LokSabha Elections 2024: कौन हैं डॉ. राजेश मिश्रा? जिन्हें बीजेपी ने सीधी से बनाया लोकसभा चुनाव का उम्मीदवार
MP BJP Candidate List: लोकसभा चुनाव 2024 का आगाज हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की 24 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। इसमें सीधी से डॉक्टर राजेश मिश्रा के नाम की घोषणा कर बीजेपी ने चौंका दिया है।
छात्र राजनीति से शुरुआत: डॉ राजेश मिश्रा लंबे समय से राजनीति से जुड़े रहे हैं। उन्होंने छात्र जीवन से अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी।मेडिकल की पढ़ाई के दौरान वर्ष 1979 इंदौर चिकित्सा महाविद्यालय में छात्रसंघ के अध्यक्ष बने थे। इसके बाद देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर में छात्र संघ से चयनित सदस्य का निर्वहन किया।

बहुजन समाजवादी पार्टी से सियासी सफर: डॉ. राजेश मिश्रा का सियासी सफर बहुजन समाज पार्टी से शुरू हुआ था। 2008 में वे सीधी विधानसभा से बतौर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। भाजपा की ओर से डॉ मिश्रा किसी भी चुनाव में पहली बार मैदान में होंगे।
कई राज्यों की जिम्मेदारी: भाजपा में शामिल होने के बाद डॉ मिश्रा संगठन के काम के लिए मुस्तैद रहे हैं। इस कारण पार्टी उन्हें जिलाध्यक्ष, चिकित्सक प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सहित विधानसभा चुनाव में असम, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा राज्य के कई जिले के प्रभारी रहते हुए विधानसभा चुनाव संपादित करवा चुके हैं। वहां वे पार्टी प्रत्याशी को सफलता दिलवाने में सफल रहे। वर्तमान में लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें अनूपपुर का प्रभारी बनाया गया है।
राजेश मिश्रा का जीवन परिचय: डॉ. राजेश मिश्रा चुरहट तहसील अंतर्गत अकौरी गांव के रहने वाले हैं। वहीं उनका जन्म हुआ। उन्होंने मेडिकल की शिक्षा इंदौर से प्राप्त कर चिकित्सा के क्षेत्र में शामिल हुए। जिला चिकित्सालय में शासकीय चिकित्सक के रूप में सेवा दिए। उसके बाद खुद का नर्सिंग होम संचालित करने लगे। इनके दो पुत्र हैं। बड़े बेटे डॉ. अजय मिश्रा शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूल का संचालन कर रहे हैं। छोटे बेटे डॉ. अनूप मिश्रा भी पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए शासकीय चिकित्सक बतौर जिला अस्पताल में नौकरी करने के बाद त्यागपत्र देकर निजी अस्पताल में सेवा दे रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में नाराजगी: डॉ. राजेश मिश्रा विधानसभा चुनाव में सीधी सीट से दावेदारी जता रहे थे। हालांकि उन्हें टिकट नहीं मिला, बल्कि पार्टी ने सांसद रीती पाठक को टिकट सौंप दिया। इससे नाराज होकर पार्टी के समस्त पदों से त्यागपत्र सौंप दिया था। माना जा रहा कि उनका यही बगावती तेवर इस बार टिकट दिलाने के काम आया।

जातिगत समीकरण: संसदीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता गोड़ जनजाति के हैं। यही कारण है कि इस सीट पर गोड़ जाति से पांच सांसद निर्वाचित हो चुके हैं। इस सीट से सात पंचवर्षीय गोंड़ जनजाति के नेता चुनाव जीतने में सफल रहे हैं।
टिकट क्यों: निवर्तमान सांसद रीती पाठक विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक निर्वाचित हो चुकी हैं। पार्टी ने यहां स्वच्छ छवि और डॉक्टरी पेशे का लाभ उठाते हुए ब्राह्मण कार्ड खेला।
संसदीय क्षेत्र की विस सीटों की स्थिति
चुरहट, सीधी, सिहावल, चितरंगी, सिंगरौली, देवसर, धौहनी, ब्योहारी।












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