Pulwama Attack में शहीद हुए शामली के प्रदीप और अमित कुमार, दो दिन पहले ही ड्यूटी पर गए थे प्रदीप

Shamli News, शामली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Blast) के अवन्तीपुरा के गोरीपुरा इलाके में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर बड़ा फिदायीन आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के दो जवान शहीद हो गए। दोनों जवानों के शहादत की खबर घर पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। बता दें कि इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।

शामली के प्रदीप और अमित हुए शहीद

शामली के प्रदीप और अमित हुए शहीद

शहीद होने वालों में आदर्श मंडी क्षेत्र के बनत के प्रदीप कुमार प्रजापति और रेलपार कालोनी के अमित कुमार शामिल हैं। शहीद जवान प्रदीप का मकान बनत के मोहल्ला प्रतापनगर में है। वर्ष 2003 में प्रदीप सीआरपीएफ की 21वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। उनकी ड्यूटी डल झील पर पर्यटकों की सुरक्षा में लगी थी। पत्नी कामिनी के अलावा प्रदीप के दो बेटे सिद्धार्थ (15) और चीकू (14) हैं। बड़ा बेटा इंटर में और छोटा कक्षा हाईस्कूल में पढ़ता है।

चरेरे भाई की शादी में शामिल होने आए थे छुट्टी

चरेरे भाई की शादी में शामिल होने आए थे छुट्टी

बता दें कि प्रदीप चार दिन पहले ही अपने चचेरे भाई दीपक की शादी में शामील होने के लिए बनत आए थे। दो दिन पूर्व ही वह ड्यूटी पर गए थे। प्रदीप के परिजनों ने बताया की शाम को करीब 6:30 बजे उनके घर पर फोन आया था जिस पर उन्हें बताया गया कि आतंकियों द्वारा किए गए हमले में उनका बेटा प्रदीप शहीद हो गया। बेटे के शहीद होने की बात सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

अपने घर में सबसे बड़ा था प्रदीप

अपने घर में सबसे बड़ा था प्रदीप

प्रदीप के पिता जगदीश शामली में शुगर मिल में कर्मचारी के पद से रिटायर हो चुके हैं। जगदीश के तीन बेटे हैं जिनमें कि प्रदीप सबसे बड़ा बेटा था जो 2003 में बरेली से सीआईएसफ में भर्ती हुआ था। जगदीश का दूसरा बेटा अमित है जो कि आर्मी में था और अभी 31 जनवरी 2018 को आर्मी से सेवानिवृत्त हुआ है। जगदीश प्रसाद का तीसरा बेटा नवीन है जो कि फार्मेसिस्ट है और शामली के एक निजी नर्सिंग होम में कार्य करता है।

20 दिसंबर 2017 को सेना में हुआ था शामिल

20 दिसंबर 2017 को सेना में हुआ था शामिल

दूसरी ओर इसी आतंकी हमले में रेल पार कालोनी निवासी अमित भी शहीद हुए हैं। अमित 20 दिसंबर 2017 को रामपुर से सीआईएसफ में भर्ती हुआ था। जिसकी पहली तैनाती बारामुला में हुई थी।

पांच भाइयों में सबसे छोटा था अमित

पांच भाइयों में सबसे छोटा था अमित

अमित के पिता सोहनलाल मुनीम का कार्य करते हैं। बता दें कि शहीद सैनिक अमित पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। सोनलाल का बड़ा बेटा प्रमोद इलेक्ट्रिक की दुकान करता है। दूसरा बेटा फोटोग्राफर का कार्य करता है। तीसरा बेटा अकाउंटेंट है वह छोटा बेटा प्राइवेट टीचर है और पांचवां अनिल सीआईएसफ कांस्टेबल था। सोहन पाल की एक बेटी भी है जिसकी की शादी हो चुकी है।

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