Gautam Gambhir के मैनेजर पर चला BCCI का हथौड़ा, मौज-मस्ती के दिन खत्म, खिलाड़ियों के लिए बने 3 कड़े नियम
Gautam Gambhir and BCCI: भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से बीसीसीआई ने अपने सख्त तेवर दिखाए हैं और प्लेयर्स पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। भारतीय टीम के खिलाड़ियों के खेल का रिव्यू करने के बाद कारणों पर चर्चा की गई और कुछ नियमों को भी लागू करने का फैसला लिया गया है।
भारतीय टीम के खिलाड़ी विदेश दौरे पर अपनी पत्नियों और परिवार के सदस्यों को लम्बे समय तक नहीं रख पाएंगे। इसके लिए कुछ दिनों का निर्धारण किया गया है। अतिरिक्त समय प्लेयर्स को अकेले ही रहना होगा और फोकस भी खेल पर रहेगा।

इससे पहले ऐसा हो रहा था कि खिलाड़ी विदेश दौरों पर अपनी पत्नियों को लेकर जाते थे और दौरा समाप्त होने तक साथ ही रहते थे। इससे खेल पर ध्यान केन्द्रित करने में भी मुश्किलें आती थीं। प्रदर्शन में भी यह साफ़ तौर पर नज़र आ रहा था।
इसके अलावा गौतम गंभीर के मैनेजर के ऊपर भी बीसीसीआई ने अपना हथौड़ा चला दिया है। वह वीआईपी बॉक्स में नहीं बैठ पाएंगे और गंभीर के साथ भी नहीं रह पाएंगे। ऐसा पहले कभी नहीं होता था, जब एक कोच का मैनेजर भी साथ में चलता हो।
बीसीसीआई के कुछ कड़े फैसलों पर एक नज़र
- अगर टूर्नामेंट 45 दिनों के लम्बे समय के लिए है, तो परिवार के सदस्यों को सिर्फ 14 दिनों तक ही खिलाड़ियों के साथ रहने की अनुमति होगी।
- अगर दौरा थोड़ा छोटा है, तो दिनों की संख्या कम करते हुए 7 हो सकती है। पूरे टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ियों की पत्नियाँ साथ में नहीं रह सकती हैं।
- सभी प्लेयर्स को टीम बस में ही सफर करना होगा। अभी कोई अपनी गाड़ी से आ रहा है, तो कोई किसी अन्य साधन से आ रहा है। ऐसा पहले नहीं होता था।
- गौतम गंभीर के पर्सनल मैनेजर को वीआईपी बॉक्स में बैठने की अनुमति नहीं होगी। उनको टीम बस में जाने की अनुमति भी नहीं होगी। उनको अलग होटल में ही ठहरना होगा।
- अगर प्लेयर्स के सामान का वजन 150 किलोग्राम से ज्यादा होता है, तो बीसीसीआई अतिरिक्त चार्ज नहीं देगी। प्लेयर्स को खुद ही इसका भुगतान करना पड़ेगा।












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