Asia Cup 2025 में कैसे मिलेगी भारतीय टीम को जीत? क्या दुबई-अबू धाबी की पिचों पर चमकेगी किस्मत!
Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 का आयोजन 9 से 28 सितंबर तक दुबई और अबू धाबी में होना है। ओस यानी ड्यू इस बार टूर्नामेंट का सबसे बड़ा फैक्टर बनेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां की नाइट मैच कंडीशंस पूरी तरह से खेल का रुख बदल सकती हैं। पूर्व दुबई क्यूरेटर टोनी हेमिंग ने लगभग एक दशक तक यूएई में पिच तैयार की हैं। एशिया कप से पहले उन्होंने कुछ बातों को लेकर जिक्र किया है।
क्यूरेटर टोनी हेमिंग ने पिच को लेकर दिया बयान (Asia Cup 2025)
क्यूरेटर टोनी हेमिंग ने कहा कि शाम होते ही मैदान पर भारी ओस गिरती है। जिससे बल्लेबाजी बेहद आसान हो जाती है। गेंदबाजों के लिए यह स्थिति मुश्किलें खड़ी करती है क्योंकि गीली गेंद को पकड़ना और उस पर स्विंग निकालना लगभग असंभव हो जाता है। दुबई और अबू धाबी में सितंबर महीने में नमी काफी ज्यादा रहती है। दिन की गर्मी के बाद रात को तापमान घटते ही ओस तेजी से जमती है। इसकी वजह से गेंद पर मौजूद लैकर कोटिंग खत्म हो जाती है और नमी गेंद के सीम में घुस जाती है। नतीजतन गेंद फिसलने लगती है और स्पिनर्स व पेसर्स, दोनों ही कंट्रोल खो बैठते हैं।

टॉस होगा बेहद अहम
भारत के पूर्व ऑलराउंडर और यूएई के पूर्व कोच रहे रॉबिन सिंह ने भी माना कि ओस इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा फैक्टर होगी। उन्होंने सलाह दी कि जो भी टीम टॉस जीते, उसे पहले गेंदबाजी चुननी चाहिए ताकि बाद में आसान बैटिंग कंडीशंस का फायदा उठाया जा सके। टोनी हेमिंग ने समझाया कि अगर कोई टीम पहले बैटिंग कर 200 रन भी बना ले, तो दूसरी पारी में गेंदबाजों को गेंद पकड़ने और सीम हिट करने में काफी परेशानी होगी। यानी स्कोर बड़ा होने के बावजूद चेज़ करना आसान हो जाएगा।
पहले भी हुआ है ऐसा
आईपीएल 2021 के दूसरे चरण और टी-20 वर्ल्ड कप 2021 दोनों ही यूएई में खेले गए थे। आंकड़े बताते हैं कि दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में नाइट मैचों में ज्यादातर बार चेज़ करने वाली टीम जीती। 2021 वर्ल्ड कप में तो 13 में से 12 मैच दूसरी पारी खेलने वाली टीम ने अपने नाम किए। भारत 10 सितंबर को मेज़बान यूएई से भिड़ेगा और 14 सितंबर को दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगा। इन मुकाबलों में टॉस का रोल बेहद अहम होगा।
अगर टीम इंडिया पहले गेंदबाजी करती है तो उसके बल्लेबाज ओस का फायदा उठाकर आसानी से स्कोर चेज़ कर सकते हैं। कुल मिलाकर, एशिया कप 2025 का विजेता तय करने में खिलाड़ियों का प्रदर्शन जितना अहम होगा उतना ही टॉस और ओस की भूमिका भी रहेगी।












Click it and Unblock the Notifications