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 113 रनों पर समेट दिया।

दिल्ली में बना लगातार टेस्ट जीत का रिकॉर्ड
115 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने अपने 4 विकेट गंवा दिए और 6 विकेट से आसानी से यह मैच जीत लिया। इसके साथ ही दिल्ली का यह मैदान भारतीय टीम का टेस्ट क्रिकेट में अभेद किला बना हुआ है क्योंकि यहां पर 1993 से अब तक भारतीय टीम लगातार 13 मुकाबले जीत चुकी है जो भारत में मौजूद स्टेडियम में मिली सर्वाधिक टेस्ट जीत के बराबर ही है। भारतीय टीम को 1948 से 65 तक मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में 13 टेस्ट मुकाबले जीतने को मिले थे। 1997 से 2022 के बीच टीम इंडिया ने मोहाली में भी लगातार 13 जीत दर्ज की थी और अब दिल्ली का नंबर आता है। यानी दिल्ली में जब भी अगला टेस्ट होगा तो ये स्टेडियम भारत के किसी मैदान पर मिली लगातार सर्वाधिक टेस्ट सीरीज जीत का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। इसके अलावा कानपुर में भी भारतीय टीम ने 1959 से 1982 के दौरान लगातार 11 टेस्ट मैच जीत रखे हैं।

चेतेश्वर पुजारा के 100 वें टेस्ट मैच के चलते भी खास बना मैच
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला चेतेश्वर पुजारा के 100 वें टेस्ट मैच के चलते भी खास बना। आज के ऑल फॉर्मट दौर में किसी खिलाड़ी का एक फॉर्मेट में बेहतर प्रदर्शन करना आसान बात नहीं रह गई है क्योंकि क्रिकेट की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है जो शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्तर पर खिलाड़ी की बड़ी परीक्षा लेती है और यहां पर चेतेश्वर पुजारा बहुत मजबूत व्यक्तित्व के खिलाड़ी बनकर उभरते हैं। पुजारा ने अपने 100वें टेस्ट मैच में सुनील गावस्कर से टेस्ट कैप हासिल की और दिग्गज सलामी बल्लेबाज ने पुजारा को विश किया था कि वे अपने 100वें टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने लेकिन इसके ठीक उलट करते हुए पुजारा पहली पारी में शून्य पर ही आउट हो गए।

पोटिंग के बाद चेतेश्वर पुजारा ने किया अनोखा कारनामा
इसके बाद उनके ऊपर एक जबरदस्त दबाव था लेकिन उन्होंने दूसरी पारी में चुनौतीपूर्ण हालात में नाबाद 31 रनों की पारी खेलकर और विजयी रन बनाकर अपने इस मुकाबले को यादगार बना दिया। पुजारा ने 2021 से अब तक टेस्ट मैचों में एक दिलचस्प आंकड़ा बनाया है जहां पहली पारी में तो वे सफल नहीं रहते लेकिन दूसरी पारी में बहुत बढ़िया प्रदर्शन करने में कामयाब रहते हैं। 2021 से लेकर अब तक पुजारा ने 21 पारियों में पहली पारी के दौरान 19.90 की औसत से बल्लेबाजी की तो वहीं दूसरी पारी में 18 इनिंग खेलते हुए 48.73 के औसत के साथ बल्लेबाजी की। अपने 100वें टेस्ट मैच में पुजारा से पहले विनिंग रन बनाने का सौभाग्य केवल ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान के पास था जब उन्होंने 2006 में सिडनी में जोहान बोथा की गेंद पर चौका जड़कर विजयी रन बनाए थे। खास बात यह है कि पुजारा ने भी टॉड मर्फी की गेंद पर चौका ही लगाकर जीत दिलाई।
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