वर्ल्ड कप विवाद को भूल दोस्ती का हाथ! क्या टीम इंडिया करेगी बांग्लादेश का दौरा? BCCI के सामने गिड़गिड़ाया पड़ोसी
Bangladesh Cricket Board: बांग्लादेश में मोहम्मद युनुस की अंतरिम सरकार के समय क्रिकेट पर असर पड़ा था। टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की टीम नहीं खेल पाई थी और भारत के साथ क्रिकेटिंग रिश्ते खराब हुए थे। अब नई सरकार आने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड फिर से बीसीसीआई के साथ चीजें ठीक करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बीसीबी की तरफ से भारतीय टीम के बांग्लादेश दौरे को लेकर भारत को पत्र लिखा गया है। इससे चीजें ठीक होने की उम्मीद जताई जा रही है। पड़ोसी क्रिकेट बोर्ड पाकिस्तान के प्रभाव में आने के कारण वर्ल्ड कप से बाहर हो गया था, अब शायद गलती का अहसास हुआ होगा।

हाल के घटनाक्रमों के बाद यह पहला मौका है जब बांग्लादेश की ओर से रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने BCCI को पत्र लिखकर आपसी संबंधों को सुधारने और भविष्य की क्रिकेट सीरीज पर बातचीत आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है। यह पहल ऐसे समय में हुई है जब हाल के महीनों में दोनों बोर्ड्स के बीच संवाद लगभग ठप हो गया था। ऐसे में BCB का यह कदम साफ संकेत देता है कि वह पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत करना चाहता है।
भविष्य की सीरीज पर नजर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा सितंबर में प्रस्तावित भारत के बांग्लादेश दौरे को लेकर हो रही है। पहले जहां इस दौरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी, वहीं अब BCB की पहल के बाद इसके होने की उम्मीद फिर से मजबूत हो गई है। अगर दोनों बोर्ड्स के बीच सहमति बनती है, तो यह दौरा रिश्तों में आई दरार को भरने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। भारतीय पुरुष टीम के दौरे के बाद बांग्लादेश और भारत की महिला टीमों के बीच भी सीरीज का शेड्यूल है। बीसीबी ने सितंबर में भारतीय टीम को बांग्लादेश भेजने का अनुरोध किया है।
BCCI ने नहीं दी प्रतिक्रिया
हालांकि BCCI की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस मामले में संतुलित और व्यावहारिक फैसला ले सकता है। भारत के लिए भी द्विपक्षीय क्रिकेट को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, ऐसे में बातचीत के जरिए समाधान निकलने की संभावना बनी हुई है।
क्या होगा भारत का फैसला
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा उठाया गया यह कदम एक सकारात्मक संकेत है, जो बताता है कि दोनों देशों के बीच संवाद की गुंजाइश अभी भी मौजूद है। अब नजर इस बात पर होगी कि BCCI इस पहल पर क्या रुख अपनाता है, क्योंकि आने वाले महीनों में भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट रिश्तों की दिशा काफी हद तक इसी फैसले पर निर्भर करेगी।












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