गावस्कर के बाद एक और महान भारतीय बल्लेबाज ने टेस्ट कप्तानी के लिए किया पंत का समर्थन
नई दिल्लीः विराट कोहली द्वारा टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद नजरें इस बात पर हैं कि अगला कप्तान कौन होगा। टेस्ट फॉर्मट में भी अगर सफेद गेंद कप्तान रखना है तो रोहित शर्मा यहां पर भी बाजी मार ले जाएंगे क्योंकि वे टेस्ट क्रिकेट में नियमित ओपनर भी हैं। लेकिन चयनकर्ताओं के पास टेस्ट फॉर्मेट में अलग कप्तान बनाने का विचार हो तो केएल राहुल और ऋषभ पंत का नाम भी उभरकर सामने आता है।

पंत खासकर उत्साहित करते हैं लेकिन क्या उनको टेस्ट कमान सौंपना कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी नहीं होगी ? पंत की बैटिंग में निरंतरता नहीं है और वे विकेटकीपिंग करते हुए भी कुछ ना कुछ मजाक मस्ती करते रहते हैं। क्या उनमें टेस्ट कप्तानी संभालने की गंभीरता और खेल की बारीक समझ है? इस बातों पर बहस हो सकती है लेकिन सुनील गावस्कर को लगता है पंत पर जुआ खेल देना चाहिए क्योंकि वे युवा हैं और एक यंग खिलाड़ी भी टेस्ट मैचों में कप्तान बन सकता है क्योंकि मंसूर अली खान पटौदी की उम्र तब केवल 21 साल थी जब उनको भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया।
गावस्कर की इस बात को जब सोशल मीडिया पर शेयर किया गया तो युवराज सिंह ने बिल्कुल सहमति जताई है। युवराज का कहना है कि पंत विकेट के पीछे से खेल को बेहतर तरीके से पढ़ते हैं।
गावस्कर का यह भी मानना है कि जिम्मेदारी खिलाड़ी को बेहतर बनाती है। वे कहते हैं कि जब मुंबई इंडियंस की टीम में रिकी पोंटिंग की जगह पर रोहित को कमान मिली थी तब वे लगातार बेहतर बल्लेबाज बनते रहे। यही काम पंत करेंगे।
वैसे बीसीसीआई द्वारा पंत के नाम की घोषणा करना मुश्किल लगता है क्योंकि केएल राहुल को लीडर के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका सीरीज में उप-कप्तानी की और दूसरे टेस्ट मैच में कोहली की गैरमौजूदगी में कप्तान भी बने। उनको रोहित की गैर मौजूदगी में वनडे मैचों का कप्तान भी बनाया जा रहा है।












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