एशिया कप के वो 3 राज़ जो क्रिकेट फैंस से छुपे हैं, पाकिस्तान के कारण रद्द हो गया था पूरा टूर्नामेंट
Asia Cup: एशिया कप क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है, जिसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान सहित कुल 8 टीमें भी हिस्सा ले रही हैं। इस बार एशिया कप का आयोजन यूएई में हो रहा है। भारत की मेजबानी में यह इवेंट होना है।
एशिया कप के इतिहास में कई ऐसे पहलू, किस्से और कहानियां छुपे हैं, जिनके बारे में ज्यादा लोगों को शायद पता नहीं होगा। फैन्स को इन हैरान करने वाले तथ्यों और कहानियों के बारे में जरूर जानना चाहिए। तीन अहम किस्सों के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।

34 साल से नहीं हुआ भारत में एशिया कप
भारत ने आखिरी बार एशिया कप की मेज़बानी 1990-91 में की थी, उसके बाद से अब तक यानी 34 सालों से यह टूर्नामेंट भारत में दोबारा नहीं हुआ। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा राजनैतिक तनाव है। हर बार जब भारत को मेज़बानी देने की बात आती है, तो पाकिस्तान की भागीदारी पर सवाल खड़े हो जाते हैं। 2018 में बीसीसीआई को भले ही एशिया कप की मेज़बानी सौंपी गई थी, लेकिन टूर्नामेंट के सभी मुकाबले UAE में आयोजित किए गए, क्योंकि पाकिस्तान ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था।
भारत ने किया था एशिया कप में खेलने से इनकार
1986 में एशिया कप का आयोजन श्रीलंका में हुआ था, लेकिन भारत ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। इसके पीछे वजह थी भारत और श्रीलंका के बीच उस समय के तनावपूर्ण राजनैतिक संबंध, जो मुख्य रूप से तमिल मुद्दे को लेकर उत्पन्न हुए थे। यही कारण बना कि भारत जैसे बड़े क्रिकेटिंग देश ने इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से खुद को दूर रखा।
कागजों में सिमट गया 1993 का एशिया कप
1993 में एशिया कप का शेड्यूल तैयार हो चुका था और मेज़बान देश भी तय कर लिया गया था, लेकिन टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही इसे रद्द करना पड़ा। इसकी मुख्य वजह थी भारत और पाकिस्तान के बीच उस समय का गंभीर कूटनीतिक तनाव, जिसने दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को बुरी तरह प्रभावित किया। परिणामस्वरूप, पूरा टूर्नामेंट बिना एक भी मैच खेले रद्द कर दिया गया। यह संस्करण एशिया कप के इतिहास में ऐसा इकलौता मामला बन गया, जो केवल कागज़ों पर रह गया और मैदान पर उतर ही नहीं पाया।












Click it and Unblock the Notifications