बोर्ड के संविधान में बदलाव के लिए तुरंत सुनवाई कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बीसीसीआई
नई दिल्ली, 15 जुलाई: बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में एक मोशन फाइल किया है जहां उन्होंने बोर्ड के छह नियमों को तुंरत बदलने का आग्रह किया है, माना जा रहा है केस की सुनवाई अगले हफ्ते होगी।

बीसीसीआई के अध्यक्ष के तौर पर गांगुली का कार्यकाल विस्तारित किया गया था, जो अब (सचिव जय शाह का भी) सितंबर 2022 में समाप्त हो रहा है। नियम 6 के अनुसार बीसीसीआई और स्टेट बॉर्ड ऑफिस होल्डर को लगातार 6 साल तक किसी पद पर काम करने की मनाही है।
गांगुली और जय शाह इस नियम के तहत बोर्ड के पद पर बने रहने के अधिकारी नहीं है। अब कोर्ट में जिस बदलाव को कराने की मुहिम चल रही है उसके अनुसार 6 साल का पीरियड पूरी तरह खत्म हो जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को भेजी याचिका के अनुसार, जनरल बॉडी ने गुहार लगाई है कि इस नियम को बदला जाए ताकि बीसीसीआई को ऐसे प्रशासकों की सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए जो राज्य एसोसिएशन में अनुभव हासिल कर चुके हैं।
जैसे की गांगुली और जय शाह बीसीसीआई पदाधिकारी होने से पहले क्रमशः बंगाल और गुजरात की क्रिकेट एसोसिएशन में काम कर रहे थे। पुराने नियम के अनुसार इनको लगातार छह साल काम नहीं करने देना है बल्कि 'कूल ऑफ पीरियड' से गुजरना है।
अन्य प्रस्तावित बदलावों में बीसीसीआई पदाधिकारियों को संगठन के दैनिक कार्यों पर "निगरानी, निर्देशन और नियंत्रण" करने की अनुमति देते हैं, जो पहले मौजूदा नियमों के तहत "क्रिकेटिंग और गैर-क्रिकेटिंग दोनों मामलों में पेशेवरों" को सौंपे गए थे। न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की सिफारिशों के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में 'राजनीतिक हस्तक्षेप को हटाने और पेशेवर खिलाड़ियों को खेल संगठन पर नियंत्रण रखने की अनुमति देने' के लक्ष्य के साथ बीसीसीआई संविधान के निर्माण का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट 6 सितंबर को सुनवाई की तारीख तय करती है।












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