25-25 ODI : सचिन तेंदुलकर के बयान से वनडे क्रिकेट को बोरिंग बनाने से हुई चर्चा
वनडे क्रिकेट को बोरिंग होने से बचाने के लिए सचिन तेंदुलकर ने बयान दिया था, उन्होंने एक अहम सुझाव के साथ प्रतिक्रिया दी थी।

वनडे क्रिकेट को बोरिंग होने से कैसे बचाएंगे ? सवाल एक साल पुराना है। लेकिन Sachin Tendulkar के सुझाव के बाद सवाल और जवाब दोनों चर्चा में हैं। भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने सुझाव दिया है, अगर वनडे क्रिकेट को 25-25 ओवर के चार क्वार्टर में बांट दिया जाय तो यह अधिक रोमांचक हो सकता है। यानी टेस्ट मैच की तरह दोनों टीम 25-25 ओवर की दो पारियां खेलें। टेस्ट में 20 विकेट लेने होते हैं लेकिन वनडे के इस प्रारूप में 10 विकेट ही लेने होंगे। अगर कोई टीम पहले 25 ओवरों में ही आउट हो जाती है तो उसके पास अगले 25 ओवर में बैटिंग के लिए मौका नहीं रहेगा। जबकि विरोधी टीम को टारगेट चेज करने के लिए पूरे 50 ओवर मिलेंगे। पहली और दूसरी टीम के 25-25 ओवर खेलने के बाद पता चल जाएगा कि किसे लीड मिली और कौन पीछे रहा। फिर पहली टीम अपने बचे हुए विकेट के साथ 26वें ओवर (दूसरी पारी) से आगे खेलेगी। ये पारी खत्म होने के बाद दूसरी टीम अगले 25 ओवर में लक्ष्य का पीछा करेगी।
क्यों शुरू हुई ये बहस ?
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जब जुलाई 2022 में वनडे क्रिकेट से संन्यास लिया था उसके बाद ही ये सवाल खड़ा हुआ था। उन्होंने कहा था, अभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जितने क्रिकेट मैच हो रहे हैं उसको देखते हुए तीनों फॉरमेट में खेलना मुश्किल है। स्टोक्स के संन्यास के बाद कहा जाने लगा कि वनडे क्रिकेट चूंकि बोरिंग है इसलिए इसे बंद कर देना चाहिए। इससे अधिक रोमांचक तो अब टेस्ट क्रिकेट हो गया है क्यों कि विस्फोटक बैटिंग या जादुई गेंदबाजी से अब नतीजे निकलने लगे हैं। टेस्ट मैच पहले की तरह उबाऊ नहीं रहे। जब कि वनडे क्रिकेट अब फीका पड़ रहा है। अगर वनडे के नियमों में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो इसे बचाना मुश्किल हो जाएगा।
नहीं तो वनडे क्रिकेट खत्म हो जाएगा !
पिछले साल वसीम अकरम, रविचंद्रन अश्विन, उस्मान ख्वाजा, क्वांटन डी कॉक जैसे क्रिकेट खिलाड़ियों ने वनडे क्रिकेट के प्रतिकूल राय रखी थी। अकरम ने कहा था, वनडे क्रिकेट अब बोझ की तरह हो गया है। 50 ओवर का मैच अब थकाऊ होता है। ऐसा लगता है कि इसे जबर्दस्ती खींचा जा रहा है। टी-20 क्रिकेट के आने से यह धीरे धीरे खत्म हो जाएगा। उस्मान ख्वाज ने कहा था, वनडे क्रिकेट अब धीरे धीरे मर रहा है। टी-20 के आगे वनडे कुछ खास नहीं लगता। यहां तक कि आर अश्विन ने भी वनडे को बोरिंग बताया था। उन्होंने कहा था, जब मैच देखते-देखते बोर हो जाता हूं तो टीवी बंद कर देता हूं। हैरानी की बात ये है कि जिस वसीम अकरम ने वनडे में 500 से अधिक विकेट लिये हैं उन्होंने ही इसका विरोध किया था। अकरम वनडे इतिहास के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं।
टी-20 लीग ने भी सोच बदली
मौजूदा समय में टेस्ट और टी-20 क्रिकेट पर अधिक जोर है। जिस तरह से फ्रेंचाइजी क्रिकेट (टी-20 लीग) दुनिया भर में मशहूर हो रहा है उससे भी क्रिकेट के समग्र रूप पर असर पड़ रहा है। फ्रेंचाइजी क्रिकेट मनोरंजन के साथ-साथ पैसा बनाने के जरिया है। अधिकतर खिलाड़ी अगल अलग देशों में टी-20 लीग खेलना पसंद करते हैं क्यों कि इससे उन्हें मोटा पैसा मिलता है। इसलिए उनकी प्राथमिकताएं बदल गयीं है। इन वजहों से भी वनडे क्रिकेट पर सवाल उठने लगे हैं। अब टी-20 की कौन कहे, टी-10 क्रिकेट लीग की भी शुरुआत हो चुकी है। क्रिकेट के छोटे प्रारूप की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
क्या वनडे वर्ल्ड कप ICC की नम्बर 1 प्रतियोगिता है ?
कुछ साल पहले तक वनडे वर्ल्ड कप प्रतियोगिता को आइसीसी का नम्बर एक ताज माना जाता था। जिसने वनडे वर्ल्ड कप प्रतियोगिता जीती उसे विश्वविजेता माना जाता था। लेकिन अब ये राय बदल चुकी है। 2022 में फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल्स क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने एक सर्वे किया था। इस सर्व में 400 क्रिकेट खिलाड़ियों से पूछा गया था, क्या वनडे वर्ल्ड कप आइसीसी की नम्बर एक प्रतियोगिता है ? इस सवाल के जवाब में सिर्फ 54 फीसदी खिलाड़ियों ने ही हां में इसका उत्तर दिया था। जब कि 2017 में करीब 86 फीसदी क्रिकेटरों ने वनडे वर्ल्ड कप प्रतियोगिता को ही नम्बर एक आयोजन बताया था। यानी पांच साल में ही वनडे समर्थक खिलाड़ियों की संख्या घट गयी।
दर्शक भी कम हो रहे
इस साल जनवरी में तिरुवनंतपुरम में भारत और श्रीलंका के बीच एकदिवसीय मैच खेला गया था। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 317 रनों के विशाल अंतर से हराया था। ऐसे मैच को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जुटनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैच के दौरान लगभग आधा स्टेडियम खाली रहा। 38 हजार क्षमता वाले स्टेडियम में केवल 17 हजार दर्शक पहुंचे थे। इस पर युवराज सिंह ने सवाल पूछा था, मुझे चिंता इस बात की है कि आधा स्टेडियम खाली क्यों है ? क्या वनडे क्रिकेट खत्म हो रहा है ? पांच साल पहले इसी मैदान पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे मैच हुआ था। बारिश की बाधा के बावजूद स्टेडियम भरा हुआ था। इसी सीरीज में गुवाहाटी वनडे में भी स्टेडियम पूरी तरह नहीं भरा था। यानी पांच साल में दर्शकों की रुचि भी वनडे क्रिकेट में कम हुई है।












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