भारत को दो वर्ल्ड कप जिताने वाले दिग्गज ने लिया संन्यास, इंग्लैंड सीरीज से पहले छोड़ा क्रिकेट
Piyush Chawla retirement: रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद अब एक और पूर्व विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेटर ने संन्यास की घोषणा कर दी है। यह खबर क्रिकेट फैंस के लिए काफी भावुक और हैरान करने वाली है। हाल ही में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंकाया था। वहीं भारत के इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले एक और भारतीय दिग्गज ने संन्यास का ऐलान कर दिया है।
पीयूष चावला ने लिया संन्यास (Piyush Chawla retirement)
शुक्रवार यानी 6 जून को पीयूष चावला ने भी क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। पीयूष चावला ने 36 साल की उम्र में इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपनी इस घोषणा को फैंस के साथ शेयर किया। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की यादें ताजा करते हुए अपने फैंस, टीमों और अपने कोचों का दिल से धन्यवाद किया। पीयूष चावला ने भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में खेला है और वह साल 2007 टी-20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे हैं।

दमदार रहा है पीयूष चावला का करियर
पीयूष चावला का आईपीएल में भी काफी सफल करियर रहा है। उन्होंने आईपीएल में 191 मैच खेले और 192 विकेट लिए, जिससे वह इस लीग के चौथे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के लिए खेला है। पीयूष चावला का प्रदर्शन भारत के लिए भी दमदार रहा है।
पीयूष चावला ने दिवंगत पिता को किया याद
अपने संन्यास संदेश में चावला ने अपने जीवन में उनके साथ निभाने वाले परिवार, खासकर अपने दिवंगत पिता का भी खास तौर पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने कोचों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके क्रिकेट करियर को बनाने में मदद की। इसके साथ ही उन्होंने बीसीसीआई, यूपीसीए और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन को भी उनके समर्थन के लिए शुक्रिया कहा।
दो वर्ल्ड कप जीत में रहे हैं टीम का हिस्सा
उन्होंने आगे लिखा कि मैदान पर दो दशक से ज्यादा का समय बिताने के बाद अब इस खूबसूरत समय को अलविदा कहने का वक्त आ गया है। भारत के लिए खेलने से लेकर टी20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 में भारत की जीत का हिस्सा रहना, इस अद्भुत सफर में हर पल एक आशीर्वाद से कम नहीं है। यह पल हमेशा मेरे दिल के काफी करीब रहेगा।
पीयूष चावला ने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और इस खेल ने उनके जीवन को बहुत खूबसूरती से संवार दिया। भले ही अब वह मैदान से दूर होंगे, लेकिन क्रिकेट हमेशा उनके दिल में जीवित रहेगा। अब वह इस खेल के अनुभव और सीख के साथ एक नया सफर शुरू करने के लिए तैयार हैं।












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