'अम्मा देख रही है रस्ता...' कहकर भावुक हुए रजत पदक विजेता किशोर जेना, गरीबी में बीता बचपन
Who is Kishore Jena: एशियाई खेलों में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक था क्योंकि जेवलिन थ्रो में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल जीता।

इस प्रतियोगिता में भारत के नीरज चोपड़ा ने जहां 88.88 मीटर दूर भाला फेंककर सोना अपने नाम किया तो वहीं दूसरी ओर इसी खेल में 87.54 मीटर दूर भाला फेंककर किशोर कुमार जेना ने रजत पदक भारत को दिलाया।
ओलंपिक में किशोर भारत के लिए मेडल लेकर आएंगे...
इस जीत के बाद किशोर जेना ही सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है, कल के खेल के बाद सबको यही लगता है कि आने वाले पेरिस ओलंपिक में किशोर भारत के लिए मेडल लेकर आएंगे। आपको बता दें कि किशोर जेना ने यहां तक का सफर बहुत ही मुश्किलों औऱ संघर्ष के साथ तय किया है।
किशोर जेना की 6 बड़ी बहनें हैं
मूलरूप से ओडिशा के पुरी जिले के कोथासाही गांव में रहने वाले किशोर जेना सिंपल मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वो सात भाई-बहन हैं, उनसे बड़ीं 6 बहनें हैं और उनके पिता खेती करते हैं।
जेना के पिता ने सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की
आर्थिक दिक्कतें होने के बावजूद किशोर जेना के पिता ने उनके सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की और ना ही उसकी प्रगति में बाधा बने , यहां तक कि घर की जिम्मेदारियों का बोझ भी उन्होंने खुद ही उठाया लेकिन किशोर को आगे बढ़ने से रोका नहीं।
बचपन से ही वॉलीबॉल खेलते थे किशोर लेकिन...
खेलों में किशोर को शुरूसे ही काफी रूचि थी और वो बचपन से ही वॉलीबॉल खेलते थे लेकिन साल 2015 में उनके अंदर जेवलिन के प्रति रूचि जागी और उन्होंने भुवनेश्वर के स्पोर्ट्स हॉस्टल से भाला फेंकने की शुरूआत की और मौजूदा दौर में वो अब पटियाला साई केंद्र का हिस्सा हैं और एशियन गेम्स की तैयारियों की वजह से वो पिछले दो सालों से अपने घर भी नहीं गए हैं, बस वो अपने मां-पिता से फोन पर बातें कर लेते हैं।
'दो साल से घर नहीं गया हूं, अम्मा मेरा रस्ता देख रही है'
सिल्वर जीतने के बाद किशोर ने मीडिया से बात की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ' गेम की तैयारियों की वजह से मैं पिछले दो साल से घर नहीं गया हूं, अम्मा मेरा रस्ता देख रही है। अगर तैयारियों के बीच घर जाता तो फिर खेल से फोकस हट जाता।'
'अम्मा-बाबा दोनों को स्मार्ट फोन चलाना नहीं आता'
'अम्मा-बाबा दोनों को स्मार्ट फोन चलाना नहीं आता है इसलिए वीडियो कॉल पर भी बात नहीं हो पाती है लेकिन हां छोटी दीदी जब घर आती है तब घर पर वीडियो कॉल हो जाती है, आज जो कुछ भी हूं उन्हीं की बदौलत हूं।'
सिल्वर जीतकर सफलता का नया इतिहास लिखा
आपको बता दें कि किशोर कुमार जेना ने पहली बार विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2023 में पार्ट लिया था लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली थी और इसके बाद अब उन्होंने एशिय़न गेम में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने सिल्वर जीतकर सफलता का नया इतिहास लिखा है, उनकी सफलता पर पूरा देश इतरा रहा है और देशवासियों ने उन्हें शानदार खेल के लिए बधाई दी है।












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