April Fool’s Day: जब सचिन के चलते दुखी गांगुली ने लिया था कप्तानी छोड़ने का फैसला, जानिए क्या था मामला?
सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने अपने विस्फोटक खेल से कई बार भारत को विजय दिलाई है। गांगुली ने सहवाग के लिए अपनी ओपनिंग सीट छोड़ी दी थी।

April Fool's Day: क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों का दूसरा रूप होता है, वो एक जुट होकर अपनी टीम को जीत दिलाने का प्रयास करते हैंं, खिलाड़ियों का असाधारण प्रदर्शन ही उन्हें और उनकी टीम को आगे लेकर जाता है क्योंकि क्रिकेट किसी एक व्यक्ति विशेष का खेल नहीं है बल्कि ये 11 खिलाड़ियों की टीम होती है, जिसमें हर एक प्लेयर को अपना योगदान देना होता है और तब ही टीम विजेता बनती है।
कैप्टन का रोल काफी अहम
टीम के कैप्टन का रोल काफी अहम होता है क्योंकि उसी के कंधों पर टीम को बांधे रखने की जिम्मेदारी होती है, जो इस जिम्मेदारी को निभा लेता है वो ही शानदार कहलाता है और ऐसे ही शानदार क्रिकेटरों में से एक रहे हैं हैं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, जिन्होंने अपने खेल से क्रिकेट प्रेमियों को बहुत सारे यादगार मुस्कुराने वाले लम्हे दिए हैं।
तेंदुलकर और गांगुली के किस्से मशहूर
एक दौर था जब मास्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंदुलकर और बंगाल टाइगर सौरव गांगुली की दोस्ती के किस्से काफी मशहूर हुआ करते थे, इन दोनों की जोड़ी ने कई मैच वीनिंग मूवेंट इंडिया को दिए हैं। सौरव गांगुली जहां बहुत एग्रेसिव मैदान पर नजर आते थे वहीं तेंदुलकर हमेशा कूल दिखते थे लेकिन दोनों ही क्रिकटरों को पर्सनली जानने वाले लोग कहते हैं कि सचिन तेंदुलकर पूरी टीम के सबसे शरारती प्लेयर थे और वो ड्रेसिंग रूम में जमकर धमाल मचाते थे, वो किसी की भी लेग पुलिंग करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते थे और इसी क्रम में उन्होंने एक बार सौरव गांगुली से ऐसा मजाक कर दिया था, जिसकी वजह से गांगुली उर्फ 'दादा' ने तो कप्तानी पद से इस्तीफा देने की फैसला ले लिया था।
अनएकेडमी लाइव सेशन में खोला था राज
दरअसल ये बात सौरव ने कुछ वक्त पहले अनएकेडमी लाइव सेशन में फैंस के साथ शेयर की थी। जहां उन्होंने कहा था कि 'इंडिया और पाकिस्तान के बीच सीरीज चल रही थी और मेरा बल्ला आशा के अनुरुप चल नहीं रहा था। मैं स्कोर नहीं कर पा रहा था। थोड़ा मन ही मन परेशान भी था, ऐसे में एक अप्रैल यानी की April Fool वाला दिन आ गया। मैं इतना उस वक्त अपने आप में खोया हुआ था कि मुझे डेट याद ही नहीं थी।'
'बुरा लगा हो तो मैं कप्तानी छोड़ देता हूं'
प्रैक्टिस सेशन के बाद जब मैं ड्रेसिंग रूम में पहुंचा तो वहां सचिन और हरभजन सिंह समेत पूरी टीम के खिलाड़ियों ने मुझे घेर लिया और कहा कि 'आपने जो कुछ मीडिया से कहा उसे पढ़कर हमें बहुत दुख हुआ, अगर आपको टीम से शिकायत थी तो आपको हमलोगों से बात करने जरूरत थी ना कि मीडिया की।
'मैंने तो किसी से कुछ नहीं कहा'
तब मैंने उनसे कहा कि 'मैंने तो किसी से कुछ नहीं कहा।' जिस पर सचिन-भज्जी दोनों ने मुझ पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि 'आपने बोला है कि आपको टीम के प्रदर्शन से घोर निराशा हुई है।' तब मैं थोड़ा अपसेट हो गया उनकी बात सुनकर, इसके बाद मैं सीट पर बैठ गया और फिर कहा कि 'आप लोगों को बुरा लगा हो तो मैं कप्तानी छोड़ देता हूं।'
आज तो April Fool's Day है
कुछ देर बाद मैंने देखा कि हर कोई हंस रहा है। जब मुझे कुछ समझ नहीं आया तो हरभजन मेरे पासे आये और मजाक के बारे में बताया, तब मुझे याद आया कि आज तो April Fool's Day है। मैं भी बहुत हंसा फिर लेकिन मुझे एहसास हुआ कि 'सारे खिलाड़ी मेरे बारे में कितना सोचते हैं। उनका मजाक मेरे लिए बूस्टर का काम कर गया और फिर मैंने सीरीज में ताबड़तोड़ रन बनाए। सचिन -हरभजन का वो मजाक सिर्फ इसलिए था कि मैं अपने खराब फार्म के बारे ना सोचूं, बस सकारात्मक होकर खेलूं।' आपको बता दें कि सचिन अक्सर गांगुली को 'दादा' की जगह 'दादी' कहकर चिढ़ाते हैं।












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