हिमाचल: शहीद राकेश को अंतिम विदाई देने आए सैकड़ों लोग, पांच जवान अभी भी लापता
Shimla News, शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में भारत तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर खिसकने से चपेट में आये जेएंडके राइफल के जवान राकेश कुमार की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि उनके पैतृक गांव में कर दी गई। हालांकि पांच जवान अभी बर्फ में दबे हैं। उन्हें अभी तक निकाला नहीं जा सका है।

हिमस्खलन में शहीद
जैक राइफल के शहीद राकेश कुमार की पार्थिव देह को किन्नौर से उनके पैतृक गांव जिला बिलासपुर के शाहतलाई में लाया गया। उसके बाद सडक़ से उनके गांव तक पहुंचाया गया। शहीद राकेश कुमार की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटी उनके गांव पहुंची तो सैकड़ों की तादाद में लोगों ने अपने लाडले को अंतिम विदाई दी।

जवानों ने दी सलामी
बिलासपुर जिला की झंडूता तहसील के गांव घुमारपुर-घराण के श्मशान घाट में शहीद राकेश कुमार (41) पुत्र चरंजी लाल का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे ने शहीद राकेश कुमार को मुखाग्नि दी। पार्थिव देह लेकर साथ आए सेना के जवानों ने राकेश कुमार को सलामी दी।

ग्लेशियर खिसका और दबे 6 जवान
बता दें कि बुधवार को 16 जवान तिब्बत बार्डर पर नमज्ञा से शिपकिला की ओर वाटर सप्लाई को ठीक करने निकले लेकिन अचानक यहां ग्लेशियर खिसका व उसमें छह जवान दब गये, हलांकि बाकी ने भागकर अपनी जान बचाई। राहत और बचावा कार्य के दौरान बर्फ में दबे राजेश कुमार को निकाला गया और पूह अस्पताल पहुंचाया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

पांच जवानों का कुछ पता नहीं
पांच जवान अभी लापता है, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। यहां राहत व बचाव कार्य जारी रखना भी आसान नहीं हैं। इलाके का तापमान माइनस 15 डिग्री है और चार र्इंच से अधिक बर्फ जमी है। यही वजह है कि बीआरओ के जवानों ने मशीनों से बर्फ को हटाने का काम शुरू किया है। सेना ने कहा है कि जब तक जवान निकाले नहीं जाते तब तक राहत व बचाव कार्य जारी रहेगा।
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