बोले राज्यपाल- प्रदेश में जरूरी हैं रक्षा अकादमी, बने विश्राम गृह

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शिमला। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने हिमाचल में रक्षा आकदमियों खोलने पर बल दिया जिससे राज्य के युवाओं को रक्षा बलों में भर्ती के लिए सेवा चयन बोर्ड की परीक्षा उतीर्ण करने में मदद मिल सके।

उन्होंने कहा कि इन अकादमियों से अभ्यर्थियों को रक्षा बलों के प्रति रूचि पैदा होगी और इससे इन बलों में अधिकारियों की कमी दूरी होगी साथ ही प्रदेश के युवाओ को रोजगार के अवसर भी मिलेंगें।

राज्यपाल आज यहां राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड की 25वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा यहां की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण देश की सीमाओं की रक्षा के लिए प्राकृतिक रूप से सक्षम हैं।

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प्रदान किए जाएं अधिक अवसर

उन्होंने कहा कि इन युवाओं को कठिन परिस्थितियों में रहने के कारण ऐसे परिदृश्य में सेवा प्रदान करने का अधिक अनुभव है और उन्हें रक्षा सेवाओं में और अधिक अवसर प्रदान किये जाने चाहिए।

उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के पुर्नरोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उनके पुनर्वास के लिए के कारगर कदम उठाए जाने चाहिए। 

आचार्य देवव्रत ने सशस्त्र बलों में भूतपूर्व सैनिकों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके हितों की रक्षा हर हाल में की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम आरम्भ किये गये हैं, जिनकी तीव्र एवं प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए।

उन्होंने केन्द्र तथा राज्य सरकारों द्वारा भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे अनेक कल्याणकारी कार्यक्रमों की सराहना की।

सैनिक बोर्ड की बैठक का आयोजन आज यहां राजभवन में किया गया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार पूर्व सैनिकों तथा सेवारत सैनिकों के कल्याण के प्रति कृतसंकल्प है।

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जिन्हें नहीं मिल रही पेंशन

उन्होंने कहा कि जिन पूर्व सैनिकों को किसी भी प्रकार की पेंशन नहीं मिल रही है उन सैनिकों को पेंशन देने के उददेश्य से यह मामला बजट स्पीच में लाया जाएगा ताकि उन्हें भी नियमित पेंशन की सुविधा प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने बैठक में स्वीकृति दी कि युद्ध विधवाओं की सुपुवित्रयों के विवाह के लिए दी जाने वाली सहायता को 15 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया जाए। उन्होंने सैनिक कल्याण विभाग में रिक्त पड़े पदों को भी भरने की स्वीकृति दी, जिन पर पूर्व सैनिकों की तैनाती की जाती है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में मिलिटरी स्टेशन स्थापित करने के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलन में 1.60 करोड़ रुपये की लागत से सैनिक विश्राम गृह का पुननिर्माण भी किया जाएगा, जिसमें पार्किंग का प्रावधान भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सैनिक विश्राम गृहों की मरम्मत तथा निर्माण के लिए 2.50 करोड़ जारी किए गए हैं। पूर्व सैनिकों को उनके कल्याण से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए टॉल फ्री नम्बर लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की।

प्रदेश के पूर्व सैनिकों के बच्चों को सेना में एसएसबी की कोचिंग के लिए प्रोत्साहन राशि को 6 हजार रुपये कर दिया गया है। पूर्व सैनिकों तथा उनके बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष निधि से छात्रवृतियों के लिए आय सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है, ताकि ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

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छात्रवृत्ति की योजना स्वीकार

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय डिफेंस अकादमी, खड़कवासला तथा टेक्निकल एंट्री योजना में हिमाचल प्रदेश के युवाओं को दी जाने वाली छात्रवृति को भी बढ़ाने के स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि सैनिक विश्रामगृहों में आवश्कता के अनुसार चौकीदार-कम-वेटर के पदों की संख्या बढ़ा कर उनकी शीघ्र तैनाती की स्वीकृति भी प्रदान की।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एवं सैनिक कल्याण मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि पूर्व सैनिकों का कल्याण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।

इस वर्ष शौर्य पुरस्कार के तहत तीन करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है तथा पूर्व सैनिकों को वृद्धावस्था आर्थिक सहायता योजना के तहत 6.50 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देकर लभान्वित किया गया है। इसके अतिरिक्त, शहीदों के परिवारों को 1.15 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि जारी की गई है।

इस अवसर पर निदेशक सैनिक कल्याण बोर्ड ब्रिगेडियर एस.के. वर्मा ने विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।

मुख्य सचिव श्री वी.सी. फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी व अन्य अधिकारी भी अन्यों के अलावा इस अवसर पर उपस्थित थे।

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English summary
Governor Said Defence Academy in state are necessary, make resort of soldires
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