सोनभद्र में महज 160 KG सोना, फिर तीन हजार टन सोना होने की बात कहां से फैली?
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में करीब तीन हजार टन सोना मिलने की बात जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) ने खारिज कर दी है। एजेंसी ने दावा किया कि खदान में 3000 हजार टन नहीं, बल्कि सिर्फ 160 किलो सोना मौजूद है। जीएसआई ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में करीब 3000 टन सोना मिलने की ऐसी कोई सूचना नहीं है। इस दावे के साथ ही सोने के भंडार मिलने जैसी खबरों पर रोक लग गई है। लेकिन अब सवाल उठता है कि आखिर सोनभद्र में तीन हजार टन सोना होने की बात कहां से फैली।

जानें कैसे फैली तीन हजार टन सोन की बात?
दरअसल, उत्तर प्रदेश के भूतत्व एवं खनिकम निदेशालय (माइनिंग डायरेक्टरेट) ने सोनभद्र के डीएम को 31 जनवरी 2020 का एक पत्र भेजा था, जिसमें सोनभद्र जिले के सोन पहाड़ी ब्लॉक में कुल 2943.26 टन और हरदी ब्लॉक में 646.15 किलोग्राम सोना होने की संभावना जताई गई है। यह पत्र बताता है कि सोनभद्र जिले के दो ब्लॉक में करीब तीन हजार टन सोना होने की संभावना है। 31 जनवरी का यह लेटर 19 फरवरी को सोनभद्र की स्थानीय मीडिया के हाथ लगा। देखते-देखते खबर आग की तरफ फैली की सोनभद्र में सोने की खदान मौजूद है। मीडिया में खबरें चलने लगीं। यही नहीं खुद यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह भगवान का आशीर्वाद है। सोना मिलने से भारत आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

जीएसआई ने खारिज किया दावा
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने शनिवार को इस संभावना को खारिज कर दिया। जीएसआई के निदेशक डॉ. जीएस तिवारी ने बताया कि सोनभद्र की खदान में 3000 टन सोना होने की बात जीएसआई नहीं मानता। सोनभद्र में 52806. 25 टन स्वर्ण अयस्क होने की बात कही गई है न कि शुद्ध सोना। सोनभद्र में मिले स्वर्ण अयस्क से प्रति टन सिर्फ 3. 03 ग्राम ही सोना निकलेगा। पूरे खदान से 160 किलो सोना ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि जीएसआई की ओर से इस तरह का डाटा किसी को नहीं दिया गया है। जीएसआई द्वारा इस जांच की यूएनएफसी मानक की जी-3 स्तर की रिपोर्ट भूतत्व खनिक कर्म निदेशालय को भेजी गई है।

सर्वे के बात साझा की जाती है जानकारी
उन्होंने कहा कि राज्य यूनिट के साथ सर्वे करने के बाद हम किसी भी धातु मिलने की जानकारी को साझा करते हैं। हमने (GSI, उत्तर क्षेत्र) ने इस क्षेत्र में 1998-99 और 1999-2000 में खुदाई की थी। वह रिपोर्ट यूपी के डीजीएम के साथ साझा कर दी थी ताकि वे आगे की कार्रवाई कर सकें। अधिकारी ने कहा था कि सोन पहाड़ी में करीब 2,943.26 टन सोना है जबकि हरदी ब्लॉक में लगभग 646.16 किलोग्राम सोना है। उन्होंने कहा कि जिले में सोना ढूंढने की कोशिश के बाद हमने अपनी रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं कहा था। उन्होंने कहा, रिपोर्ट में जीएसआई ने 52,806.25 टन अयस्क के संभावित श्रेणी का अनुमान मिला था।












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